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घर में चंचल बच्‍चे हैं तो टिटनेस शॉट के बारे में जरूर जानें, आता है बहुत काम

घर में चंचल बच्‍चे हैं तो टिटनेस शॉट के बारे में जरूर जानें, आता है बहुत काम

टिटनेस का इंजेक्‍शन ना लगाया जाए तो दस दिनों में इसके लक्षण आने लगते हैं. Image Credit : shutterstock

टिटनेस का इंजेक्‍शन ना लगाया जाए तो दस दिनों में इसके लक्षण आने लगते हैं. Image Credit : shutterstock

Everything You Need To Know About Tetanus : बच्चों को चोट लगना भी एक आम बात है लेकिन खेल कूद में अगर उन्‍हें कील या शीशे आदि से कट जाए और खून निकले तो इसे हल्‍के में नहीं लेना चाहिए, उन्‍हें 24 घंटे के भीतर टिटनेस शॉट(Shot) लेना बहुत ही जरूरी है. बच्‍चे ही नहीं, वयस्‍कों को भी टिटनेस शॉट लेना जरूरी होता है. छोटी बड़ी दुघर्टनाओं में टिटनेस (Tetanus) का टीका (Vaccine) क्‍यों जरूरी है यहां हम आपको बताने जा रहे हैं. जानिए यहां विस्‍तार से इसके बारे में.

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    Everything You Need To Know About Tetanus : बच्‍चे (Kids) चंचल होते ही हैं और उन्‍हें चोट लगना भी एक आम बात है लेकिन खेल कूद में अगर उन्‍हें कील या शीशे आदि से कट जाए और खून निकले तो इसे हल्‍के में नहीं लेना चाहिए, उन्‍हें 24 घंटे के भीतर टिटनेस शॉट(Shot) लेना बहुत ही जरूरी है. बच्‍चे ही नहीं, वयस्‍कों को भी टिटनेस शॉट लेना जरूरी होता है. मायोक्‍लीनिक के मुताबिक, दरअसल टिटनेस (Tetanus) तंत्रिका तंत्र की एक गंभीर बीमारी है जो विष पैदा करने वाले जीवाणु के कारण होती है. टिटनेस होने पर मांसपेशियों में तेजी से संकुचन होने लगता है. विशेष रूप से जबड़े और गर्दन की मांसपेशियों में. इसे लॉकजॉ के नाम से भी जाना जाता है. टिटनेस एक गंभीर जानलेवा बीमारी है जिसका आज तक कोई इलाज नहीं. ऐसे में जरूरी है कि सही समय पर टिटनेस शॉट ले लिया जाए.

    क्या है टिटनेस

    यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम के अंदर होने वाली एक गम्भीर बीमारी है जो बैक्टीरिया से होती है. हालांकि यह संक्रमण नहीं फैलाती लेकिन जानलेवा हो सकती है. ऐसे में टिटनेस का वैक्सीन 24 घंटे के अंदर लेना बहुत ही जरूर होता है.

    बच्चे को टिटनेस से बचाने के उपाय

    मायोक्‍लीनिक  के अनुसार, बच्चे को पहले 3 शॉट 2, 4 और 6 महीने की उम्र में लगाया जाता है. चौथा शॉट उसे 12 महीने से 18 महीने तक की उम्र में लगाया जाता है. इसके बाद 4 से 6 साल की उम्र के बीच में उसे अगला शॉट दिया जाता है. रेगुलर चेक अप के दौरान एक टीडीएपी शॉट भी दिया जाता है. बच्‍चे के जन्‍म से पहले यानी प्रेगनेंट महिलाओं को भी एक टिटनेस का शॉट 27 से 36 हफ्ते में लगवाना डॉक्‍टर रिकमंड करते हैं जिससे अजन्‍में बच्चे को एक्स्ट्रा सुरक्षा मिल सके.

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    टिटनेस होने के लक्षण

    -एब्डोमिनल और कमर की मसल्स का अकड़.
    -फेशियल मसल्स में कॉन्ट्रेक्शन.
    -बच्चों की पल्स का तेज होना.
    -बुखार होना.
    -बहुत अधिक पसीना आना.
    -घाव के आसपास की मसल्स में बहुत दर्द.
    -सूजन होना.

    टिटनेस से इस तरह बचें

    पहले घाव वाली जगह को अच्छे से साफ करवाएं और किसी भी पास के क्‍लीनिक में टिटनेस एंटी टॉक्सिन शॉट दिलाएं.

    टिटनेस का इंजेक्शन न लगवाने का नुकसान

    टिटनेस का इंजेक्‍शन ना लगाया जाए तो दस दिनों में इसके लक्षण आने लगते हैं. यह समय अवधि 3 से 21 दिनों के बीच की होती है. ऐसे में मरीज में वोकल कार्ड में खराबी आना, हड्डी टूटना, सांस लेने में दिक्कत, ब्लड प्रेशर अधिक होना, फेफड़ों में इंफेक्शन, हृदय की धड़कन असामान्य होना है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Health, Kids, Lifestyle, Vaccine

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