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सिंपल ब्लड टेस्ट से 20 साल पहले डायबिटीज का पता लगा लिया जाएगा

सिंपल ब्लड टेस्ट से 20 साल पहले डायबिटीज का पता लगा लिया जाएगा

WHO के मुताबिक दुनिया भर में 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित है. (Image:  Shutterstock)

WHO के मुताबिक दुनिया भर में 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित है. (Image: Shutterstock)

Simple blood test detects risk of diabetes: वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि एक सिंपल ब्लड टेस्ट की मदद से भविष्य में डायबिटीज होने की आशंका को वर्षों पहले पता लगा लिया जाएगा. अगर ऐसा होता है तो दुनिया भर में डायबिटीज मरीजों की संख्या में भारी कमी हो सकती है. स्वीडन के वैज्ञानिकों ने यह दावा किया है. वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया है कि जिन लोगों में फोलिस्टेटिन (follistatin ) नाम के प्रोटीन का स्तर ज्यादा होता है, उन्हें डायबिटीज का जोखिम भी बहुत ज्यादा रहता है. इस प्रोटीन का पता शरीर में बहुत पहले लगाया जा सकता है.

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    Simple blood test detects risk of diabetes: जब खून में ग्लूकोच या शुगर की मात्रा ज्यादा होने लगती है, तब डायबिटीज की बीमारी होती. यह बहुत ही खतरनाक बीमारी है जिससे पूरी दुनिया प्रभावित है. डायबिटीज इतना घातक होता है कि यह शरीर के कई अंगों को धीरे-धीरे अपनी चपेट में लेने लगता है. इससे हार्ट, ब्लड वेसल्स, आंखें, किडनी और नसें खराब होनी शुरू हो जाती है. इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है. इस बीमारी में इंसुलिन बहुत कम बनता है या इंसुलिन का असर धीरे-धीरे कम होने लगता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित है. इनमें से हर साल 15 लाख लोगों की मौत डायबिटीज के कारण हो जाती है. भारत में भी डायबिटीज मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. हालांकि वैज्ञानिकों ने अब इसे बहुत पहले पहचानने की एक क्रांतिकारी तरकीब निकाल ली है. वैज्ञानिकों का दावा है कि अगर किसी को डायबिटीज होने वाला होगा, तो इसकी पहचान 20 साल पहले कर ली जाएगी. अगर ऐसा हुआ तो यह भविष्य में जिन्हें डायबिटीज का जोखिम होगा, उनके लिए बहुत बड़ी राहत होगी. डेली मेल की खबरों में दावा किया गया है कि स्वीडिश के वैज्ञानिकों ने ऐसा तरकीव तैयार किया जिसमें सिर्फ एक सिंपल ब्लड टेस्ट के माध्यम से टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को दो दशक पहले ही पहचान लिया जाएगा.

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    फोलिस्टेटिन नाम का प्रोटीन प्रमुख वजह
    स्वीडन के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया है कि जिन लोगों में फोलिस्टेटिन (follistatin ) नाम के प्रोटीन का स्तर ज्यादा होता है, उन्हें डायबिटीज का जोखिम बहुत ज्यादा रहता है. इस प्रोटीन का पता शरीर में बहुत पहले लगाया जा सकता है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि इससे बहुत पहले ही डायबिटीज के मुहाने पर खड़े लोगों को बचाया जा सकता है. इतना ही नहीं, इससे हार्ट डिजीज और अन्य जटिलताओं के जोखिम को भी कम किया जा सकता है. वैज्ञानिकों ने कहा है कि डायबिटीज की बहुत बड़ी वजह मोटापा है. अगर इस प्रोटीन का पता पहले से हो जाता है, तो ऐसे लोगों को डाइट पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाएगी. साथ ही वेट को मेंटेन रखने के लिए कहा जाएगा ताकि आगे जाकर डायबिटीज के जोखिम को कम किया जा सके.

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    पहले से उपाय करके डायबिटीज को रोका जा सकता है
    इसके साथ ही अगर डायबिटीज के जोखिम का पहले से पता लग जाता है कि तो पैनक्रियाज की हेल्थ के लिए बेहतर उपाय पहले से ढूंढ़े जा सकते है. पैनक्रियाज में ही इंसुलिन बनता है. अगर पैंक्रियाज सही से काम नहीं करता, तो इंसुलिन का उत्पादन कम होने लगता है जिससे ग्लूकोज को अवशोषण होना कम हो जाता है. इसके बाद ग्लूकोज खून में अतिरिक्त मात्रा में जमा होने लगता है. नेचर कम्युनिकेशन में प्रकाशित इस अध्ययन के मुताबिक टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित 577 लोगों में देखा गया कि इनके रक्त प्लाज्मा में फोलिस्टेटिन (follistatin ) प्रोटीन का स्तर बहुत पहले से बहुत ज्यादा था. जिन लोगों में फोलिस्टेटिन का स्तर बहुत पहले से ज्यादा था, उनमें से 28 प्रतिशत लोगों को बाद में टाइप 2 डायबिटीज का शिकार होना पड़ा.

    Tags: Diabetes, Health, Lifestyle

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