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रोजाना 4 घंटे से ज्यादा देर तक टीवी देखने से ब्लड क्लॉट का खतरा: स्टडी

रोजाना 4 घंटे से ज्यादा देर तक टीवी देखने से ब्लड क्लॉट का खतरा: स्टडी

रोजाना ढाई घंटे के मुकाबले चार घंटे या उससे ज्यादा देर तक टीवी देखने से खून का थक्का बनने का खतरा 35% तक बढ़ जाता है. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

रोजाना ढाई घंटे के मुकाबले चार घंटे या उससे ज्यादा देर तक टीवी देखने से खून का थक्का बनने का खतरा 35% तक बढ़ जाता है. (प्रतीकात्मक फोटो-shutterstock.com)

TV watching linked with potentially fatal blood clots : ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल (University of Bristol) के रिसर्चर्स द्वारा की गई इस स्टडी में 40 साल व उससे ज्यादा उम्र के 1 लाख 31 हजार 421 लोगों को शामिल किया गया, जिन्हें वीटीआई की समस्या नहीं थी. स्टडी में टीवी देखने और वीटीआई यानी वेनस थ्रोंबेबोलिज्म (venous thromboembolism) के बीच के संबंधों को परखा गया. वीटीआई में पल्मोनरी इंबोलिज्म (pulmonary embolism) यानी फेफड़ों में ब्लड का थक्का और ब्रेन थ्रोंब्रोसिस (brain thrombosis) शामिल होते हैं.

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TV watching linked with potentially fatal blood clots : ज्यादा देर तक टीवी देखने के नुकसान तो हमेशा से ही बताए जाते रहे हैं, लेकिन अब ब्रिटेन के साइंटिस्टों ने एक नई स्टडी में पाया है कि रोजाना ढाई घंटे के मुकाबले चार घंटे या उससे ज्यादा देर तक टीवी देखने से खून का थक्का (Blood Clot) बनने का खतरा 35% तक बढ़ जाता है. ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल (University of Bristol) के रिसर्चर्स द्वारा की गई इस स्टडी में 40 साल व उससे ज्यादा उम्र के 1 लाख 31 हजार 421 लोगों को शामिल किया गया, जिन्हें वीटीआई की समस्या नहीं थी. स्टडी में टीवी देखने और वीटीआई यानी वेनस थ्रोंबेबोलिज्म (venous thromboembolism) के बीच के संबंधों को परखा गया. वीटीआई में पल्मोनरी इंबोलिज्म (pulmonary embolism) यानी फेफड़ों में ब्लड का थक्का और ब्रेन थ्रोंब्रोसिस (brain thrombosis) शामिल होते हैं. वेन थ्रोंबोसिस में शिरा (vein) में खून का थक्का (Blood Clot) बनने (खास तौर पर पैंरों में) का खतरा होता है और ये फेफड़ों तक पहुंच सकता है, जिसके कारण पल्मोनरी इंबोलिज्म की आशंका पैद हो जाती है.

इस स्टडी का निष्कर्ष ‘यूरोपियन जर्नल ऑफ प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी (European Journal of Preventive Cardiology)’ में प्रकाशित हुआ है.

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क्या कहते हैं जानकार
यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल (University of Bristol) से जुड़े इस स्टडी के प्रमुख राइटर डॉ सेटर कुनट्सर (Dr Setor Kunutsor) के अनुसार, हमारी स्टडी के निष्कर्षों ने ये भी सुझाया है कि शारीरिक रूप से एक्टिव रहने के बावजूद लंबे समय तक टीवी देखने के कारण खून का थक्का बनने के लिए खतरे को खत्म नहीं किया जा सकता. इसलिए, जब भी टीवी देखें तो बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें. आधे घंटे के अंतराल में खड़े हो जाएं और स्ट्रेचिंग करें. टीवी देखते समय जंक या फास्ट फूड आदि का सेवन कतई ना करें.

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शोधकर्ताओं ने लंबे समय तक टीवी देखने वाले बनाम कभी नहीं/शायद ही कभी टीवी देखने वालों में वीटीई विकसित करने के सापेक्ष जोखिम का विश्लेषण किया. उन्होंने पाया कि कभी नहीं देखने वालों की तुलना में लंबे समय तक टीवी देखने वाले दर्शकों में वीटीई विकसित होने की संभावना 1.35 गुना अधिक थी.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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