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उत्तर भारत में भारी शीतलहर की आशंका, भारी ठंड से खुद को ऐसे बचाएं, जानिए तरीका 

उत्तर भारत में भारी शीतलहर की आशंका, भारी ठंड से खुद को ऐसे बचाएं, जानिए तरीका 

कोल्ड वेदर से स्किन को बचाने के लिए मॉइश्चर का इस्तेमाल करें. (Image: Shutterstock)

कोल्ड वेदर से स्किन को बचाने के लिए मॉइश्चर का इस्तेमाल करें. (Image: Shutterstock)

How to prevent cold wave: मौसम विभाग (Meteorological Department) ने कहा कि अगले तीन दिनों तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा (dense fog) और शीतलहर का प्रकोप रहेगा. पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की भी आशंका है. मौसम की यह बेदर्दी हेल्थ के लिए भारी परेशानी भी लेकर आती है. खासकर बच्चे और बुजुर्गों के लिए यह सर्दी परेशानी का सबब है. जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हैं, उन्हें भी इस मौसम में बेहद सतर्क रहने की जरूरत है. इन स्थितियों में कई अन्य परेशानियां भी सामने आ सकती हैं.

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    How to prevent cold wave: मौसम विभाग ने (Meteorological Department) अगले कुछ दिनों में भारी शीतलहर (cold wave) की चेतावनी दी है. विभाग ने कहा कि अगले तीन दिनों तक उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में घना कोहरा (dense fog) और शीतलहर का प्रकोप रहेगा. पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की भी आशंका है. मौसम की यह बेदर्दी हेल्थ के लिए भारी परेशानी भी लेकर आती है. खासकर बच्चे और बुजुर्गों के लिए यह सर्दी परेशानी का सबब है. जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर हैं, उन्हें भी इस मौसम में बेहद सतर्क रहने की जरूरत है. इन स्थितियों में कई अन्य परेशानियां भी सामने आ सकती हैं.

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    शीतलहर के कारण होने वाली परेशानी

    • शीतलहर के कारण सर्दी, जुकाम, फ्लू, नाक से पानी आना, नाक से खून आना जैसी परेशानी बढ़ सकती है.
    • हाथ-पैर में कंपकपी लग सकती है. इसका मतलब है कि शरीर के अंदर गर्मी की कमी हो गई है.
    • ज्यादा देर ठंड में रहने के कारण फ्रॉस्ट बाइट भी हो सकता है. यह बेहद खतरनाक स्थिति है. इसमें हाथ की उंगलियां सुन्न हो सकती है.

    कुहासे के कारण परेशानी

    • मेडिकल न्यूजटूडे के मुताबिक कुहासे के कारण टॉक्सिक मैटर और अन्य प्रदूषक बनते हैं. ये सारी चीजें लंग्स में जमा हो सकती है. इससे लंग्स की क्षमता प्रभावित होती है. यह पहले की बीमारी को और बढ़ा सकती है.
    • जिन लोगों को अस्थमा या सांस से संबंधित बीमारियां हैं, उनके लिए यह कुहासा और भी ज्यादा परेशानी का सबब है. उन्हें पहले की बीमारी परेशान कर सकती है.
    • ज्यादा कुहासा के कारण आंखों में जलन आम समस्या हो जाती है.

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    भारी शीतलहर से इस तरह बचें

    • जहां तक संभव हो, बाहर न निकलें. अगर बाहर निकलना है तो पूरी तरह से शरीर को गर्म कपड़े से ढक लें. खासकर गला, कान, हाथ और पैर को पूरी तरह से ढके. बिना मास्क लगाए बाहर न निकलें.
    • सर्दी-जुकाम में गर्म पानी का सेवन, लैमन टी, ब्लैक टी आदि का सेवन करें. ध्यान रहे जुकाम-खांसी में एंटी वायरिक दवाइयों का सेवन न करें.
    • आमतौर पर लोग सर्दी में कम पानी पीते हैं, लेकिन यह गलत है. सर्दी में भी शरीर को पानी की जरूरत होती है. इसलिए पर्याप्त पानी पिएं.
    • सर्दी में विटामिन सी का सेवन बढ़ा दें. विटामिन सी से इम्यूनिटी बूस्ट होती है. अगर इम्यूनिटी बूस्ट रहेगी तो ठंड का असर भी कम होगा. इसके लिए साइट्रस फ्रूट जैसे कि संतरा, नींबू, मौसमी, आंवला आदि का सेवन करें.
    • शीतलहर में सबसे ज्यादा स्किन और बाल प्रभावित होते हैं. कोल्ड वेदर से स्किन को बचाने के लिए मॉइश्चर का इस्तेमाल करें. इसके लिए क्रीम, लोशन या तेल का इस्तेमाल करें.
    • शीतलहर से बचने के लिए अल्कोहल को बाय कर दें. अल्कोहल आपकी बॉडी के टेंपरेचर को कम कर देता है.
    • शीतलहर के दौरान यदि आपके हाथ-पैर में ज्यादा ठंड लगती है तो इसे रगड़ने के बजाय गुनगुने पानी में रखें. अगर हाथ या पैर का रंग काला पड़ गया है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
    • जहां आप रहते हैं, वहां पर्याप्त वेंटीलेशन की व्यवस्था करें.

    Tags: Cold, Health, Lifestyle

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