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Health News: प्लास्टिक से हार्ट की गंभीर बीमारी हो सकती है-स्टडी

झारखंड में भी सिंगल यूज प्लास्टिक  (Jharkhand Single use Plastic Ban) पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है.

झारखंड में भी सिंगल यूज प्लास्टिक (Jharkhand Single use Plastic Ban) पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है.

Plastic and heart disease: प्लास्टिक हमारे जीवन के कई चीजों का हिस्सा बन चुका है. हालांकि कई अध्ययनों में यह दावा किया ...अधिक पढ़ें

    Plastic and heart disease: कई अध्ययनों में यह बात साबित हो चुकी है कि प्लास्टिक कचरा पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहा है. इससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. अब एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि प्लास्टिक (Plastic ) दिल की सेहत के लिए भी अच्छी चीज नहीं है. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (University of California ) के शोधकर्ताओं ने पाया है कि फेथलेट (phthalate) नाम का पदार्थ खून में प्लाज्मा कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ा देता है. प्लास्टिक को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए फेथलेट रसायन का इस्तेमाल किया जाता है. यह एक तरह से टॉक्सिन पदार्थ है.

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    डीसीएचपी रसायन जिम्मेदार
    एक अमेरिकी न्यूज वेबसाइट में छपी खबर के मुताबिक पहली बार प्लास्टिक के कारण दिल की बीमारियों के कारण का पता चला है. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में इस शोध के प्रमुख लेखक चांगचेग झोउ (Changcheng Zhou) ने बताया कि रिसर्च में डाइसाइक्लोहेक्सिल फेथलेट या डीसीएचपी (dicyclohexyl phthalate or DCHP) नाम का हानिकारक रसायन मिला जो प्रेग्नेन एक्स रिसेप्टर या पीएक्सआर (pregnane X receptor or PXR) के साथ जुड़ जाता है. डीसीएचपी आंत में जाकर पीएक्सआर को एक तरह से प्रभावहीन कर देता है जिससे मामला बिगड़ जाता है. पीएक्सआर कोलेस्ट्रॉल का अवशोषण करने वाले खास प्रोटीन को बनाता है. डीसीएचपी के कारण कोलेस्ट्रॉल का अवशोषण कम होने लगता है जिससे खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ता जाता है. डीसीएचपी एक तरह से कोलेस्ट्रॉल को अवशोष करने वाले खास सिंग्नल को रोक देता है.

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    सचेत होने की जरूरत
    डीसीएचपी के प्रति पर्यावरण संगठन लगातार चिंता व्यक्त कर रहे हैं. झोउ ने बताया कि अभी डीसीएचपी को लेकर बहुत ज्यादा अध्ययन नहीं हुए हैं लेकिन इसके हानिकारक प्रभाव बहुत ज्यादा है. उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी में हार्ट पर डीसीएचपी के खतरनाक प्रभाव को लेकर पहली बार अध्ययन किया गया है. हमने चूहों पर अध्ययन में पाया है कि डीसीएचपी का हार्ट पर बहुत बुरा असर पड़ता है. चूहों में इसके कारण दिल से संबंधित कई बीमारियां (cardiovascular disease) हुई. हालांकि अभी तक इसका इंसान पर क्या असर होता है, इस संबंध में अध्ययन नहीं किया गया है लेकिन हमारे अध्ययन से सचेत होने की जरूरत है.

    Tags: Health, Lifestyle

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