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प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल का इस्तेमाल होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है भारी

प्रेग्नेंसी में पेरासिटामोल लेने से भ्रूण का विकास रुक सकता है. (Image: Shutterstock)

प्रेग्नेंसी में पेरासिटामोल लेने से भ्रूण का विकास रुक सकता है. (Image: Shutterstock)

Paracetamol use during pregnancy: अगर बिना वजह प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल का इस्तेमाल किया जाए, तो भ्रूण में पल रहे बच्चों में कई तरह के विकार हो सकते हैं.

  • News18Hindi
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    Paracetamol demerits during pregnancy: अगर आपको अक्सर पेरासिटामोल (Paracetamol) लेने की आदत हैं तो संभल जाएं. डेलीमेल की ख़बर के मुताबिक प्रेग्नेंट महिलाओं को पेरासिटामोल नहीं लेनी चाहिए. एक्सपर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा है कि प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल लेने से पेट में भ्रूण का विकास रुक सकता और उसमें कई तरह के विकार आ सकते हैं. न्यूज़18 पेरासिटामोल समेत किसी भी दवाई के मां और बच्चे के ऊपर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में कोई दावा नहीं कर रहा है. इससे संबंधित जानकारी हम डेलीमेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक दे रहे हैं. दर्जनों रिसर्च में पेरासिटामोल का संबंध अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (Attention Deficit Hyperactivity Disorder), ऑटिज्म, लड़कियों में भाषा की दिक्कत और आईक्यू में कमी के साथ जोड़ा जा चुका है. डेनमार्क के शोधकर्ताओं ने इन अध्ययनों के साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए पाया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल लेने से भ्रूण में पल रहे शिशु का विकास रुक सकता है. पेरासिटामोल के दुष्परिणामों को देखते हुए शोधकर्ताओं ने मां बनने वाली महिलाओं को आगाह किया कि अति कठिन परिस्थिति में डॉक्टरों की सलाह से ही पेरासिटामोल का इस्तेमाल करें.

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    91 वैज्ञानिकों ने पेरासिटामोल के प्रति आगाह किया
    दरअसल, पेरासिटामोल की दवा बहुत सस्ती होती है जिसे महिलाएं बिना डॉक्टर की सलाह से किसी भी तरह के दर्द में ले लेती हैं. अमेरिका में 65 प्रतिशत महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान किसी न किसी तरह से इस दवा का इस्तेमाल करती हैं. इस बात पर चिंता जाहिर करते हुए 91 वैज्ञानिकों ने मां बनने वाली महिलाओं को आगाह किया है कि वे ऐसा न करें. यह अध्ययन नेचर रिव्यू एंडोक्राइनोलॉजी (Nature review endocrinology) में प्रकाशित हुआ है. अध्ययन में कई रिसर्च का हावाला देते हुए बताया गया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल का इस्तेमाल करने से बच्चों में तंत्रिका संबंधी विकार पैदा हो जाते हैं.

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    रिप्रोडक्टिव अंगों पर असर
    यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगेन (University of Copenhagen) के डॉ केविन क्रिस्टेनसन के नेतृत्व में पेरासिटामोल के इंसान और जानवरों पर असर को लेकर यह अध्ययन किया गया है. इसमें 1995 से लेकर 2020 तक के आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि प्रेग्नेंसी के दौरान पेरासिटामोल का इस्तेमाल करने से बच्चों की मानसिक क्षमता पर असर पड़ता है और उसकी सीखने की क्षमता प्रभावित होती है. रिसर्च में यह भी पाया गया कि पेरासिटामोल के इस्तेमाल से बच्चे में रिप्रोडक्टिव और यूरोजेनाइटल डिसऑर्डर हो सकता है. इसमें बच्चे का यूरेथ्रा (मूत्र छिद्र) जनन अंग के टिप पर नहीं खुलता. कई मामलों में टेस्टीकुलर कैंसर का भी खतरा रहता है.

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