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वेजाइनल इन्फेक्शन को दूर करने में प्रोबायोटिक्स है फायदेमंद, जानिए कैसे करता है काम

प्रोबायोटिक्स हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है. Image Credit : Pixabay

प्रोबायोटिक्स हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहा है. Image Credit : Pixabay

Probiotics For Vaginal Health: योनि (Vaginal) संक्रमण से बचाव के लिए प्रोबायोटिक्स (Probiotics) का उपयोग फायदेमंद (Benefits) माना जाता है लेकिन यह कितना फायदेमंद है यहां जानते हैं.

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    Probiotics For Vaginal Health: प्रोबायोटिक का प्रयोग इन दिनों काफी प्रचलित हो रहा है. लोग इसे किसी भी तरह के इनफेक्‍शन से बचाव का उपाय मान रहे हैं. खास तौर पर इसका प्रयोग डाइजेशन को ठीक रखने के लिए कर रहे हैं. हेल्‍थलाइन के मुताबिक, प्रोबायोटिक (Probiotics) दरअसल हेल्‍दी बैक्‍टीरिया को कैरी करता है जो किसी भी बाहरी बैक्‍टीरिया से हमारा बचाव करते हैं.  विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोबायोटिक्स न केवल आपकी आंतों के लिए बल्कि योनि (Vaginal) के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो रहा है. हालांकि वैज्ञानिक अभी भी इसे प्रमाणित करने के लिए कई अन्‍य शोधों की जरूरत समझ रहे हैं.

    पीएच लेवल को रखता है बैलेन्‍स

    हेल्‍थलाइन में छपे आलेख में न्‍यूयॉक इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेकनोलॉजी के हेल्‍थ साइंस डिपार्टमेंट के डॉ मिन्‍डी हार्ड ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आशाजनक शोध हुए हैं जो यह दर्शाते हैं कि योनि के पीएच संतुलन में परिवर्तन से होने वाली समस्‍या के उपचार में प्रोबायोटिक्स काफी प्रभावी साबित हो रहे हैं.

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    कैसे करता है काम

    दरअसल वजाइना में करीब 50 टाइप के माइक्राब्‍स होते हैं जिनमें से कुछ माइक्रोब्‍स बाहरी संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने और हेल्‍दी रखने का काम करते हैं. ऐसे में जब अनप्रोटेक्‍टेड सेक्‍स, हार्मोनल बदलाव, पीरियड, हाइजीन का अभाव आदि स्थिति बनती है तो ये एक्टिव हो जाते हैं और वजानइना को सुरक्षा देते हैं.

    वजाइनल इंबैलेन्‍स क्‍या है

    वजाइनल इंबैल्‍सेंस की स्थिति में वजाइना से बदबू, डिस्‍चार्ज होना, असहजता, खुजली आदि होती है जो दरअसल बैक्‍टीरियल इनफेक्‍शन, यीस्‍ट इनफेक्‍शन और यूटीआई आदि का लक्षण होता है.

    क्‍या कहना है विशेषज्ञों का

    विशेषज्ञ ऐसा मानते हैं कि वजाइनल पीएच लेवल को बैलेंस करने और इस तरह के इंनफेक्‍शन को दूर रखने के‍ लिए महिलाओं को अपने भोजन में दही या प्रोबायोटिक्‍स कैप्‍सूल आदि को शामिल करना चाहिए. 1996 के एक शोध में पाया गया था जिन महिलाओं ने अपने भोजन में प्रोबायाटिक्‍स का अधिक सेवन किया उन्‍हें ऐसी समस्‍या का सामना नहीं करना पड़ा.

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    कई अन्‍य शोधों में भी कुछ ऐसे ही नतीजे देखने को मिले. हालांकि केवल प्रोबायोटिक के सेवन से ही यह जरूरी नहीं कि आप वजाइनल इनफेक्‍शन से बच सकते हैं या इस समस्‍या का इलाज कर सकते हैं. लेकिन यह भी सच है कि प्रोबायोटिक किसी हद तक इसमें फायदेमंद साबित हो सकते हैं.

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