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क्‍या कोरोना डाल रहा हार्ट पर गहरा असर? क्‍या हो सकती हैं बीमारियां, जानें

क्‍या कोरोना डाल रहा हार्ट पर गहरा असर? क्‍या हो सकती हैं बीमारियां, जानें

कोरोना के बाद हार्ट डिजीज बढ़ी हैं.

कोरोना के बाद हार्ट डिजीज बढ़ी हैं.

जीबी पंत अस्‍पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. मोहित गुप्‍ता कहते हैं कि देखा गया है कि कोरोना दिल को चुपचाप प्रभावित करता है. कोविड वैसे भी हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर आदि कई चीजें कर सकता है. इसके साथ ही अगर कोई हार्ट का पहले से मरीज है तो उस पर भी कोविड का गहरा असर पड़ सकता है.

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नई दिल्‍ली. कोरोना महामारी के बाद से हार्ट संबंधी बीमारियों की समस्‍या बढ़ गयी है. यहां तक कि साल 2020 से शुरू हुई कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान भी देखा गया कि जिन लोगों को गंभीर कोरोना हुआ था वे अस्‍पताल में जाने के बाद कोविड से ठीक हो गए लेकिन कुछ ही दिनों के भीतर हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर की वजह से उनकी मौत हो गई. विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी कोरोना के बाद जो मौतें देखी गई हैं उनमें एक बड़ा आंकड़ा हार्ट की बीमारियों का है. हार्ट के साथ-साथ किडनी और लिवर की परेशानियां भी लोगों के लिए मुसीबत बनी हैं. वहीं डब्ल्यूएचओ का यह भी दावा है कि 75 फीसदी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज से मौत विकासशील देशों में हो रही है और भारत की बात की जाए तो 27 फीसदी मौतें दिल की बीमारियों से हो रही हैं.

दिल्‍ली स्थित जीबी पंत अस्‍पताल के कार्डियोलॉजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. मोहित गुप्‍ता कहते हैं कि देखा गया है कि कोरोना दिल को चुपचाप प्रभावित करता है. कोविड वैसे भी हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर आदि कई चीजें कर सकता है. इसके साथ ही अगर कोई हार्ट का पहले से मरीज है तो उस पर भी कोविड का गहरा असर पड़ सकता है. कोरोना की वजह से हार्ट के कितने मरीज बढ़े हैं या किस दर से बढ़े हैं ये तो सही सही आंकड़े देना मुश्किल है लेकिन हार्ट के मरीज आ रहे हैं. जहां तक युवाओं की बात है तो उनके प्रभावित होने के कई फैक्‍टर हैं जैसे लाइफस्‍टाइल डिसऑर्डर, तनाव, कोविड या लांग होल कोविड की वजह से भी ये बीमारी पैदा हो सकती है. लांग होल कोविड में कोरोना होने के तीन महीने बाद मरीजों में चार चीजें प्रमुखता से देखी जा रही हैं इनमें सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, बेहोशी आना और कमजोरी शामिल हैं और उनका हार्ट पर काफी प्रभाव पड़ता है.

बीएचयू के शोध में भी हार्ट डिजीज की जानकारी
कोविड के बाद करीब तीन महीने पहले बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में भी एक शोध पत्र जारी किया गया था. जिसमें बताया गया कि जो मरीज गंभीर कोरोना होने के कारण अस्‍पताल में भर्ती रहे या जिनमें गंभीर लक्षण दिखाई दिए, उनमें दिल में संक्रमण की समस्‍या देखी गई थी. बीएचयू के जूलाजी विभाग की शोधकर्ता अद्वितीया बंदोपाध्याय की ओर से पेश किए गए इस शोध पत्र को फ्रंटियर्स इन कार्डियोवस्कुलर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित किया गया था. इसमें बताया गया कि कोरोना संक्रमण जिस तेजी से फेफड़ों को प्रभावित कर रहा था, उसी के साथ यह दिल को भी नुकसान पहुंचा रहा था. हालांकि इसका असर लांग कोविड के रूप में कोरोना होने के 3-4 महीने बाद दिखाई दे रहा था. उन्‍होंने पाया कि कोरोना से संक्रमित होने के बाद व्‍यक्ति के शरीर में ऑक्‍सीजन की मांग बढ़ जाती है लेकिन उसकी आपूर्ति उस मात्रा में नहीं हो पाती तो इसका प्रभाव दिल पर पड़ता है. इसमें व्‍यक्ति को सीने में दर्द की शिकायत भी रहती है जो हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट में बदल सकती है.

ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी का शोध भी कहता है ये ….
कोरोना का न केवल दिल पर बल्कि लगभग सभी अंगों पर प्रभाव देखा गया है. कोरोना के बाद अस्‍पतालों में बढ़े मरीजों को लेकर कई जगहों पर शोध और अध्‍ययन किए गए. इसी को लेकर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के किए एक शोध में कहा गया कि कोरोना से ठीक होने के एक महीने के अंदर ही 50 फीसदी मरीजों को हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है. कोरोना होने के बाद लोगों में हाई बीपी या हाइपरटेंशन भी देखा गया है. कोविड-19 का संक्रमण शरीर में इंफ्लेमेशन को बढ़ावा देता है, इससे हार्ट की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और दिल की धड़कन पर भी प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा कोरोना के बाद लंबे समय तक खून गाढ़ा होने की भी दिक्‍कत सामने आती है. इससे हार्ट फेलियर, ब्लड प्रेशर की दिक्कत और धड़कन की गति तेज या धीमी होने की संभावना पैदा होती है.

इन चीजों पर ध्‍यान दें लोग
विशेषज्ञ कहते हैं कि कोरोना हो या न हो लेकिन हार्ट को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है. किसी मरीज को अगर एसिडिटी या गैस बनने की समस्या होती है तो इसे लेकर सावधान रहें. कभी कभी ये हार्ट डिजीज की ओर से भी इशारा करती है. इस दौरान अगर सांस लेने में दिक्‍कत आ रही है, दिल की तरफ या सीने में कहीं दर्द हो, बेहोशी हो रही है या बेचैनी बढ़ रही है, हार्टबर्न या पेट में दर्द, जी मिचलाना, हाथ में अचानक खिंचाव महसूस हो, खांसी है तो ये दिल की बीमारी के प्राथमिक लक्षण हो सकते हैं. अगर ये लक्षण कोविड होने के तुरंत बाद या कुछ महीनों के बाद दिखाई दे रहे हैं तो भी संभव है कि ये हार्ट की परेशानियों को लेकर आगाह कर रहे हों. इसलिए इन लक्षणों पर तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें. अगर बार बार ब्‍लड प्रेशर भी बढ़ या घट रहा है तो भी डॉक्‍टर को जरूर दिखाएं.

Tags: Corona Virus, Health News, Heart attack, Heart Disease

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