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Covid-19: कोरोना पेशेंट के अटेंडेंट ध्‍यान रखें ये 7 बातें

कोरोना मरीज के अटेंडेंट को खुद को सुरक्षित रखना भी ज़रूरी-Image credit/pexels-ryutaro-tsukata

कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीज़ों (Patients with mild symptoms) को सरकार ने घर में ही आइसोलेट रहकर इलाज करने की सलाह दी है. ऐसे में मरीज के अटेंडेंट खुद को किस तरह से सुरक्षित रख सकते हैं (How can you protect yourself) जानें.

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    कोरोना का कहर जारी है, हाल ये है कि हर दिन संक्रमित लोगों के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. ऐसे में अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की जगह नहीं बची है और सरकार ने कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीज़ों (Patients with mild symptoms) को घर में ही आइसोलेट रहकर इलाज करने की सलाह दी है. घर में आइसोलेशन में रहने वाले (Patients living in isolation at home) मरीजों की ज़िम्मेदारी पूरी तरह से उनके घरवालों पर है. ऐसे में अटेंडेंट के तौर पर मरीज़ की देखभाल करने वाले व्यक्ति (Person taking care of patient as attendant) को खुद को सुरक्षित रखना भी बड़ी चुनौती है. अगर आप भी कोरोना मरीज़ के अटेंडेंट के तौर पर उनकी देख-रख कर रहे हैं तो जानें, कि इस माहौल में खुद को किस तरह से सुरक्षित रखा जाये.

    अगर एक ही कमरा हो

    घर में कम जगह होने की वजह से बहुत सारे लोग कोरोना मरीज के साथ एक ही कमरे में रहकर उनकी देखभाल कर रहे हैं. ऐसे में बहुत ज़रूरी है कि आप उनसे कम से कम 6 फिट की दूरी बना कर रखें. कमरे की खिड़कियां और दरवाज़ा खोलकर रखें. हर समय अपने चेहरे पर डबल मास्क और ग्लब्स पहनकर रहें. साथ ही गलब्स पहनने के बावजूद साबुन से समय-समय पर हाथ धोते रहें. जिससे आप संक्रमित होने से बचे रह सकें.

    अगर एक ही बाथरूम हों 

    अगर घर में आप कोरोना मरीज के साथ एक ही बाथरूम इस्तेमाल कर रहे हों, तो कोशिश करें कि मरीज के बाथरूम जाने से पहले आप अपने रूटीन वर्क निपटा लें. अगर मरीज के बाथरूम इस्तेमाल करने के बाद आप या घर का कोई और सदस्य बाथरूम इस्तेमाल करे, तो पहले बाथरूम को अच्छी तरह से सेनेटाइज़ कर लें फिर इस्तेमाल करें. ऐसा हर बार करना ज़रूरी है ताकि आप सुरक्षित रह सकें.

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    चीज़ों को सेनेटाइज़ करते रहें

    मरीज जिन चीजों को छूता है उन चीजों को छूने से पहले आप अच्छी तरह से सेनेटाइज़ करें. इस्तेमाल की गयी किसी चीज को खुला न फेंके और बंद डस्टबिन का इस्तेमाल करें. साथ ही फेंकने से पहले भी चीजों या मास्क को सेनेटाइज़ करें. अपने हाथों को बार-बार सेनेटाइज़ करते रहें. ध्यान रखें अपने हाथों से पहने हुए मास्क को भी न छुएं.

    बर्तनों को अलग रखें

    मरीज के लिए इस्तेमाल करने के बर्तनों को अलग कर दें और इनको बार-बार हाथ न लगाएं. इनको धोने की स्थिति में बाक़ी बर्तनों से अलग रखें और गर्म पानी से धोएं. साथ ही इसके लिए अलग से बर्तन बार का इस्तेमाल करें.

    बार-बार करते रहें घर को सेनेटाइज़

    जिस कमरे में मरीज है उसको तो दिन में कई बार सेनेटाइज़ करते रहें साथ ही साफ़-सफाई भी करते रहें. इसके साथ ही अगर घर में और भी कमरे हैं तो उन को भी दिन में दो- तीन बार सेनेटाइज़ करना बेहतर होगा. बिस्तर, कपड़े, इस्तेमाल का बाक़ी सामान भी सेनेटाइज़ करते रहें.

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    अलग रखें मरीज का सामान



    मरीज का तौलिया, साबुन, बर्तन, कपड़े और ज़रूरी सामान किसी के साथ मिक्स न करें. मरीज के कपड़े धोने से पहले मास्क और ग्लब्स पहने रहें. साथ ही कपड़ों में डेटॉल और सेवलान जैसे किसी एंटीबायोटिक लिक्विड का इस्तेमाल ज़रूर करें. अगर वाशिंग मशीन में कपड़े धोते हैं तो मशीन को भी आखिर में सेनेटाइज़ ज़रूर करें.

    खुद की इम्यूनिटी भी रखें स्ट्रांग

    मरीज की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए तो आप उनको हेल्दी डाइट देते ही रहें. साथ ही खुद की इम्यूनिटी स्ट्रांग रखने के लिए हेल्दी डाइट लेते रहें. साथ ही डॉक्टर की सलाह से स्टीम, काढ़ा, हल्दी दूध और ज़रूरी दवाओं का सेवन करते रहें. आप कुछ भी खाएं तो मरीज से दूर हटकर खाएं और जितनी जल्दी हो मास्क को वापस पहन लें.