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हार्ट और ब्लड वेसल्स में इंफ्लेमेशन का मिल सकता है आसान इलाज - स्टडी

हार्ट और ब्लड वेसल्स में होने वाली जलन या सूजन (inflammation) के इलाज की नई उम्मीद जगी. (फोटो-canva.com)

हार्ट और ब्लड वेसल्स में होने वाली जलन या सूजन (inflammation) के इलाज की नई उम्मीद जगी. (फोटो-canva.com)

Acetylcholine May Prevent Inflammation : शोधकर्ताओं ने एक स्टडी में पाया है कि बोन मैरो में पाए जाने वाले बी-सेल्स द्वा ...अधिक पढ़ें

Acetylcholine May Prevent Inflammation : मैसाचुसेट्स जर्नल अस्पताल (Massachusetts Journal Hospital) के रिसर्चर्स की अगुवाई में हुई एक नई स्टडी से हृदय और रक्त वाहनियों यानी हार्ट और ब्लड वेसल्स (Blood Vessels) में होने वाली जलन या सूजन (inflammation) के इलाज की नई उम्मीद जगी है. रिसर्चर्स ने पाया है कि बोन मैरो (Bone Marrow) में पाए जाने वाले बी-सेल्स (B-Cells) द्वारा उत्पादित एसिटलकोलीन (Acetylcholine) नामक केमिकल मैसेंजर के जरिए व्हाइट ब्लड सेल्स (WBC) के बनने की प्रक्रिया को रोक कर, हार्ट और ब्लड वेसल्स में जलन (inflammation) को रोका जा सकता है. इस प्रोसेस में साइंटिस्टों को कार्डियोवैस्कुलर इंफ्लेमेशन (cardiovascular inflammation) का इलाज ढूंढने में आसानी हो सकती है. स्टडी के सीनियर ऑथर और एमजीएच के सेंटर फॉर सिस्टम बायोलॉजी (MGH’s Center for Systems Biology) के चीफ रिसर्चर मत्थिअस नहरेन्डोर्फ (Matthias Nahrendorf) ने बताया कि तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम (nervous system) केमिकल मैसेंजर या न्यूरोट्रांसमीटर (neurotransmitters) के जरिए ब्लड सेल्स के निर्माण में भूमिका निभाता है.”

इस स्टडी का निष्कर्ष ‘नेचर इम्युनोलॉजी (Nature Immunology)’ जर्नल में प्रकाशित हुआ है. आपको बता दें कि कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज, अर्थराइटिस, डिप्रेशन, अल्जाइमर सहित कई प्रमुख बीमारियां क्रॉनिक इंफ्लेमेशन से संबंधित होती हैं.

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क्या कहते हैं जानकार
चीफ रिसर्चर मत्थिअस नहरेन्डोर्फ (Matthias Nahrendorf)  ने बताया, “जिन लोगों में हार्मोन संबंधी तनाव (stress hormones) होता है, उनमें नर्वस सिस्टम रेस्पॉन्स को कंट्रोल करता है. इससे बोन मैरो की एक्टिवटी और कार्डियोवस्कुलर इंफ्लेमेशन बढ़ जाता है. ऐसे में सहयोगात्मक तंत्रिकाओं (associative nerves) को प्रतिरोधी (resistant) की भूमिका निभानी पड़ती है. इससे प्रतिक्रिया की तीव्रता कम हो जाती है, और न्यूरोट्रांसमीटर एसिटलकोलीन के जरिए शरीर को आराम मिलता है. चूंकि इसका इंफ्लेमेशन और हार्ट डिजीज में सुरक्षात्मक प्रभाव होता है, इसलिए बोने मैरो में इस न्यूरोट्रांसमीटर की खोज की गई.”

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स्टडी में क्या निकला
इस स्टडी के दौरान रिसर्च टीम को विशिष्ट तंत्रिका तंतुओं (typical nerve fibres) के बोन मैरो में ऐसे कोई सबूत नहीं मिले, जो एसिटाइलकोलाइन को छोड़ने के लिए जाने जाते हैं. इसकी बजाय, बी सेल्स, जो स्वयं एक प्रकार के व्हाइट ब्लड सेल्स (एंटीबॉडी बनाने के लिए जानी जाती हैं) हैं, बोन मैरो में एसिटाइलकोलाइन की आपूर्ति करती हैं. मत्थिअस नहरेन्डोर्फ (Matthias Nahrendorf) का कहना है, “इस प्रकार बी सेल्स सूजन (inflammation) का मुकाबला करती हैं – यहां तक ​​कि हृदय और धमनियों में भी, वो भी बोन मैरो में व्हाइट ब्लड सेल्स के उत्पादन को कम करके. हैरानी की बात है कि वे ऐसा करने के लिए एक न्यूरोट्रांसमीटर का उपयोग करते हैं. ”

Tags: Health, Health News, Lifestyle

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