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लो प्रोटीन डाइट से लिवर में बनता है खास हार्मोन, जिससे उम्र बढ़ती नहीं दिखती - स्टडी

एक सिंगल हार्मोन की पहचान करनी वाली ये पहली स्टडी है जो लो प्रोटीन डाइट के फायदे पहुंचाने वाले प्रभावों को कंट्रोल करती है.  (फोटो-canva.com)

एक सिंगल हार्मोन की पहचान करनी वाली ये पहली स्टडी है जो लो प्रोटीन डाइट के फायदे पहुंचाने वाले प्रभावों को कंट्रोल करती है. (फोटो-canva.com)

अमेरिका की लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी (Louisiana State University) के रिसर्चर्स द्वारा की गई स्टडी के अनुसार ये हार्मोन शरीर में ग्लूकोज के विघटन को रोकता है और एनर्जी के लेवल को बनाए रखने में मदद करता है. इसके कारण वजन तेजी से नहीं बढ़ता है. ये हार्मोन एंटी एजिंग इफेक्ट को बढ़ाने का काम करता है.

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लो प्रोटीन डाइट (Low Protein Diet ) लेने से लिवर में फाइब्रोब्लास्ट ग्रोथ फैक्टर 21 (FGF21) हार्मोन पनपता है. ये हार्मोन हेल्थ को बेहतर बनाए रखने और फिटनेस के साथ लंबा जीवन जीने में मदद करता है. अमेरिका की लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी (Louisiana State University) के रिसर्चर्स द्वारा की गई स्टडी के अनुसार ये हार्मोन शरीर में ग्लूकोज के विघटन को रोकता है और एनर्जी के लेवल को बनाए रखने में मदद करता है. इसके कारण वजन तेजी से नहीं बढ़ता है. एक अन्य टीम ने अपनी रिसर्च में पाया गया कि ये हार्मोन एंटी एजिंग इफेक्ट को बढ़ाने का काम करता है. लो प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर डाइट लेना मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए एक जैसे लाभदायक बताए गए हैं.

ये मैक्रोन्युट्रिएंट्स एफजीएफ 21 को बेहतर ढंग से प्रवाहित करते हैं. इस स्टडी का निष्कर्ष नेचर कम्युनिकेशन (Nature Communications) में प्रकाशित किया गया है.

कैसे हुई स्टडी
आपको बता दें कि फिलहाल ये स्टडी चूहे पर की गई है. स्टडी के दौरान एक नॉर्मल चूहे का लो प्रोटीन डाइट वाले चूहे के जीन से मिलान किया गया, तो पता चला कि नॉर्मल वाले चूहे बेडौल-बूढ़े दिखते हैं.

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इस स्टडी का निष्कर्ष एक संभावित स्पष्टीकरण प्रदान करता हैं कि क्यों प्रतिबंधित प्रोटीन का सेवन चूहों के जीवनकाल में सुधार कर सकता है. लेकिन ये बात भी ध्यान रखना जरूरी है कि ये स्टडी केवल नर चूहों पर केंद्रित थी. मादा चूहों में समान आहारों के प्रति उतनी तीव्र प्रतिक्रिया नहीं हो सकती है. फिर भी, एक सिंगल हार्मोन की पहचान करनी वाली ये पहली स्टडी है जो लो प्रोटीन डाइट के फायदे पहुंचाने वाले प्रभावों को कंट्रोल करती है.

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क्या कहते हैं जानकार
लुइसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी के न्यूरोसाइंटिस्ट क्रिस्टोफर मॉरिसन (neuroscientist Christopher Morrison ) बताते हैं कि एफजीएफ 21 हार्मोन ब्रेन से बात करता है और ये महसूस नहीं हने देता कि चूहा लो प्रोटीन डाइट खा रहा है. लिहाजा, चूहे के मेटाबॉलिज्म और व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं होता है. मानव से पहले चूहों पर प्रयोग होता है.

लो प्रोटीन फूड
सूखे मेवे को छोड़कर सभी फल
मटर, बीन्स और मकई को छोड़कर सभी सब्जियां
हेल्दी फैट वसा के कई सोर्स, जैसे जैतून का तेल और एवोकाडो
जड़ी बूटियां और मसाले

Tags: Health, Health News, Lifestyle

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