कहीं आप स्लीप डिसऑर्डर के शिकार तो नहीं? जानें वॉर्निंग साइन्स

 कोरोना के कारण स्लीप डिसऑर्डर के केस बढ़ गए हैं. ImageCredit : Pexels/Andrea Piacquadio

कोरोना के कारण स्लीप डिसऑर्डर के केस बढ़ गए हैं. ImageCredit : Pexels/Andrea Piacquadio

Warning Signs Of Sleep Disorder:जब आपको लगातार नींद को लेकर गंभीर परेशानियां बनी रहती हैं, तो इसका नतीजा अक्सर नींद विकार यानी स्लीप डिसऑर्डर(Sleep Disorder) के तौर पर सामने आता है. इससे पहले कि बहुत देर हो जाए इसके वॉर्निंग साइन्स (Warning Signs) को अनदेखा न करें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 11:03 AM IST
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Warning Signs Of Sleep Disorder: नींद से जुड़ी परेशानियां बहुत ही आम मुद्दों में से एक है जिनका लोग अक्सर सामना करते हैं. हमारी व्यस्त जिंदगी की वजह से हम अक्सर जल्दी सो नहीं पाते हैं और साउंड स्लीप यानी अच्छी नींद नहीं ले पाते हैं. यदि यह लंबे वक्त तक यह चलता रहता है, तो यह स्लीप डिसऑर्डर (Sleep Disorder) में बदल जाता है. इससे पहले कि बहुत देर हो जाए. इस डिसऑर्डर के चेतावनी संकेतों (Warning Signs) पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि तुरंत डॉक्टर से संपर्क साध कर इसका वक्त पर इलाज किया सके. हेल्थलाइन पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, आज यहां आपको इन संकेतों के बारे में बता रहे हैं.

स्लीप डिसऑर्डर चेतावनी संकेत:  

1. आप लगातार रोज नींद में जाने के लिए 30 मिनट से अधिक का वक्त ले रहे हैं

2. आपको 7-8 घंटे की नींद लेने के बाद भी थकान या चिड़चिड़ापन बना रहता है.
3. रात में आप कई बार जग जाते हैं या कई बार आपकी नींद टूट जाती है.

4. आपको दिन के दौरान लगातार या लंबे वक्त तक झपकी लेने की जरूरत महसूस होती है.

5. आप टीवी देखते हुए या संगीत सुनते हुए आसानी से सो जाते हैं.



6. आप नींद में लंबे वक्त तक खर्राटे लेते हैं और आपके सांस लेने की आवाजें होती रहती हैं

7. आपको दिन में जगे रहने के लिए कैफीन जैसे उत्तेजक पदार्थ की जरूरत महसूस होती है.

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स्लीप डिसऑर्डर का निदान: 

नींद की समस्या का निदान(Diagnosis) करने के लिए पहला कदम है कि एक डायरी लेकर उसमें आप अपनी नींद की क्वालिटी का पूरा ट्रैक रखें. इसमें आप अपनी रोज की नींद के पैटर्न को लिखें मसलन लंबे वक्त तक ली गई नींद, सोने और जागने का समय और ऐसे कोई भी कारक जो आपकी नींद की क्वालिटी को प्रभावित कर सकते हैं जैसे कैफीन, शराब, एक्सरसाइज, आदि इन चीजों को ट्रैक करें और डायरी में हर चीज का रिकॉर्ड रखें. इससे आपको इस परेशानी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करने में मदद मिल सकती है. आपका डॉक्टर आपकी डेली लाइफ से संबंधित कई सवाल पूछ सकता है. ऐसे में यह डायरी आपको उन सवालों का जवाब देने के लिए गाइड करेगी.

स्लीप डिसऑर्डर की वजहः 

नाक और साइनस की सूजन,दमा, हाई ब्लड प्रेशर,पार्किंसंस की बीमारी, क्लिनिकल डिप्रेशन, चिंता, पुअर स्लीप पैटर्न,खराब लाइफस्टाइल,अत्यधिक तनाव,खराब आहार जैसे कुछ कारण हैं जो आपको स्लीप डिसऑर्डर का शिकार बनाने के लिए जवाबदेह हो सकते हैं.

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स्लीप डिसऑर्डर के टाइपः 

स्लीप डिसऑर्डर भी कई तरह का होता है जैसे-अनिद्रा (Insomnia), रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (Restless Legs Syndrome), स्लीप एप्निया (Sleep Apnea),नार्कोलेप्सी(Narcolepsy), सर्केडियन रिदम स्लीप डिसऑर्डर (Circadian Rhythm Sleep Disorder).क्लेन-लेविन सिंड्रोम(Kleine-Levin Syndrome) और इडियोपैथिक हाइपरसोमनिया (Idiopathic Hypersomnia).हम यहां पर आपको यही सुझाव देंगे कि यदि आपको लंबे समय तक नींद न आने की समस्या बनी रहती है, तो बिना किसी देरी के तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)


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