Home /News /lifestyle /

health news if the child sticks with you then these signs of anxiety know the symptoms nav

अगर बच्चा आपसे चिपका रहता है तो ये एंग्जाइटी के हो सकते हैं संकेत, जानिए लक्षण

एंग्जाइटी से पीड़ित बच्चे लोगों से मिलने, दोस्तों के साथ घुलने-मिलने से बचने लगते हैं. (फोटो-canva.com)

एंग्जाइटी से पीड़ित बच्चे लोगों से मिलने, दोस्तों के साथ घुलने-मिलने से बचने लगते हैं. (फोटो-canva.com)

दुनियाभर में हर पांचवें बच्चे में एंग्जाइटी के लक्षण मिल रहे हैं. चिंता की बात ये है कि परिजन इसे सामान्य मानते हैं, जो कि नुकसानदायक है. यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार बच्चों के पास समस्या बताने का टूल नहीं होने से वे ऐसे रिएक्ट करते हैं कि वो रोजाना के कामों को भी करने से मना कर देते हैं.

अधिक पढ़ें ...

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की 2021 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में हर पांचवें बच्चे में एंग्जाइटी के लक्षण मिल रहे हैं. चिंता की बात ये है कि पेरेंट्स इसे सामान्य मानते हैं, जो कि नुकसानदायक है. इससे भविष्य में बच्चों को मानसिक समस्या से जूझना पड़ सकता है. पीड़ित बच्चे लोगों से मिलने, दोस्तों के साथ घुलने-मिलने से बचने लगते हैं. कई बच्चों में भीड़-भाड़ में जाने के नाम पर पेट में दर्द, बार-बार यूरीन आना, सिरदर्द जैसी शिकायतें भी मिलती हैं.

सीएनएन की न्यूज रिपोर्ट में न्यूयॉर्क के क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट राहेल बसमान (Rachel Busman) के अनुसार इसके लक्षणों को जितनी जल्दी पहचान लिया जाए बच्चों को इस समस्या से बचाना उतना ही आसान हो जाता है.

जनरल एंग्जाइटी
यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस के अनुसार बच्चों के पास समस्या बताने का टूल नहीं होने से वे ऐसे रिएक्ट करते हैं कि वो रोजाना के कामों को भी करने से मना कर देते हैं. इसके लक्षण कुछ इस तरह से होते हैं, एकाग्रता में कमी, बिस्तर गीला करना, नींद आने में दिक्कत, खाना खाने में आना-कानी करना, हमेशा पेरेंट्स से चिपके रहना, रोजमर्रा के कामों को करने में परेशानी होना और लोगों के बीच में बोलने से घबराना.

यह भी पढ़ें-
सेहत सुधारने के लिए खाते हैं ज्यादा पालक तो जान लें इसके नुकसान

सोशल एंग्जाइटी
वॉशिंगटन डीसी स्थित चिल्ड्रन नेशनल हॉस्पिटल के अनुसार सोशल एंग्जाइटी से पीड़ित बच्चे लोगों के बीच बोलने से डरते हैं और अगर बोलते भी हैं तो बहुत धीमी आवाज में बोलते हैं. सोशल एंग्जाइटी के लक्षण कुछ इस तरह से होते हैं, स्कूल जाने में आना-कानी करना, लोगों के बीच बोलने से मना करना या बहुत धीमी आवाज में बोलना, आंखे झुकाकर बिना चेहरा देखे बात करना, लोगों के बीच रहने में, परफॉर्म करने में, उनके सामने खाना खाने और यहां तक की क्लास रूम में भी बोलने से डरना.

यह भी पढ़ें-
नाखूनों में भी दिखते हैं विटामिन बी12 की कमी के संकेत, जानें स्वस्थ रहने के लिए क्यों जरूरी है ये पोषक तत्व

क्या करें
ऐसे में पेरेंट्स को चाहिए कि वो बच्चों से पूछें कि उन्हें फलां जगह या माहौल में क्या अच्छा लगा और क्या खराब लगा, उनके खराब लगने की वजह भी जानें. पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चे को परेशान करने वाली स्थिति को खत्म करने की बजाय इससे निपटने के लिए उन्हें तैयार करें. घबराहट हो रही है? ये पूछने के बजाय, कैसा लग रहा है? ये पूछें. जरूरत पड़ने पर चाइल्ड स्पेशलिस्ट या साइकेट्रिस्ट की एडवाइज जरूर लें.

Tags: Health, Health News, Lifestyle, Parenting

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर