होम /न्यूज /जीवन शैली /मेमोरी लॉस में असरदार हो सकती है एचआईवी की दवा - स्टडी

मेमोरी लॉस में असरदार हो सकती है एचआईवी की दवा - स्टडी

स्टडी में यादों (मेमोरी) को जोड़ने के लिए जिम्मेदार एक खास मॉलिक्यूलर मेकैनिज्म की खोज की है.
(फोटो-canva.com)

स्टडी में यादों (मेमोरी) को जोड़ने के लिए जिम्मेदार एक खास मॉलिक्यूलर मेकैनिज्म की खोज की है. (फोटो-canva.com)

उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारी मेमोरी पॉवर भी कमजोर होने लगती है. यही कारण है कि बढ़ती उम्र में मेमोरी लॉस यानी एमनेशिया ( ...अधिक पढ़ें

कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी- लास एंजिलिस (UCLA) के अनुसार हमारा दिमाग एक नहीं कई मेमोरी को कैद करके रखता है. इसलिए एक महत्वपूर्ण क्षण को दोबारा याद करने पर उससे जुड़ी कई और यादें ताजा हो जाती हैं. लेकिन ये भी सच है कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारी मेमोरी पॉवर भी कमजोर होने लगती है. यही कारण है कि बढ़ती उम्र में मेमोरी लॉस यानी एमनेशिया (Amnesia) जैसे मानसिक रोग शरीर में जगह बना लेते हैं. ओनलीमाईहेल्थ के अनुसार, एमनेशिया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें हम अपने जीवन से जुड़ी कई जरूरी बातों और घटनाओं को भूलने लगते हैं. इससे पीड़ित लोगों को नई यादें बनाने में कठिनाई होती है और पुराना याद करने में भी दिक्कत आती है. ऐसे लोग तथ्यों या पिछले अनुभवों को याद नहीं कर पाते हैं.

लेकिन अब यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया लॉस एंजेलिस के रिसर्चर्स ने अपनी नई स्टडी में यादों (मेमोरी) को जोड़ने के लिए जिम्मेदार एक खास मॉलिक्यूलर मेकैनिज्म की खोज की है. इस स्टडी के अनुसार, मीडियम एज में मानव स्मृति (Human Memory) को मजबूत करने और डिमेंशिया की फर्स्ट स्टेज में रोकथाम के नए तरीकों के बारे में बताया गया है. इस स्टडी का निष्कर्ष मेडिकल जर्नल ‘नेचर (Nature)’ में प्रकाशित किया गया है.

यह भी पढ़ें-
सेहत ही नहीं त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद है दूध, जानें 6 जबरदस्त बेनिफिट्स

कैसे हुई स्टडी
स्टडी के लिए रिसर्चर्स ने सीसीआर-5 (CCR-5) नामक जीन पर ध्यान केंद्रित किया, जो ब्रेन के सेल्स को एचआइवी (HIV) संक्रमित करने और एड्स के मरीजों में यादों को संजो कर रखने की क्षमता में आई कमी की समस्या के लिए जिम्मेदार है. यादों से जुड़ी बीमारियों से ग्रस्त चूहों पर की गई रिसर्च के दौरान जब साइंटिस्टों ने सीसीआर-5 जीन को हटा दिया, तो वे यादों को जोड़ने में फिर से सक्षम हो गए.

यह भी पढ़ें-
क्या है वजन घटाने का ‘बाउल मेथड’? जानें, इसमें खाने के हिस्से को कैसे करें कंट्रोल

इस प्रयोग के दौरान साल 2007 में एचआईवी के इलाज के लिए अनुमति प्राप्त दवा माराविरोको (Maraviroc) का इस्तेमाल किया गया, जिसने चूहों के दिमाग के सीसीआर-5 जीन को दबा दिया .

क्या कहते हैं जानकार
यूनिवर्सिटी के डेविड गेफेन स्कूल ऑफ मेडिसिन में न्यूरोबायोलॉजी और साइकोथेरेपी के प्रोफेसर अलसीनो सिल्वा (Alcino Silva) के अनुसार, ‘हमारी यादें हमसे जुड़ी घटनाओं का एक बड़ा हिस्सा हैं. संबंधित अनुभवों को जोड़ने की क्षमता हमें दुनिया में सुरक्षित रहना और कार्यो का संचालन करना सिखाती है.’

Tags: Health, HIV, Lifestyle, Mental health

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें