Home /News /lifestyle /

health news how to save life with cpr techniques in hindi pra

सीपीआर की मदद से इमरजेंसी में बचा सकते हैं अपनों की ज़िंदगी, जरूर जान लें ये बातें

सीपीआर तकनीक जीवन और मौत से जूझ रहे मरीजों के शुरुआती कुछ मिनटों में बेहद काम आ सकती है.

सीपीआर तकनीक जीवन और मौत से जूझ रहे मरीजों के शुरुआती कुछ मिनटों में बेहद काम आ सकती है.

How to Save Life with CPR Technique : सीपीआर (CPR) एक तरह की मेडिकल प्रक्रिया है जिसमें इंसान की सांस रुक जाने पर सांस वापस लाने तक या दिल की धड़कन सामान्य हो जाने तक छाती को दबाकर और मुंह से सांस देकर उसके हार्ट को दोबारा से एक्टिव किया जाता है. इससे शरीर में पहले से मौजूद खून संचारित होने लगता है.

अधिक पढ़ें ...

How to Save Life with CPR Technique : किसी भी व्यक्ति को अगर हार्ट अटैक आ जाए तो उसकी जान बचाने के लिए तत्काल सीपीआर देना बेहद महत्वपूर्ण होता है. हार्ट अटैक आने के शुरुआती कुछ मिनट मरीज के लिए बेहद अहम होते हैं. इस दौरान उठाया गया समझदारीभरा कदम पेशेंट की जान बचाने में अहम भूमिका निभाता है. कुछ वक्त पहले ऑस्ट्रेलिया के मशहूर गेंदबाज रहे शेन वॉर्न की भी दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी. इस दौरान उनके दोस्तों और मेडिकल एक्सपर्ट ने कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन यानी CPR देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की. हालांकि उन्हें बचाया नहीं जा सका. आइए जानते हैं कि आखिर सीपीआर की मदद से किसी की जान कैसे बचाई जा सकती है और सीपीआर देने का क्‍या तरीका है.

क्या होता है सीपीआर
मायोक्‍लीनिक के मुताबिक, CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन) एक लाइफ सेविंग तकनीक है जो कई इमरजेंसी हालातों में लोगों की जान बचाने के लिए उपयोग में लाया जाता है. मसलन, हार्ट अटैक, हार्ट बीट का रुक जाना, सांस रुक जाना आदि.

इसे भी पढ़ें: इन प्राकृतिक तरीकों से घटाएं हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक का खतरा होगा कम

सीपीआर देने का असर
सीपीआर एक तरह की मेडिकल प्रक्रिया है जिसमें इंसान की सांस रुक जाने पर सांस वापस लाने तक या दिल की धड़कन सामान्य हो जाने तक छाती को दबाकर और मुंह से सांस देकर उसके हार्ट को दोबारा से एक्टिव किया जाता है. इससे शरीर में पहले से मौजूद खून संचारित होने लगता है. इसे करने के लिए किसी तरह की यंत्र या टूल्‍स की जरूरत नहीं पड़ती. अगर आप यह तकनीक किसी विशेषज्ञ से सीख लेते हैं तो एमरजेंसी में कइयों की जान बचा सकते हैं.

क्‍या है C-A-B फॉर्मूला
अमेरिकन हार्ट असोसिएशन के मुताबिक, सीआरपी के सही तकनीक के स्‍टेप्‍स को याद रखने के लिए C-A-B स्‍पेलिंग बनाया गया है.
C- कॉम्‍प्रेशन्‍स – क्रॉम्‍प्रेशन की मदद से मरीज के हार्ट को अपने हाथों की मदद से दबाया जाता है जो सीआरपी का सबसे इंपोर्टेंट स्‍टेप है.
A-एयरवे – दूसरे स्‍टेप में नाक और मुंह से सांस के एयरवे को क्‍लीयर किया जाता है.
B –ब्रीदिंग – तीसरा स्‍टेप है ब्रीदिंग का जिसमें आप मरीज के मुंह या नाक को अपने मुंह से फूंक लगाकर सांस देते हैं.

इसे भी पढ़ें : हाई ब्लड प्रेशर के मरीज इन चीजों का जरूर करें सेवन, ऐसी रखें अपनी डाइट

बरतें ये सावधानी
-सीपीआर देने वाला व्यक्ति मरीज की हालत देखते हुए अपने दिमाग का संतुलन ना खोये और घबराए नहीं.
-सीपीआर देने से पहले एंबुलेंस को फोन करना ना भूले या किसी और को फोन करने को कहे.
-सीपीआर देने से पहले मरीज की कैरॉटिड पल्स जांच लें ताकि यह पता चल जाए कि उसकी सांस कैसे चल रही है.
-मरीज होश में है तो उससे बात करके उसकी समस्या को समझने की कोशिश करे.
-मरीज बेहोश है तो सीपीआर देने के लिये मरीज (बच्चा या बड़ा जो भी है) को फ्लोर पर पीठ के बल लिटा दें.
-ध्यान रहे कि मरीज के हाथ और पैर मुड़ें नहीं.
-सीपीआर देने वाला ध्यान रखे कि वह अपनी कोहनियों और हाथों को सीधा रखे. ये मुड़ने नहीं चाहिए. अन्यथा छाती पर दबाव ठीक से नहीं पड़ेगा.
-मुंह से सांस ठीक से दे.
-एंबुलेंस आने पर चिकित्सक को मरीज की सही पोजीशन समझाये और यह भी बताये की उसने सीपीआर किस तरह दी है.

Tags: Health, Lifestyle

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर