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हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने के लिए एस्परिन लेना सही नहीं - एक्सपर्ट

एस्परिन का का ज्यादा सेवन फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है. (Image : shutterstock)

एस्परिन का का ज्यादा सेवन फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है. (Image : shutterstock)

Aspirin use to prevent heart attack may harm:  हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने के लिए एस्परिन की सलाह घातक हो सकती है.

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    Aspirin use to prevent heart attack may harm: हर घर में एस्परिन (aspirin  )की गोलियां मौजूद रहती है.सिर में दर्द हो या थकान, आमतौर पर लोग एक एस्परिन की गोली ले लेते हैं और सो जाते हैं.इससे तत्काल राहत तो जरूर मिलती है, लेकिन इसके कई साइड इफेक्ट हैं.डेलीमेल की खबर में अमेरिकी एक्सपर्ट ने कहा है कि जिन लोगों को दिल की बीमारी नहीं है, उन्हें एस्परिन की गोली नहीं लेनी चाहिए.उनका कहना है कि इससे उस व्यक्ति में फायदे के बजाय नुकसान ज्यादा हो सकता है.उन्होंने खासकर बुजुर्गों से कहा है कि जो बुजुर्ग बिना दिल की बीमारी के एस्परिन का रोजाना सेवन कर रहे हैं, उन्हें बिल्कुल भी ऐसा नहीं करना चाहिए.एक्सपर्ट की मानें, तो हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचने के लिए रोजाना एस्परिन का लो डोज भी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है.यूएस प्रीवेंटिव सर्विस टास्क फोर्स (U.S. Preventive Services Task Force) ने इस संबंध में नई गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि हाल के प्रमाणों से यह साफ है कि रोजाना एस्परिन का इस्तेमाल फायदे की जगह साइड इफेक्ट ज्यादा करता है.एक्सपर्ट के मुताबिक एस्परिन की हल्की खुराक भी उन्हें ही लेना चाहिए, जिन्हें पूर्व में हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ चुका है.

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    नई गाइडलाइन में कही गई है ये बात

    दरअसल, इससे पहले 2016 में इसी टास्क फोर्स ने सलाह दी थी कि जिन लोगों में अभी तक हार्ट अटैक या स्ट्रोक नहीं हुआ है, वे एक निश्चित उम्र के बाद एस्परिन की गोली का रोजाना सेवन कर सकते हैं.ऐसा करने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक से बचा जा सकता है, लेकिन हालिया गाइडलाइन पुराने से उलट है.हाल के दिनों में कई चिकित्सा समूहों ने एस्परिन के इस्तेमाल को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी थी.इसके बाद यूएस प्रीवेंटिव सर्विस टास्क फोर्स ने नई गाइडलाइन जारी की है.

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    खून को पतला कर देता है एस्परिन

    एस्परिन को पेन रिलीवर के रूप में जाना जाता है, लेकिन यह खून को पतला कर देता है जिसके कारण खून में थक्का बनने में दिक्कत होती है.यानी जब कहीं कट जाए, तो वहां खून थक्का बनाकर ज्यादा ब्लीडिंग होने से रोकता है.जब खून पतला हो जाएगा तो थक्का नहीं बन पाएगा जिसके कारण ब्लीडिंग रुकेगा नहीं.इस स्थिति में तब सबसे ज्यादा नुकसान होगा जब बॉडी के आंतरिक हिस्सों में खून का रिसाव हो.डाइजेस्टिव ट्रैक्ट या अल्सर की स्थिति में आंत के अंदर ही खून का रिसाव होने लगता है. अगर उस समय थक्का जल्दी नहीं बना तो शरीर का पूरा खून निकल सकता है.यह लाइफ थ्रेटनिंग हो सकता है.हालांकि डॉक्टर लंबे समय से उन रोगियों को रोजाना एस्परिन लेने की सलाह देते हैं जिन्हें पहले हार्ट अटैक या स्ट्रोक आ चुका है.गाइडलाइन में इस सलाह को परिवर्तित नहीं किया गया है लेकिन जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापा है और उन्हें अगर हार्ट अटैक नहीं आया है, तो उन्हें एस्परिन न लेने की सलाह दी गई है.

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