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पैदल चलने से कम होता है डायबिटीज का खतरा, अमेरिकी यूनिवर्सिटी की स्टडी में दावा

पैदल चलने से कम होता है डायबिटीज का खतरा, अमेरिकी यूनिवर्सिटी की स्टडी में दावा

स्टडी में बताया गया है कि हर दिन एक हजार कदम चलने से 70 से 80 साल के बुजुर्गों में डायबिटीज होने का खतरा 6 प्रतिशत तक कम हो जाता है. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

स्टडी में बताया गया है कि हर दिन एक हजार कदम चलने से 70 से 80 साल के बुजुर्गों में डायबिटीज होने का खतरा 6 प्रतिशत तक कम हो जाता है. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

Risk of Diabetes can be reduced by walking : कैलिफोर्निया सैन डिएगो यूनिवर्सिटी (California San Diego University) के रिसर्चर्स द्वारा की गई नई स्टडी के मुताबिक, 70 से 80 साल के बुजुर्गों के नियमित पैदल चलने से उनमें टाइप-2 डायबिटीज (मधुमेह) होने का खतरा कम हो जाता है. इस स्टडी के निष्कर्षों को डायबिटीज केयर (Diabetes Care) जर्नल में प्रकाशित किया गया है. इस स्टडी में बताया गया है कि हर दिन एक हजार कदम चलने से इस आयु वर्ग के लोगों (70 से 80 साल के बुजुर्गों) में डायबिटीज होने का खतरा 6 प्रतिशत तक कम हो जाता है. इसका मतलब है कि इन बुजुर्गों को औसतन वह जितना चलते हैं उससे दो हजार कदम और चलना चाहिए. इससे उन्हें डायबिटीज होने का खतरा 12 % कम हो जाएगा.

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Risk of Diabetes can be Reduced by walking : आजकल के लाइफस्टाइल में अनियमित खानपान और कम शारीरिक श्रम करने के चलते डायबिटीज (Diabetes) का खतरा बढ़ गया है. कैलिफोर्निया सैन डिएगो यूनिवर्सिटी (California San Diego University)  के रिसर्चर्स द्वारा की गई नई स्टडी के मुताबिक, 70 से 80 साल के बुजुर्गों के नियमित पैदल चलने से उनमें टाइप-2 डायबिटीज (मधुमेह) होने का खतरा कम हो जाता है. इस स्टडी के निष्कर्षों को डायबिटीज केयर (Diabetes Care) जर्नल में प्रकाशित किया गया है. इस स्टडी में बताया गया है कि हर दिन एक हजार कदम चलने से इस आयु वर्ग के लोगों (70 से 80 साल के बुजुर्गों) में डायबिटीज होने का खतरा 6 प्रतिशत तक कम हो जाता है. इसका मतलब है कि इन बुजुर्गों को औसतन वह जितना चलते हैं उससे दो हजार कदम और चलना चाहिए. इससे उन्हें डायबिटीज होने का खतरा 12 % कम हो जाएगा. दरअसल,डायबिटीज में हमारे पैनक्रियाज काम करना बंद कर देते हैं. पैंक्रियाज में बीटा सेल्स होती हैं. ये सेल इंसुलिन जेनरेट करने का काम करते हैं. जब हम खाना खाते हैं तो उससे ग्लूकोज (शुगर) बनता है. ये इंसुलिन उसी शुगर को कंट्रोल करने का काम करती है.

कई बार इंसुलिन पैदा करने वाले यही बीटा सेल्स कम या खत्म हो जाते हैं. ऐसे में खाने पर शरीर में बनने वाली शुगर अनियमित हो जाती है क्योंकि इंसुलिन बनाने वाली बीटा सेल्स ही नहीं हैं. तब दवा लेने पर शुगर कंट्रोल में रहता है लेकिन डायबिटीज खत्म नहीं होती.

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क्या कहते हैं जानकार
कैलिफोर्निया सैन डिएगो यूनिवर्सिटी (California San Diego University) की रिसर्चर एलेक्सिस सी गरडुनो (Alexis Garduno) के अनुसार 65 साल और उससे अधिक आयु की 4838 महिलाओं पर किए गए शोध में बताया गया कि उनमें से 395 या आठ प्रतिशत लोगों में डायबिटीज होने की आशंका है. अमेरिकी डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार 15 लाख लोग हर साल डायबिटीज के शिकार होते हैं.

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डायबिटीज के क्या लक्षण हैं?
डायबिटीज के दो चरण के होते हैं एक टाइप 1 और दूसरा टाइप 2 डायबिटीज. हेल्थलाइन की खबर के अनुसार, डायबिटीज के लक्षण कुछ इस तरह से होते हैं.

– बार-बार पेशाब आना
– बहुत प्यास लगना और बहुत ज्यादा पानी पीना
– बहुत भूख लगना
– बहुत थकान महसूस होना
– धुंधली दृष्टि होना
– कट या घाव होना जिसे ठीक होने में वक्त लगे

Tags: Diabetes, Health, Health News, Lifestyle

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