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एचआईवी मरीजों को अब रोजाना गोली नहीं लेनी होगी, दो महीने में एक इंजेक्शन काफी

एचआईवी मरीजों को अब रोजाना गोली नहीं लेनी होगी, दो महीने में एक इंजेक्शन काफी

यह दवा वायरस को खून में जाने से रोकता है, जिससे एडस पूरे शरीर में नहीं फैलता. (Image: Shutterstock)

यह दवा वायरस को खून में जाने से रोकता है, जिससे एडस पूरे शरीर में नहीं फैलता. (Image: Shutterstock)

Only 1 injection in two months for HIV Patient: एचआईवी (HIV) पॉजिटिव मरीजों को वर्तमान में रोजाना एंटीरेट्रोवाइरल टैबलेट (Antiviral लेनी पड़ती है. अब इसकी जरूरत नहीं होगी. ब्रिटिश सरकार ने एचआईवी इलाज के लिए इस इंजेक्शन (Injection) को मंजूरी दे दी है. इस इंजेक्शन को हर एक महीने के बाद लगाया जाएगा. यानी दो महीने में एक इंजेक्शन से काम चल जाएगा. यह दवा वायरस को खून (Blood) में जाने से रोकता है, जिससे एडस पूरे शरीर में नहीं फैलता.

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    Only One injection in two months for HIV Patient: एचआईवी एड्स (HIV AIDS) बहुत ही संक्रामक और जानलेवा बीमारी है. पूरे विश्व में लगभग 3.53 करोड़ लोग एचआईवी से पीड़ित हैं. इस बीमारी में शरीर का इम्यून सिस्टम (Immune system) प्रभावित हो जाता है जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता खत्म होने लगती है. इस बीमारी के इलाज के रूप में एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी (antiretroviral therapy -एआरटी) दी जाती है ताकि शरीर में वायरस के प्रभाव को रोका जा सके. इस थेरेपी में एड्स (AIDS) पीड़ित मरीजों को रोज गोली लेनी पड़ती है. हर दिन दवाई लेनी बहुत इरीटेटिंग हो जाता है.
    लेकिन अब इस दवा को रोज लेने की जरूरत नहीं होगी. ब्रिटेन में इसके लिए पहल शुरू हो चुकी है. अब इस दवा के बदले दो महीने में सिर्फ एक इंजेक्शन लगवाना होगा. इस दवा का नाम केवेनुआवा (Cabenuva) है जो दो दवाओं कोबोटेग्रेविर के साथ रिलपिवरिन (cabotegravir with rilpivirine) से बनी है.

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    ब्रिटेन में 13 हजार लोगों को दिया जा रहा है इंजेक्शन
    एबीसी न्यूज के मुताबिक ब्रिटिश सरकार ने एचआईवी इलाज के लिए इस इंजेक्शन को मंजूरी दे दी है. इस इंजेक्शन को हर एक महीने के बाद लगाया जाएगा. यानी दो महीने में एक इंजेक्शन से काम चल जाएगा. ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर (national institute for health and care) ने ब्रिटेन के एचआईवी एड्स से पीड़ित 13 हजार लोगों को चिन्हित किया है जिन्हें कोबोटेग्रेविर के साथ रिलपिवरिन (cabotegravir with rilpivirine) नाम का इंजेक्शन दिया जाएगा.

    ब्रिटेन में साउथ स्टोर हेल्थ के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ टोड लेरिन (Dr. Todd Ellerin) ने बताया कि इस इंजेक्शन का आना बहुत ही रोमांचक और प्रगतिशील कदम है. इससे एचआईवी के खिलाफ हमारी लड़ाई मजबूत होगी.

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    एक महीने से ज्यादा समय तक दवा का शरीर में रहेगा असर
    वैज्ञानिक इस इंजेक्शन को एचआईवी के इलाज के लिए क्रांतिकारी मान रहे हैं. वर्तमान में एचआईवी पॉजिटिव लोगों को जिंदगी भर रोजाना एंटीवायरल टैबलेट लेनी होती है. यह दवा वायरस को खून में जाने से रोकती है, जिससे एडस पूरे शरीर में नहीं फैलता. डॉ टोड एलेरिन ने बताया कि इंजेक्शन भी वही काम करेगा जो दवा करती है. दोनों मामले में एक खास एंजाइम को ब्लॉक कर दिया जाता है.

    लेकिन यह दवा शरीर में बहुत ज्यादा दिनों तक बरकरार रहती है. इसमें महीने में एक बार या दो महीने में एक बार दवा लेने की जरूरत पड़ेगी. डॉ टोड ने बताया कि रोज दवा को लेना आसान नहीं है. अक्सर लोग किसी न किसी दिन भूल ही जाते हैं. लेकिन इंजेक्शन लगवाने में कोई झंझट नहीं है.

    Tags: Health, HIV, Lifestyle

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