Home /News /lifestyle /

health news pregnancy through ivf technique these symptoms can be seen in hindi ans

IVF तकनीक के जरिए बन रही हैं मां, तो इतने दिनों में ऐसे नजर आते हैं लक्षण, बरतें सावधानियां

आईवीएफ में प्रेग्नेंसी के लक्षण कब और कैसे आते हैं नजर.

आईवीएफ में प्रेग्नेंसी के लक्षण कब और कैसे आते हैं नजर.

Pregnancy Symptoms through IVF Technique: यदि आप आईवीएफ तकनीक के जरिए मां बनने वाली हैं, तो शुरुआत में सामान्य प्रग्नेंसी की ही तरह इस प्रेग्नेंसी में भी कुछ लक्षण नजर आ सकते हैं. जानें, कब और कैसे लक्षण आते हैं इस टेक्नीक के जरिए गर्भधारण करने के दौरान.

अधिक पढ़ें ...

Pregnancy Symptoms and IVF Technique: गर्भधारण (Pregnancy) ना कर पाने के कारण अक्सर कुछ महिलाएं चिंतित रहती हैं. ऐसा तब होता है, जब उन्हें गर्भधारण करने में कोई समस्या होती है. ऐसे में आजकल अधिकतर दम्पत्ति इन विट्रो फर्टिलिटी या आईवीएफ (IVF) तकनीक को अपनाते हैं. आईवीएफ टेक्नीक से आजकल कई कपल्स जो संतान का सुख प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, वे सफल तरीके से पेरेंट्स बन रहे हैं. आईवीएफ में प्रेग्नेंसी के लिए असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (assisted reproductive technology) का सहारा लिया जाता है. इस टेक्नीक के जरिए स्पर्म के साथ अंडे को फर्टिलाइज किया जाता है. इसे ही आईवीएफ कहते हैं. इसके बाद महिला के गर्भाशय (Uterus) में भ्रूण को सफल तरीके से डाल दिया जाता है.

आईवीएफ में प्रेग्नेंसी के लक्षण कब आते हैं नजर

  • जब भ्रूण को गर्भावस्था में डाल दिया जाता है, तो उसके एक से दो सप्ताह बाद प्रेग्नेंसी के कुछ लक्षण (Pregnancy Symptoms) नजर आने शुरू हो जाते हैं.

इसे भी पढ़ें: International Women’s Day 2022: क्या सिंगल वूमेन आईवीएफ ट्रीटमेंट की मदद ले सकती हैं? क्या है प्रॉसेस, सफल होने की संभावनाएं

  • हेल्थलाइन में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, आईवीएफ के जरिए जब प्रेग्नेंसी प्लान की जाती है, तो भ्रूण को गर्भाशय में ट्रांसफर करने के बाद महिला को हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग के शुरुआती लक्षण नजर आ सकते हैं. यह लक्षण भ्रूण को ट्रांसफर करने के एक सप्ताह बाद नजर आ सकता है और यह एक पॉजिटिव लक्षण होता है. हालांकि, अधिक ब्लीडिंग हो, तो डॉक्टर से तुरंत सपंर्क करना चाहिए. जब टॉयलेट पेपर या अंडरवियर पर स्पॉटिंग नजर आए, तो यह इम्प्लांटेशन का संकेत है, जिसका मतलब है कि भ्रूण आपके गर्भाशय की दीवार की परत में प्रत्यारोपित हो गया है.
  • कई बार बहुत ज्यादा पेट के निचले हिस्से में दर्द, ऐंठन भी हो सकता है. मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो सकता है. यह इस बात का भी संकेत हो सकता है कि भ्रूण स्थानांतरण (embryo transfer) सफल रहा.

इसे भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022: आईवीएफ ट्रीटमेंट से कैसे मिला मां बनने का सुख, पढ़ें इन महिलाओं का अनुभव

  • नॉर्मल प्रेग्नेंसी में जिस तरह थकान महसूस होती है, आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए गर्भ धारण करने पर भी आपको बहुत अधिक थकान महसूस हो सकती है. प्रेग्नेंसी के शुरुआती चरणों में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन काफी बढ़ जाता है, इससे भी थकान होती है.
  • आईवीएफ प्रॉसेस के जरिए गर्भ धारण करने पर आपके पीरियड्स मिस हो सकते हैं. आपके स्तनों में बदलाव नजर आ सकता है. सूजन हो सकता है. यदि आपके स्तन सूज गए हैं या छूने पर दर्द होता है, तो यह एक सकारात्मक भ्रूण ट्रांसफर का संकेत हो सकता है.
  • इसके अलावा, ब्लोटिंग, मॉर्निंग सिकनेस, मतली, उल्टी होना ये सभी लक्षण भी आपको शुरुआत में नजर आ सकते हैं. आपको बार-बार पेशाब जाने का मन कर सकता है.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर