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भोजन करने से पहले मीठा खाना ज्यादा बेहतर या बाद में? जानिए

मीठा खाने से आपके ब्रेन में केमिकल का एक बड़ा उछाल आता है, जिसे डोपामाइन कहा जाता है. (फोटो-canva.com)

मीठा खाने से आपके ब्रेन में केमिकल का एक बड़ा उछाल आता है, जिसे डोपामाइन कहा जाता है. (फोटो-canva.com)

हाल की कई स्टडीज और आयुर्वेद से पता चलता है कि अगर मिठाई या मीठे को भोजन के बाद खाने की बजाए खाने से पहले खाया जाए, तो ये सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं है. दरअसल, भोजन के बाद मिठाई खाने से बचने के कुछ कारण हैं, वो इस प्रकार हैं.

कोई भी भोजन बिना मिठी चीजों के पूरा नहीं होता. हर बड़े, मनपसंद और न्यूट्रिशन से भरे खाने के बाद, मिठाई खाना लगभग जरूरी हो जाता है. मीठा खाने की लालसा आमतौर पर देर रात में होती है और हम अक्सर इस लालसा के आगे झुक जाते हैं. मीठा खाने से आपके ब्रेन में केमिकल का एक बड़ा उछाल आता है, जिसे डोपामाइन कहा जाता है. ये बताता है कि आप सेब या गाजर की तुलना में रात में 3 बजे मीठी चॉकलेट के लिए अधिक तरसते हैं. स्टडी बताती हैं कि खाने के बाद मीठा खाने की लालसा स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है. ये आपकी हेल्थ को प्रभावित करता है और स्वास्थ्य से जुड़ी कई छोटी-छोटी समस्याओं का कारण बनता है. ज्यादा मात्रा में शुगर लेने से कोरोनरी हार्ट डिजीज के खतरे के कारक बढ़ जाएंगे, जिनमें मोटापा, बढ़ा हुआ ब्लड स्ट्रेन और इरिटेशन शामिल है. हाई शुगर डाइट को कोरोनरी हार्ट डिजीज से होने वाली मौत की उच्च संभावना से जोड़ा गया है.

आयुर्वेद कई बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम्स को हल करने के लिए एक गाइड के रूप में काम कर रहा है और इसमें इलाज के कई गुण हैं, जो इसे मेडिसिन के सबसे भरोसेमंद रूपों में से एक बनाते हैं. हाल की कई स्टडीज और आयुर्वेद से पता चलता है कि अगर मिठाई या मीठे को भोजन के बाद खाने के बजाए खाने से पहले खाया जाए, तो ये सेहत के लिए नुकसानदायक नहीं है. दरअसल, भोजन के बाद मिठाई खाने से बचने के कुछ कारण हैं, वो इस प्रकार हैं.

पाचन में दिक्कत
देर रात में, जब आप हेवी खाना खाने के बाद मिठाई लेते हैं, तो भोजन के कणों को टूटने में अधिक टाइम लगता है, और इसलिए, इसे पचने में भी फिर ज्यादा समय लगता है. इसलिए खाने के बाद मीठा खाने से बचना चाहिए. खाना खाना शुरू करने से पहले एक मिठाई का सेवन करने से पाचन स्राव (digestive secretions ) के फ्लो में मदद मिलती है, जिससे आपके डाइजेशन प्रोसेस की गति में सुधार होता है.  दूसरी ओर, मिठाई को खाने के बाद लेने से डाइजेशन प्रोसेस लंबे समय तक रुक जाता है. जब आप खाने से पहले किसी मिठाई लेते हैं, तो ये आपकी जीभ पर पाए जाने वाले टेस्ट बड्स (taste buds) को एक्टिव करता है और आपको अपने भोजन का बेहतर आनंद लेने की अनुमति देती है.

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गैस और एसिड बनने का खतरा
भोजन क अंत में मिठाई खाने से पाचन अग्नि की आग बंद हो सकती है और उसकी प्रक्रिया धीमी हो सकती है, जिससे एसिड रिफ्लक्स (जब हमारा भोजन से बनने वाला एसिड आंतों के निचले हिस्से में जाने की बजाय वापस इसोफेगस की ओर लौटने लगता है) की वजह से फर्मेंटेशन हो सकता है. खाने के बाद मीठा खाने से गैस भी बन सकती है और ये बाद में ब्लॉटिंग का कारण बनती है.

किन चीजों में होता है मीठा
शुगर सामान्य रूप से काफी टॉक्सिक इंग्रीडिएंट (विषैला घटक) होता है और ये सेहत के लिए अच्छा होने से ज्यादा खराब होता है. और फिटनेस के साथ तो इसका काफी कड़वा संबंध होता है. मतलब फिटनेस का ध्यान रखने वाले लोग अगर मीठा खाते हैं तो उनकी मेहनत बेकार हो जाती है. आमतौर पर खाने की उन सभी चीजों में मौजूद होती है जिनमें कार्बोहाईड्रेट होता है, जैसे-सब्जियां, अनाज और डेयर प्रोडक्ट्स.

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क्या कहते हैं जानकार
एक्सपर्ट हमेशा से रिफाइंड शुगर की जगह नेचुरल शुगर लेने की वकालत करते रहे हैं. प्लांट फूड में अतिरिक्त रूप से हाई फाइबर, जरूरी मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, वहीं डेयरी प्रोडक्ट्स में प्रोटीन और कैल्शियम होता है. इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि आपका शरीर इन इंग्रीडिएंट्स को धीरे-धीरे पचाता है, उनमें मौजूद शुगर आपके सेल्स को लगातार शक्ति प्रदान करती है.

Tags: Health, Health News, Lifestyle

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