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अगर दर्द से संबंधित ये दिक्कते हैं, तो यह साइटिका हो सकता है, इसे नजरअंदाज न करें

अगर दर्द से संबंधित ये दिक्कते हैं, तो यह साइटिका हो सकता है, इसे नजरअंदाज न करें

साइटिका के लक्षणों को समय रहते पहचानने और सही इलाज कराने की जरूरत है. (Image: Shutterstock)

साइटिका के लक्षणों को समय रहते पहचानने और सही इलाज कराने की जरूरत है. (Image: Shutterstock)

Symptoms of sciatica: नसों में खिंचाव, सूजन या कमजोरी के कारण साइटिका का दर्द होता है. साइटिका का दर्द बहुत असहनीय भी हो सकता है. आमतौर पर यह कमर से संबंधित नसों में सूजन आने के कारण होता है. इसमें बैक और पैर के नीचे तक असहनीय दर्द होने लगता है. साइटिका होने पर काफी कमजोरी होने लगती है. इसके अलावा भारी वजन उठाने में दिक्कत होती है. साथ ही पैरों में तेज झनझनाहट होती है. इसका दर्द इतना बढ़ जाता है कि कभी-कभी पैर के अंगूठे और अंगुलियां सुन्न हो जाती हैं.

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    How to cure Sciatica pain: साइटिका (Sciatica) एक सामान्य दर्द है जो साइटिका नस के कमजोर होने या इसके प्रभावित होने से होता है. साइटिका शरीर की सबसे बड़ी नस (Nerve) है जो रीढ़ की हड्डी से पैर तक बिछी रहती है. हेल्थलाइन की खबर के मुताबिक साइटिका होने पर दर्द धीरे-धीरे भी हो सकता और बहुत तेज भी हो सकता है. आमतौर पर यह कमर से संबंधित नसों में सूजन आने के कारण होता है. इसमें बैक और पैर के नीचे तक असहनीय दर्द होने लगता है. साइटिका होने पर काफी कमजोरी होने लगती है. इसके अलावा भारी वजन उठाने में दिक्कत होती है. साथ ही पैरों में तेज झनझनाहट होती है. इसका दर्द इतना बढ़ जाता है कि कभी-कभी पैर के अंगूठे और अंगुलियां सुन्न हो जाती हैं. इस समस्या को नजरअंदाज करने पर शरीर के आंतरिक नसों पर भी बुरा प्रभाव पड़ने लगता है. इसलिए साइटिका के लक्षणों को समय रहते पहचानने और सही इलाज कराने की जरूरत है. यहां हम साइटिका के लक्षण के बारे में बता रहे हैं.

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    साइटिका के लक्षण
    उठने-बैठने या किसी तरह के मूवमेंट पर दर्द होना.
    पैरों में कमजोरी या सुन्नापन का एहसास होना.
    पैरों की अंगुलियों में झनझनाहट महसूस करना या सूई की तरह चुभने का एहसास होना.
    कमर में धीरे-धीरे दर्द का बढ़ना.
    पैर के पीछे के भाग में दर्द महसूस होना.
    बैठने पर पैर के पीछे के भाग में दर्द का बढ़ जाना .
    कूल्हों में दर्द होना.
    पैर के पिछले हिस्से में एक तरफ दर्द होना.
    उठते-बैठते वक्त पैरों में तेज दर्द महसूस होना.

    साइटिका के कारण
    साइटिका के कई कारण हैं. स्पाइनल कॉर्ड की नसों में दिक्कत या बैक की नसों में जटिलताओं के कारण भी साइटिका हो सकता है. इंज्यूरी के कारण भी साइटिका हो सकता है. कहीं गिरने के कारण भी कई बार नसों में खिंचाव हो जाता है, जिसके कारण साइटिका होता है. असली वजह का पता डॉक्टर ही लगा सकता है.

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    साइटिका दर्द को कैसे कम करें
    दर्द होने पर आइस पैक को दर्द वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है. फ्रोजन वेजिटेबल को भी टॉवेल में लपेटकर इससे प्रभावित जगह पर अप्लाई किया जा सकता है.
    हीटिंग पैड से साइटिका दर्द में राहत मिलती है. यदि आइस पैक से दर्द में आराम नहीं है, तो हीटिंग पैड का इस्तेमाल करें. इसके अलावा दो-तीन दिन के अंतराल पर कभी हीटिंग पैड तो कभी आइस पैक का इस्तेमाल करने से राहत मिलती है.
    स्ट्रैचिंग से भी साइटिका में आराम मिलती है. लोअर बैक को स्ट्रैचिंग की मदद से दर्द को कम किया जा सकता है. योगा भी साइटिका में मददगार है. प्रशिक्षक की देख-रेख में योगा किया जाए, तो इससे राहत मिलती है.

    Tags: Health, Lifestyle

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