• Home
  • »
  • News
  • »
  • lifestyle
  • »
  • डायबिटीज और हाई बीपी के खतरे को कम करती है 'Intermittent Fasting'

डायबिटीज और हाई बीपी के खतरे को कम करती है 'Intermittent Fasting'

इंटरमिटेंट फास्टिंग मोटापा घटाने में भी मददगार है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इंटरमिटेंट फास्टिंग मोटापा घटाने में भी मददगार है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Intermittent Fasting: एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent fasting) यानी रुक-रुककर उपवास करना पुरानी और गंभीर बीमारियों के रिस्क को कम करने में मददगार है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

    Intermittent Fasting Benefits : इंडियन लाइफस्टाइल (Indian Lifestyle) में फास्टिंग यानी व्रत-उपवास का खास महत्व है. इसे आस्था और विश्वास के साथ तो जोड़ा जाता ही है, साथ ही ये स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है. जैसे इससे वजन संतुलित रहता है, डाइजेस्टिव सिस्टम को आराम मिलता है, कोलेस्ट्रॉल कम होता है और मानसिक शांति भी मिलती है, यानि उपवास दिमाग को शांत करने का भी काम करता है. हिंदुस्तान अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार, एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent fasting) यानी रुक-रुककर उपवास करना पुरानी और गंभीर बीमारियों के रिस्क को कम करने में मददगार है.

    रिसर्च करने वालों के मुताबिक अगर आप अपने लाइफस्टाइल में इसे शामिल करते हैं तो इससे डायबिटीज और हाई बीपी को रोकने में मदद मिल सकती है. इस स्टडी के निष्कर्ष को एंडोक्राइन रिव्यूज जर्नल (Endocrine Reviews Journal) में प्रकाशित किया गया है, जिसे साइंस डेली ने भी छापा है.

    यह भी पढ़ें- नहीं छूट रही स्मोकिंग की लत? अपनाएं ये घरेलू नुस्खे और छोड़ें घूम्रपान

    समय-प्रतिबंधित भोजन करना (Time-restricted eating) एक प्रकार की इंटरमिटेंट फास्टिंग है, जो आपके भोजन को हर दिन एक निश्चित समय और संख्या में सीमित करता है. कैलिफोर्निया के साल्क इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल स्टडीज (Salk Institute for Biological Studies) के प्रोफेसर सच्चिदानंद पांडा (Satchidananda Panda) ने बताया, ‘रुक-रुककर उपवास करने के कई फायदे हैं. जो लोग वजन कम करने और हेल्दी लाइफस्टाल की उम्मीद कर रहे हैं. उन्हें खाने के साथ-साथ वे क्या और कब खाते हैं, इस पर भी ध्यान देना चाहिए. यह तरीका मोटापा घटाने में भी मददगार होता है.’

    यह भी पढ़ें- बच्चों के लिए कितनी फायदेमंद है हींग? इसे देने से पहले किन बातों का रखें ध्यान

    कैसे होती है इंटरमिटेंट फास्टिंग?

    इंटरमिटेंट फास्टिंग या रुक-रुककर उपवास डाइट का ऐसा तरीका है, जिसमें एक निश्चित अंतराल तक उपवास कर खाना खाया जाता है. इसकी अवधि अलग-अलग हो सकती है. इसमें लंबे समय तक भूखे रहकर खाना स्किप करना होता है. किस समय भोजन करना है और किस समय नहीं करना यह तय होता है. कुछ लोग 12 घंटे के उपवास के बाद खाना खाते हैं. कुछ 14 से 18 घंटे तक कुछ नहीं खाते हैं, लेकिन जब खाना खाते हैं तो उसमें कार्बोहाइड्रेट कम और प्रोटीन व फाइबर ज्यादा लेते हैं.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज