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Exercise benefits: डिप्रेशन में एक्सरसाइज करने से बेहतर होती है मेंटल हेल्थ- स्टडी

Exercise benefits: डिप्रेशन में एक्सरसाइज करने से बेहतर होती है मेंटल हेल्थ- स्टडी

एक्सरसाइज करने वालों में एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्या बहुत कम होती है.  (Image: Shutterstock)

एक्सरसाइज करने वालों में एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्या बहुत कम होती है. (Image: Shutterstock)

Exercise improves mental health in depression: कोरोना महामारी के दौरान अवसाद (Depression) और बेचैनी (anxiety) दुनिया के सामने बहुत बड़ी परेशानी बनकर सामने आई है. लेकिन इन परेशानियों से उबरने का सबसे बेहतर तरीका है एक्सरसाइज (Exercise). एक अध्ययन में पाया गया है कि जिन लोगों ने कोविड-19 महामारी के दौरान ज्यादा एक्सरसाइज की, उन लोगों में एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्या बहुत कम रही जबकि जिन लोगों ने एक्सरसाइज पर कम ध्यान दिया, उन्हें एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्याओं का सामना ज्यादा करना पड़ रहा है.

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    Exercise improves mental health in depression: एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि हेल्दी लाइफ जीने के लिए एक्सरसाइज (Exercise) बहुत जरूरी है. एक्सरसाइज न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य (Mental health) को भी सही करती है. अमेरिका के केजर पर्मानेंटे रिसर्च ( Kaiser permanente research ) द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है कि जिन लोगों ने कोविड-19 महामारी के दौरान ज्यादा एक्सरसाइज की, उनलोगों में एंग्जाइटी और डिप्रेशन की समस्या बहुत कम हो गई जबकि जिन लोगों ने एक्सरसाइज पर कम ध्यान दिया, उनमें डिप्रेशन, एंग्जाइटी की समस्या बहुत अधिक देखी गई. एएनआई न्यूज के मुताबिक इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि महामारी के दौरान जिन लोगों ने घर के बाहर ज्यादा समय बिताया, उनलोगों में भी एंग्जाइटी और डिप्रेशन का स्तर बहुत कम था. इस अध्ययन को प्रीवेंटिव मेडिसिन जर्नल (preventive medicine journal) में प्रकाशित किया गया है.

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    बिपरीत परिस्थिति में भी एक्सरसाइज करें
    इस अध्यनयन में अमेरिका के छह अलग-अलग हिस्सों के लोगों को शामिल किया गया था. अध्ययन के प्रमुख लेखक देबोराह रोम योंग (Deborah Rohm Young) ने बताया कि इस अध्ययन ने हमें एक्सरसाइज के महत्व को समझाया है. उन्होंने कहा कि जब महामारी अपने चरम पर थी, तब भी कुछ लोगों ने अपनी फिजिकल एक्टिविटी को बनाए रखा. इसका परिणाम भी देखने को मिला. योंग ने कहा कि कैसी भी परिस्थिति हो, लोगों को फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज से परहेज नहीं करना चाहिए. हमें विपरीत परिस्थिति में भी लोगों को एक्सरसाइज के लिए प्रेरित करना चाहिए.

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    फिजिकल एक्टिविटी हर हाल में मेंटेंन हो
    देबोराह रोम योंग ने बताया कि हम सब एक्सरसाइज के फायदे से अवगत है. इसलिए जब कभी भी इस तरह की आपातकालीन परेशानी भी आ जाए, तो हमें अपने पार्कों और अन्य प्राकृतिक स्थलों को खुला ही रहने देना चाहिए. इससे लोगों की फिजिकल एक्टिविटी प्रभावित नहीं होगी. उन्होंने कहा कि मार्च 2020 में जब कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया, तब बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सभी चीजों को बंद कर दिया गया था. बिजनेस से लेकर लोगों की आवाजाही तक सब बंद हो गई थी. ऐसी स्थिति में लोगों को बड़ी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा. लोगों का सामाजिक जीवन पूरी तरह से बंद हो गया था. अधिकांश लोगों में चिंता, अवसाद, बेचैनी जैसी मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा था. लेकिन इन बिपरीत पस्थितियों में जिन लोगों ने अपनी फिजिकल एक्टिविटी को किसी तरह से मेंटेन किया, उनमें एंजाइटी या डिप्रेशन की परेशानी बहुत कम देखने को मिली.

    Tags: Health, Lifestyle

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