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Covid 19: डीप ब्रीदिंग से फेफड़े को होता है कितना फायदा? जानें क्यों है ये जरूरी

ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज आपके फेफड़ों की कैपेसिटी को बढ़ाने में मदद करता है. Image Credit : Pexels/Alexandr Podvalny

Deep Breathing In Corona Virus : डीप ब्रीदिंग (Deep Breathing) कोरोना (Corona) के मरीजों के लिए बहुत ही काम आ रही है. जिनकी लंग (Lung) कैपेसिटी पहले से अच्‍छी है उन्‍हें वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ रही और वे तेजी से रिकवर कर पा रहे हैं.

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    कोरोना (Corona) महामारी की वजह से देश भर में लाखों लोग प्रभावित हो रहे हैं. कइयों की जान खतरे में है और कई अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन के अभाव में दम तोड़ रहे हैं. हालात को देखते हुए कई राज्‍यों में लॉकडाउन लगाए जा रहे हैं औेर लोग घर से ही अपने काम को निपटा रहे हैं. ऐसे में पिछले कई महीनों से लोगों की फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम हो गई है. जिन लोगों को दफ्तर और स्‍कूल का काम अपने लैपटॉप या मोबाइल से निपटाना पड़ रहा है उन्‍हें घंटों एक ही स्‍थान पर बैठे रहना पड़ रहा है. दिनभर की व्‍यस्‍तताओं के बीच लोगों के पास व्‍यायाम (Exercise), योगा करने के लिए वक्‍त नहीं है. ऐसे में लोगों के लंग्‍स (Lungs) कमजोर होने की संभावना बढ़ गई है. जानकारी के अभाव में लोग गहरी सांस (Deep Breathing) नहीं ले रहे जिस वजह से श्वास प्रणाली पर बहत बुरा असर पड़ रहा है. ऐसे में अगर हम अपनी सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्‍यान दें तो कई समस्‍याओं जैसे ब्लडप्रेशर, हार्ट रेट औऐर बॉडी टेम्परेचर आदि ठीक रह सकता है. हालांकि हर वक्‍त तो ब्रीदिंग प्रोसेस पर ध्यान नहीं दिया जा सकता लेकिन अगर दिन में 10 मिनट डीप ब्रीदिंग कर लें तो इसका हमारे शरीर पर बहुत ही गहरा असर पड़ेगा.

    गहरी सांस यानी डीप ब्रीदिंग है क्‍या

    जब हम खुली हवा में नाक के माध्यम से हवा को अंदर खींचते हैं और फिर उसे धीरे धीरे बाहर निकालते हैं तो इसे डीप ब्रीदिंग यानी गहरी सांस लेना कहा जाता है. ऐसा करने से फेंफड़ों के अंदर हवा भरती है और शरीर को अधिक से अधिक ऑक्सीजन मिलता है.





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    कैसे करें ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज

    आप गहरी सांस के लिए रोज कुछ मिनट के लिए प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम विलोम जैसे योग कर सकते हैं. इसके अलावा, हेल्‍थ लाइन के मुताबिक, लिप्‍स ब्रीदिंग भी फेफड़ों के हेल्‍थ के लिए बहुत काम की है. इसके लिए आप रिलैक्‍स होकर एक चेयर पर बैठ जाएं. मुंह बंद कर नाक से गहरी सांस अंदर की ओर इनहेल करें और 10 तक गिनती गिनें. अब अपने होठों को कैंडल फूंकने के पोजिशन में रखें और हवा को बाहर की तरफ छोड़ें . हवा को धीरे धीरे बाहर निकालें. यह प्रक्रिया आप रोज धीरे धीरे बढा़ते जाएं. यह आपके फेफड़ों की कैपेसिटी को बढ़ाने के काम आएगी.

    फेफड़ों के लिए क्‍यों जरूरी डीप ब्रीदिंग

    कोरोना होने पर फेफड़ों में सूजन की शिकायत होती है और म्‍यूकस आदि के बढ़ जाने से फेफड़ों को शरीर में ऑक्‍सीजन सप्‍लाई करने में परेशानी आने लगती है जिस वजह से धीरे धीरे ऑक्‍सीजन लेवल घटने लगता है. ऐसे में जब आप डीप ब्रीदिंग करते हैं तो ऑक्‍सीजन फेफड़ों के अंदर तक पहुंचता है और वहां मौजूद म्‍यूकस व अन्‍य फ्लूइड को क्‍लीयर करता है. यही नहीं, अगर इस एक्‍सरसाइज को कोरोना होने से पहले से ही किया जाए तो यह लंग्‍स के अंदर मौजूद मसल्‍स को मजबूत बनाने में भी मदद करता है जो संक्रमण के दौरान काफी मददगार साबित होता है.





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    डीप ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज कोरोना का इलाज नहीं

    बता दें कि डीप ब्रीदिंग कोरोना का इलाज नहीं है. कोरोना संक्रमण से बचने का एक मात्र उपाय वैक्‍सीन लेना और सोशल डिस्‍टेंसिंग मेंटेन करना है. इसके अलावा, मास्‍क पहनना कोरोना संक्रमण से किसी हद तक आपको बचाए रख सकता है. लेकिन अगर आप रोज डीप ब्रीदिंग एक्‍सरसाइज करते हैं तो यह आपके फेफड़ों को पहले से मजबूत बनाने में मदद करता है और कोविड 19 के असर से आपके फेफड़ों को किसी हद तक लड़ने के लिए तैयार करता है. हेल्थलाइन के मुताबिक, डीप ब्रीदिंग कोरोना के मरीजों के लिए बहुत ही काम आ रहा है. जिनकी लंग कैपेसिटी पहले से अच्‍छी है उन्‍हें वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ रही और वे तेजी से रिकवरी कर पा रहे हैं. यही नहीं, कोरोना की वजह से जिनमें एंग्‍जाइटी और स्‍ट्रेस की समस्‍या थी उनकी क्‍वालिटी ऑफ लाइफ में भी काफी इजाफा देखने को मिल रहा है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
    Published by:Pranaty tiwary
    First published: