Home /News /lifestyle /

क्या है पार्किंसन की बीमारी, इन शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

क्या है पार्किंसन की बीमारी, इन शुरुआती लक्षणों को न करें नजरअंदाज

पार्किंसन की बीमारी मूवमेंट संबंधी एक विकार या डिसऑर्डर है.

पार्किंसन की बीमारी मूवमेंट संबंधी एक विकार या डिसऑर्डर है.

Parkinson disease symptoms: पार्किंसन की बीमारी मूवमेंट संबंधी एक विकार या डिसऑर्डर है जिसमें हाथ या पैर से दिमाग तक पहुंचाने वाली नसें या तंत्रिका काम करने में असमर्थ हो जाती है. हर व्यक्ति में पार्किंसन के अलग-अलग लक्षण नजर आते हैं. पार्किंसन की बीमारी का विकास शरीर में धीरे-धीरे होता है. इसलिए इसके लक्षण भी धीरे-धीरे ही नजर आते हैं.

अधिक पढ़ें ...

    Parkinson disease symptoms: पार्किंसन की बीमारी मूवमेंट संबंधी एक विकार या डिसऑर्डर है जिसमें हाथ या पैर से दिमाग तक पहुंचाने वाली नसें या तंत्रिका काम करने में असमर्थ हो जाती है. इसमें व्यक्ति का हाथ पर से नियंत्रण बहुत कम हो जाता है. आमतौर पर जब दिमाग को संदेश देने वाला डोपामाइन का स्तर कम हो जाता है तब यह बीमारी होती है. हालांकि विशेषज्ञों को अब तक यह पता नहीं है कि पार्किसन बीमारी का विकास कैसे होता है लेकिन विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि पार्किंसन के लिए आनुवांशिक कारण के अलावा पर्यावरण की विषाक्तता भी जिम्मेदार है.

    मेडिकल न्यूजटूडे के मुताबिक हर व्यक्ति में पार्किंसन के अलग-अलग लक्षण नजर आते हैं. पार्किंसन की बीमारी का विकास शरीर में धीरे-धीरे होता है. इसलिए इसके लक्षण भी धीरे-धीरे ही नजर आते हैं. यहां कुछ सामान्य लक्षण दिए जा रहे हैं जो शुरुआत से ही दिखने शुरू हो जाते हैं.

    इसे भी पढ़ेंःदालचीनी और शहद को इस तरह मिलाकर बनाएं चाय, जल्दी वजन घटेगा

    पार्किंसन के शुरुआती लक्षण

    मूवमेंट में परिवर्तन
    शुरुआत में बहुत ही मामूली तरह से मूवमेंट में परिवर्तन होने लगता है. इसमें हाथ या पैर कंपकपाने लगता है और उंगलियों में कंपन होने लगती है. इसके साथ ही व्यक्ति की चाल बदलने लगती है. वह थोड़ा आगे की ओर झुककर चलता है. व्यक्ति को हाथ पर समन्वय नहीं रहता है जिससे वह किसी चीज को गिरा सकता है.

    लिखने में दिक्कत
    शुरुआत में जब कोई कुछ लिखता है तो पेन पकड़ने में दिक्कत होने लगती है. यही से पार्किंसन की भी शुरुआत हो जाती है. अंगूठे और तर्जनी उंगली एक दूसरे से रगड़ने शुरू हो जाती हैं. स्थिति जब बिगड़ने लगती है तो स्थिर अवस्था में भी हाथ हिलने लगते हैं.

    इसे भी पढ़ेंः  हमारे लिए अच्छी नींद क्यों जरूरी है, जानिए इसके अच्छे फायदे

    आवाज में बदलाव होना
    हालांकि यह लक्षण सबमें नहीं दिखता लेकिन कुछ लोगों की आवाज या उच्चारण में जब बदलाव शुरू हो जाता है तो इसका मतलब है कि पार्किंसन की बीमारी होने वाली है. कुछ लोगों की आवाज बहुत ज्यादा बिगड़ जाती है. यहां तक कि आवाज में कंपन शुरू हो जाता है.

    शरीर की पोजीशन में बदलाव
    कुछ लोगों में पार्किंसन के साथ ही शरीर के पोजिशन में बदलाव होने शुरू हो जाते हैं. कुछ व्यक्तियों का शरीर इस स्थिति में झुक जाता है और शरीर पर नियंत्रण करने में दिक्कत हो जाती है. आंखों का मूवमेंट भी बदल जाता है. शुरुआत में ये सभी लक्षण एक तरफ दिखता है. धीरे-धीरे दोनों तरफ शुरू हो जाता है.

    ये लक्षण भी

    मूड में परिवर्तन, डिप्रेशन.
    खाना खाने में और चबाने में दिक्कत.
    थकान.
    कब्ज.
    स्किन प्रॉब्लम.
    डायरिया, मतिभ्रम आदि.

    क्या है कारण
    दिमाग के अंदर जब तंत्रिका कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती है तो पार्किंसन की बीमारी होती है. यही तंत्रिका कोशिका डोपामाइन हार्मोन को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. डोपामाइन हार्मोन के कारण ही हमें खुशी मिलती है. हालांकि पर्यावरण की विषाक्तता भी इसकी एक और वजह हो सकती है.

    Tags: Health, Lifestyle

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर