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ज्यादा देर तक एक जगह पर बैठने से हो सकते हैं DVT के शिकार, इस बीमारी में जा सकती है जान

डीप वेन थ्रोम्बोसिस से बचने के लिए रोजाना कम से कम आधे घंटे टहलना बहुत ही जरूरी है. Image-shutterstock.com

डीवीटी (DVT) के लगभग 10 फीसदी मरीजों की नसों में बनने वाली क्लॉटिंग का फेफड़ों (Lungs) में जाकर फंसने का खतरा रहता है. इसे पल्मोनरी एम्बोजिल्म कहते हैं. इससे फेफड़ों को ऑक्सीजन (Oxygen) नहीं मिलती और ऐसे में मरीज की जान भी जा सकती है.

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    कोरोना (Corona) महामारी के चलते क्या आप घर पर ही वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) कर रहे हैं? क्या आप घंटो एक जगह बैठकर काम करते हैं? क्या आपको ज्यादा देर तक पैर मोड़कर बैठने की आदत है? तो आज ही अपनी आदतों में कुछ बदलाव लाएं. घर बैठकर वर्क फ्रॉम होम करने वाले लोग कभी-कभी घंटो एक जगह पर बैठे रह जाते हैं. आपको बता दें कि ऐसा करने से आप गंभीर बीमारी के शिकार हो सकते है. एक जगह पर घंटों बैठे रहने से कई बार गर्दन, कमर, पीठ और पैर की मांसपेशियों में दर्द होने लगता है. लेकिन क्या आपको पता है कि लगातार बैठे रहने से आप डीप वेन थ्रोम्बोसिस यानी डीवीटी (DVT) के शिकार हो सकते हैं. यह एक गंभीर बीमारी है जिसके चलते लोगों की जान भी जा सकती है.

    कई बार लोग घंटो एक जगह बैठकर काम करते हैं, कार ड्राइव करते हैं या फिर लंबी हवाई यात्रा करते हैं. ऐसे में काफी देर तक एक जगह बैठे रहना पड़ता हो जो कि शरीर के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है. सीडीसी की रिपोर्ट के अनुसार ऐसा करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है और आप डीवीटी के शिकार हो सकते हैं. आइए आपको बताते हैं डीवीटी के बारे में सबकुछ.

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    क्या है डीप वेन थ्रोम्बोसिस
    पैरों में दो तरह की नसें होती हैं. इनमें ऊपरी सतह वाली नसें व गहराई वाली नसें (डीप वेंस) मौजूद हैं. डीप वेंस दूषित रक्त को फेफड़ों और हार्ट तक पहुंचाती हैं ताकि वहां से साफ रक्त अन्य हिस्सों तक जा सके और शरीर को एनर्जी मिल सके. डीप वेन थ्रोम्बोसिस यानी डीवीटी (DVT) में पैरों की डीप वेंस में ब्लड क्लॉटिंग (खून के थक्के) हो जाती है जिससे दूषित रक्त वापस हार्ट व फेफड़ों तक नहीं पहुंचता और पैरों में ही रुक जाता है. इसके कारण पैरों में सूजन व दर्द होने लगता है.

    डीवीटी के लगभग 10 फीसदी मरीजों की नसों में बनने वाली क्लॉटिंग का फेफड़ों में जाकर फंसने का खतरा रहता है. इसे पल्मोनरी एम्बोजिल्म कहते हैं. इससे फेफड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिलती और ऐसे में मरीज की जान भी जा सकती है. डीवीटी की समस्या वयस्कों में सबसे ज्यादा देखी जाती है. कभी-कभी आनुवांशिक कारणों की वजह से भी यह तकलीफ हो सकती है. कुछ मामलों में यह समस्या पैरों के साथ साथ हाथों को भी प्रभावित करती है.

    डीवीटी के लक्षण
    कमर से नीचे पूरे पैर में सूजन और दर्द की समस्या
    पैरों में सनसनाहट या सुन्नता भी हो सकती है.

    ये हैं वजह
    देर तक बैठ रहने से (लंबी दूरी की फ्लाइट, वर्क फ्रॉम होम या कार से सफर)
    2-3 घंटे की सर्जरी के दौरान
    सभी प्रकार के कैंसर
    प्रोटीन-सी एंजाइम की कमी
    आनुवांशिक कारण

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    ऐसे करें बचाव
    -डीप वेन थ्रोम्बोसिस से बचने के लिए रोजाना कम से कम आधे घंटे टहलना बहुत ही जरूरी है. इससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है.
    -घर पर बैठकर वर्क फ्रॉम होम करने वाले थोड़े-थोड़े अंतराल में चलते रहें ताकि कमर और पैरों में दर्द न हो.
    -लंबी दूरी की फ्लाइट हो तो 2-2 घंटे के अंतराल में बॉडी को थोड़ा रिलेक्स करें.
    -जिनका वजन अधिक है वे विंडो सीट पर बैठने से बचें.
    -एक जगह पर घंटों न बैठे रहे और दिनभर थोड़ी देर के लिए ही सही पर जरूर वॉक करें.
    -वजन नियंत्रित रखें और धूम्रपान न करें.
    -घर में किसी सदस्य को पहले से डीप वेन थ्रोम्बोसिस की समस्या हो तो खूब पानी पिएं.
    -शरीर में पानी की मात्रा कम होने से रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा घटने लगती है. ऐसे में खून के जमने का खतरा बढ़ जाता है.