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साल भर बाद भी कोरोना मरीजों में थकान और सांस संबंधी दिक्कतें-स्टडी

साल भर बाद भी कोरोना मरीजों में थकान और सांस संबंधी दिक्कतें-स्टडी

सांस से  संबंधि दिक्कतें छह महीने बाद 26 फीसदी लोगों में देखी गई, (Image: Shutterstock)

सांस से संबंधि दिक्कतें छह महीने बाद 26 फीसदी लोगों में देखी गई, (Image: Shutterstock)

Covid19 patients fatigue problem: कोरोना मरीजों में साल भर बाद भी थकान और सांस संबंधी परेशानियां जस की तस है. एक अध्ययन के मुताबिक लॉन्ग कोविड के कारण कोरोना संक्रमितों को थकान और सांस लेने की समस्या से जूझना पड़ रहा है. अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 संक्रमण से उबरे लोगों में सांस से संबंधि दिक्कतें छह महीने बाद 26 फीसदी लोगों में देखी गई, जबकि साल भर बाद यह शिकायत करने वालों का आंकड़ा 30 फीसदी तक जा पहुंचा.

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    Covid-19 patients fatigue problem: कोरोना मरीजों में साल भर बाद भी थकान और सांस संबंधी परेशानियां जस की तस है. यह बात एक अध्ययन में सामने आई है. अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना होने के साल भर बाद भी लोगों में कई तरह की जटिलताएं बनी हुई है जो चिंता की बात है. एक नई रिसर्च के मुताबिक जिस व्यक्ति में एक साल पहले भी कोरोना का संक्रमण हुआ है और उसे अस्पताल जाना पड़ा है, वह साल भर बाद में थकान और सांस लेने में तकलीफ की समस्या से जूझ रहा है. चीन में यह स्टडी हुई है जिसे द लेंसेट जर्नल ने प्रकाशित किया है.

    एचटी की खबर के मुताबिक रिसर्च में कहा गया है कि कोरोना के कारण अस्पताल गए आधे लोग साल भर बाद भी लगातार थकान और मांसपेशियों में कमजोरी की परेशानी से जूझ रहे हैं.

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    तीन में से एक मरीज को सांस की तकलीफ
    शोधकर्ताओं ने कहा, अस्पताल में इलाज कराने वाले तीन में से एक मरीज आज भी सांस लेने में तकलीफ की समस्या से जूझ रहे हैं जबकि गंभीर कोरोना मरीजों की स्थिति और भी बुरी थी. जिन कोरोना मरीजों की हालत बहुत गंभीर हो गई थी, उनके साथ इस तरह की परेशानियां और ज्यादा थीं. अध्ययन के मुताबिक कोविड-19 से उबरने में लोगों को साल भर का समय लग गया. इसके बाद ही वे सामान्य जिंदगी जीने लायक हो सके, लेकिन अब भी उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं. अध्ययन में कहा गया है कि कोरोना का अब तक कोई कारगर उपाय सामने नहीं आने के कारण ऐसा हो रहा है.यह भविष्य के अच्छे परिणाम के संकेत नहीं हैं.

    30 फीसदी लोगों ने थकान की शिकायत की

    इस अध्ययन में 1300 लोगों को शामिल किया गया था. ये लोग कोरोना से संक्रमित होने के बाद जनवरी 2020 से लेकर मई 2020 के बीच चीन में वुहान के अस्पतालों से वापस आए थे. यह वही वुहान है जहां से कोरोना पूरी दुनिया में फैला था. अध्ययन में पाया गया कि कोविड-19 संक्रमण से उबरे लोगों में सांस से  संबंधि दिक्कतें छह महीने बाद 26 फीसदी लोगों में देखी गई, जबकि साल भर बाद यह शिकायत करने वालों का आंकड़ा 30 फीसदी तक जा पहुंचा.

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    महिलाओं को ज्यादा परेशानी

    अध्ययन में यह भी पता चला कि थकान या मांसपेशियों की शिथिलता की शिकायत करने वालों में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं का प्रतिशत 43 फीसदी अधिक रहा. अध्ययन में विशेषज्ञों को चेतावनी दी गई है कि लॉन्ग कोविड चिकित्सा जगत के लिए एक आधुनिक चुनौती है, इसलिए विशेषज्ञ पहले से ही इस बात के लिए तैयार रहे कि कोरोना संक्रमितों को साल भर बाद भी परेशानी हो सकती है. इसके लिए पहले से उपाय के प्रति सजग होना जरूरी है.

    Tags: COVID 19, Health, Lifestyle

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