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PCOS Diet Tips: पीसीओएस के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए इन फूड्स का करें सेवन

पीसीओएस होने का पता चलने पर आप इसके लक्षणों को कुछ हेल्दी फूड्स के सेवन से कंट्रोल में रख सकती है.

पीसीओएस होने का पता चलने पर आप इसके लक्षणों को कुछ हेल्दी फूड्स के सेवन से कंट्रोल में रख सकती है.

PCOS Diet Tips: पीसीओएस या पॉलिसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम एक गंभीर समस्या है, जिसका इलाज कराना बेहद जरूरी है. जानें, पीसीओए ...अधिक पढ़ें

PCOS Diet Tips: महिलाओं में होने वाली समस्या पीसीओएस (PCOS) या पॉलिसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम (Polycystic ovary syndrome) एक गंभीर समस्या है, जिसका इलाज कराना बेहद जरूरी है. आजकल यह समस्या कई महिलाओं में देखने को मिल रही है. पीसीओएस होने पर ओवरी में सिस्ट बन जाती है. पीसीओएस के कारण कई अन्य शारीरिक समस्याओं के होने का रिस्क बढ़ा जाता है जैसे पीरियड्स सही समय पर ना आना, इंसुलिन रेजिस्टेंस, अनियमित पीरियड्स, इंफर्टिलिटी, वजन बढ़ना आदि. कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी या कंसीव करने में दिक्कत आती है. हालांकि, आप हेल्दी डाइट, स्वस्थ जीवनशैली, नियमित एक्सरसाइज, फिजिकली एक्टिव रहकर काफी हद तक इस समस्या से बचाव कर सकती हैं. पीसीओएस होने का पता चलने पर आप इसके लक्षणों को कुछ हेल्दी फूड्स (Diet tips in Polycystic ovary syndrome) के सेवन से कंट्रोल में रख सकती है.

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पीसीओएस के लक्षण
हॉप्किंसमेडिसिन में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पॉओलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें अंडाशय (Ovary) असामान्य मात्रा में एन्ड्रोजन (पुरुष सेक्स हार्मोन) का उत्पादन करते हैं, जो आमतौर पर महिलाओं में कम मात्रा में मौजूद होते हैं. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम का मतलब है कई छोटे-छोटे सिस्ट (द्रव से भरी थैली), जो अंडाशय में बनते हैं. इस डिसऑर्डर से ग्रस्त कुछ महिलाओं को सिस्ट नहीं बनते हैं, जबकि बिना विकार वाली कुछ महिलाओं में सिस्ट विकसित हो जाते हैं. जहां तक लक्षणों की बात है, तो इसमें निम्नलिखित लक्षण नजर आ सकते हैं-

  • पीरियड्स ना आना या फिर अनियमित होना
  • ओवरी में कई सिस्ट होना, अंडाशय का आकार बड़ा होना
  • शरीर पर अधिक बाल होना
  • वजन बढ़ना खासकर बेली फैट
  • एक्ने, ऑयली स्किन
  • बालों का बहुत अधिक झड़ना
  • इनफर्टिलिटी

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पीसीओएस में क्या खाएं
ऊपर बताए गए सभी लक्षणों को कम करने के लिए आपको अपनी डाइट में कुछ खास चीजों को शामिल करना होगा. इसमें कोलेस्ट्रॉल, कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा कम होनी चाहिए और फाइबर, हेल्दी फैट शामिल करना चाहिए. पीसीओएस में वजन को बढ़ने से रोकने के लिए डाइट पर काफी ध्यान देने की जरूरत होती है. आप डाइटिशियन या न्यूट्रिशनिस्ट से भी डाइट के लिए बात कर सकते हैं. इसमें आप लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स डाइट लें जैसे साबुत अनाज, फलियां, नट्स, बीज, फल, स्टार्च युक्त सब्जियां, अनप्रॉसेस्ड फूड्स, लो-कार्बोहाइड्रेट फूड्स. एंटी-इफ्लेमेटरी डाइट में बेरीज, फैटी मछली जैसे टूना, सैल्मन, हरी पत्तेदार सब्जियां, एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल आदि का सेवन करें.
इसके अलावा, हाई फाइबर फूड्स, डार्क फल जैसे लाल अंगूर, ब्लूबेरीज, ब्लैकबेरीज, चेरीज, ब्रोकोली, फूलगोभी, दालें, डार्क चॉकलेट, नट्स में बादाम, पिस्ता, अखरोट, पाइन नट्स, मसाले जैसे हल्दी, दालचीनी आदि का सेवन करें.

पीसीओएस में क्या ना खाएं
पीसीओएस होने पर पेस्ट्री, व्हाइट ब्रेड, फ्राइड फूड, फास्ट फूड, शुगरी ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स, सोडा, प्रॉसेस्ड मीट, अत्यधिक रेड मीट आदि खाने से बचें.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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