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ओमिक्रॉन से मुकाबला करने के लिए क्या इम्यूनिटी बूस्ट करना ही बेस्ट उपाय है, जानिए सच्चाई

ओमिक्रॉन से मुकाबला करने के लिए क्या इम्यूनिटी बूस्ट करना ही बेस्ट उपाय है, जानिए सच्चाई

जिन लोगों को पहले कोविड-19 का संक्रमण हो चुका है, उन्हें ओमिक्रॉन वेरिएंट से इंफेक्शन होने का ज्यादा खतरा है.  (Image: Shutterstock)

जिन लोगों को पहले कोविड-19 का संक्रमण हो चुका है, उन्हें ओमिक्रॉन वेरिएंट से इंफेक्शन होने का ज्यादा खतरा है. (Image: Shutterstock)

strong immunity and omicron: कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने पूरी दुनिया में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है. जैसे ही कोरोना के मामले कम होने शुरू होते हैं कोई न कोई नया वेरिएंट सामने आ ही जाता है. ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि क्यों न अपनी इम्यूनिटी (immunity)को ही बूस्ट कर कोरोना के नए-नए रूपों से मुकाबला किया जाए. अब तक ओमिक्रॉन (Omicron)को लेकर भी बहुत कुछ साफ नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) ने ओमिक्रॉन वेरिएंट (omicron Variant) को चिंता का विषय जरूर माना है लेकिन इसकी स्पष्ट गंभीरता का आकलन अब तक नहीं हो सका है.

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    strong immunity and omicron: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) ने ओमिक्रॉन वेरिएंट (omicron Variant) को चिंता का विषय माना है. हालांकि अब तक यह साफ नहीं हुआ है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट डेल्टा जैसे वेरिएंट के मुकाबले ज्यादा तेजी से दूसरे को संक्रमित करता है या नहीं. डब्ल्यूएचओ (WHO)ने अपने शुरुआती आकलन के आधार पर बताया है कि ओमिक्रॉन वेरिएंट में रिइंफेक्शन (Reinfection) की क्षमता ज्यादा है. इसका मतलब यह हुआ कि जिन लोगों को पहले कोविड-19 का संक्रमण हो चुका है, उन्हें ओमिक्रॉन वेरिएंट से इंफेक्शन होने का ज्यादा खतरा है. हालांकि ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर जिस तरह लोगों के मन में डर है, उसमें एक बार फिर से लोगों को अपनी इम्यूनिटी (immunity)मजबूत करने की ओर प्रेरित कर दिया है.

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    इम्यून सिस्टम को मजबूत होने की जरूरत
    हालांकि जब तक कोविड के नए-नए रूप या म्यूटेशन सामने आते रहेंगे तब तक लोगों के मन में डर बना रहेगा. अच्छी बात यह है कि अभी तक ओमिक्रॉन वेरिएंट को लेकर कोई खतरनाक किस्म के लक्षण या जोखिम सामने नहीं आए हैं. अब तक इस बात का भी कोई प्रमाण नहीं है कि लंबे समय तक हमारी बॉडी का इम्यून सिस्टम इस तरह के नए-नए रूपों के खिलाफ किस तरह से काम करेगा. ऐसे में यह सवाल लाजमी है कि क्या कोरोना वायरस के नए-नए रूपों से मुकाबला करने के लिए हमारे इम्यून सिस्टम को उभर कर सामने आने की जरूरत है.

    आयु शक्ति (Ayushakti) की कोफाउंडर डॉ स्मिता नारम (Dr. Smita Naram) ने हिन्दुस्तान टाइम्स को बताया है कि नए-नए कोरोना वायरस के वेरिएंट से मुकाबला करने के लिए हमारे इम्यून सिस्टम को ज्यादा लचीला और विकसित होने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इसका एक संभावित समाधान यह है कि बदलते परिदृश्य को देखते हुए लोग अपने शारीरिक परिवर्तनों के प्रति सतर्क रहें और अपने इम्यून सिस्टम को बूस्ट करें.

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    कोरोना गाइडलाइन का पालन बेहतर उपाय

    डब्ल्यूएचओ ने अपनी सलाह में कहा है कि जो लोग सार्वजनिक नियमों का सही से पालन करते हैं, मास्क को सही तरीके से लगाते हैं, हैंड हाइजीन का ख्याल रखते हैं, फिजिकल डिस्टेंस अपनाते हैं, उन्हें कोरोना के किसी भी रूप का जोखिम बहुत कम है. डब्ल्यूएचओ ने यह भी सलाह दी है कि लोगों को अपने घरों मे पर्याप्त वेंटिलेशन में रहना चाहिए, साथ ही भीड़भाड़ वाली जगहों से बचनी चाहिए. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए वैक्सीन लगाना जरूरी है.

    Tags: Health, Lifestyle, Omicron

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