अपना शहर चुनें

States

खूब लें पावर नैप और बढ़ाएं दिमाग की कारीगरी

पावर नैप बढ़ाती है दिमाग की एक्टिविटी. Image: Pixabay
पावर नैप बढ़ाती है दिमाग की एक्टिविटी. Image: Pixabay

Power Nap Boost Brain Activity: काम करते-करते नींद आ जाती है, भले ही यह कुछ पलों की ही क्यों न हो तो अब खुश हो जाएं .ये पॉवर नैप (Power Nap) है जो आपके दिमाग की एक्टिविटी (Activity) को बढ़ा देती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2021, 4:23 PM IST
  • Share this:
क्या आप भी दिन-प्रतिदिन आने वाली अपनी झपकी या नैप (Nap) को लेकर अक्सर शर्मिंदा होते हैं, लेकिन इसे लेकर गिल्ट फील करने की कतई जरूरत नहीं है, क्योंकि स्टडीज से ये साबित हो चुका है कि लंच के बाद ऊंघना या पावर स्नूज (Power Snooze) आपके दिमाग की गतिविधि को बढ़ा सकता है. लेकिन यहां यह बात गौर करने वाली है कि इन नैप्स के बीच का अंतराल (Interval) भी मायने रखता है. हम यहां आपको बताने जा रहे हैं कि पावर नैप्स का हमारे दिमाग पर क्या असर पड़ता है.

समझें पावर नैप कोः

जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन जेरिएट्रिक्स सोसाइटी में छपे जर्नल के मुताबिक , 30 से 90 मिनट की झपकी  वयस्कों में मस्तिष्क की गतिविधियों को बढ़ावा देती है. हालांकि, इस वक्त से ज्यादा स्नूज या झपकी समझ और तर्क के साथ ही याददाश्त में परेशानी की तरफ इशारा करती है. जॉन्स हॉपकिन्स सेंटर फ़ॉर स्लीप डिसऑर्डर के एक मेडिकल डायरेक्टर, चार्लीन गैमाल्डो के मुताबिक, नैपिंग एक अच्छी बात है. हालांकि, आपको इसे अपने परिस्थिति और अपनी नींद और बॉडी के साइकल के अनुसार लेना चाहिए. उनके मुताबिक बूढ़े लोगों में लंबी स्नूज उनकी अनुभूति (cognition) पर असर करती है.



ये भी पढ़ेंः Sound Sleep Benefits: अच्छी और गहरी नींद लेने के ये हैं 5 बड़े फायदे
अच्छी याददाश्त बरकरार रखने के लिएः  

सारलैंड यूनिवर्सिटी के रिसचर्स ने देखा कि कैसे एक घंटे की झपकी ने 41 व्यक्तियों की मेमोरी पर असर डाला. उन्होंने देखा कि पावर नैप लेने वाले की परफॉर्मेंस मेमोरी के मामले में अन्य की तुलना में बेहतर थी. जर्नल न्यूरोबायोलॉजी ऑफ लर्निंग एंड मेमोरी के एक्सल मेक्लिंगर के मुताबिक, 45 से 60 मिनट की झपकी से मेमोरी रिकवरी में पांच गुना सुधार होता है. भले ही रिसचर्स मानते है कि झपकी लेना आपकी याददाश्त को बढ़ाता है, लेकिन कभी भी माइक्रोस्लीप (Microsleep) और पावर स्नूज को लेकर कंफ्यूजन में न रहें. माइक्रोस्लीप एक से दस सेकंड से भी कम समय की छोटी, बेकाबू नींद की अवधि होती है और यह तब आती है जब आप बेहद थके होते हैं और जागते रहने की कोशिश में होते हैं. मसलन जब आप ड्राइविंग कर रहे हों तो माइक्रोस्लीप आपको खतरे में डाल सकती है.

लंबी नैप्स बन सकती है परेशानीः  

नैप्स या झपकियां फायदा ही नहीं पहुंचाती बल्कि देर तक झपकी लेना परेशानी भी पैदा कर सकता है. इससे आपको अस्थायी उनींदेपन की परेशानी झेलनी पड़ सकती है. जो लोग अधिक लंबे वक्त तक झपकी लेते हैं, वे जागने के बाद चक्कर महसूस कर सकते हैं. अधिक नींद की अवस्था से जागने की वजह से वे कंफ्यूजन में रह सकते हैं. इसके साथ ही लंबी नैप्स लेने से रात में ठीक से नींद न आने की परेशानी भी हो सकती है. ऐसे मामलों में, आप अपनी झपकी के समय को सीमित करने पर विचार कर सकते हैं. माइक्रोस्लीप बुरी सेहत और उम्र कम होने की तरफ भी इशारा करती है, इसलिए,लोगों को  सही तरीके और क्वालिटी वाला रेस्ट लेना चाहिए.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज