क्‍या है अप्लास्टिक एनीमिया, इन कारणों से नहीं बनता शरीर में नया ब्‍लड

अप्लास्टिक एनीमिया किसी भी उम्र के इंसान को हो सकता है जिसका लक्षण एकाएक सामने नहीं आता.Image Credit : Pexels/Karolina Grabowska

अप्लास्टिक एनीमिया किसी भी उम्र के इंसान को हो सकता है जिसका लक्षण एकाएक सामने नहीं आता.Image Credit : Pexels/Karolina Grabowska

Know All About Aplastic Anemia : अप्लास्टिक एनीमिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें बोनमैरो (Bone Marrow) में ब्‍लड (Blood) नहीं बन पाता और ऐसी स्थिति में मरीज को थकावट, कमजोरी आने लगती है. इसकी कई वजहें हैं जो किसी को भी हो सकती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 6:35 AM IST
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Know All About Aplastic Anemia : अप्लास्टिक एनीमिया (Aplastic Anemia) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर नई रक्‍त कोशिकाओं (New Blood Cells) का उत्‍पादन बंद कर देता है. ऐसी स्थिति में बोनमैरो (Bone Marrow) में ब्‍लड बनने में दिक्‍कत आती है जिससे मरीज में कमजोरी, थकावट जैसी समस्‍याएं शुरू हो जाती हैं. यह बीमारी किसी भी उम्र के इंसान को हो सकती है जिसका लक्षण एकाएक सामने नहीं आता. अगर इसे ज्‍यादा दिनों तक इग्‍नोर किया गया तो इसका परिणाम गंभीर हो सकता है और इससे मौत तक हो सकती है.

मायोक्‍ल‍ीनिक के मुताबिक, इसे ठीक करने के लिए दवाओं का सहारा लिया जाता है और जरूरत पड़ने पर ब्‍लड ट्रान्‍सफ्यूजन या सेल ट्रांसप्‍लांट भी किया जाता है. इसे बोनमैरा ट्रांसप्‍लांट (Bone Marrow Transplant) भी कहा जाता है. दरअसल बोनमैरो के अंदर मौजूद स्‍टीम सेल्‍स ही रेड सेल्‍स, वाइट सेल्‍स और प्‍लेटलेट्स को बनाते हैं. लेकिन जब अप्लास्टिक एनीमिया की स्थिति आती है तो ये स्‍टीम सेल्‍स ही डैमेज हो चुका होता है. ऐसे में बोनमैरो या तो खाली हो जाता है या कुछ एक रक्‍त कोशिकाएं बची रह जातीं हैं. इसके डैमेज होने की कई वजहें होतीं हैं.

1.रेडिएशन और कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट

कैंसर के इलाज में प्रयोग होने वाले इन ट्रीटमेंट्स की वजह से कई बार कैंसर सेल्‍स के साथ साथ बोनमैरो में मौजूद हेल्‍दी सेल्‍स भी मर जाते हैं. इन ट्रीटमेंट्स के साइड इफेक्‍ट्स के रूप में अप्लास्टिक एनीमिया किसी को भी हो सकता है.
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2.टॉक्सिक कैमिकल के संपर्क में आने से

कई बार टॉक्सिक कैमिकल्‍स जैसे कि जहरीले कीटनाशकों या कीटनाशकों में प्रयोग में आने वाले घटकों आदि भी इसकी वजह बन जाती है. ऐसे में बार बार ऐसी चीजों के संपर्क में आने से बचना बहुत जरूरी है.



3.कुछ खास दवाओं का लगातार उपयोग

कुछ खास दवाओं के लगातार सेवन से भी यह समस्‍या शुरू हो सकती है. जैसे रुमेटीइड गठिया और कुछ एंटीबायोटिक दवाओं के सेवन से भी अप्लास्टिक एनीमिया किसी को भी हो सकता है.

4.ऑटो इम्‍यून डिसऑर्डर

इसमें कई बार आपकी ही इम्‍यून सिस्‍टम हेल्‍दी सेल्‍स पर अटैक कर देती है और उन्‍हें धीरे धीरे मारने लगती है. ये बोनमैरो में मौजूद सेल्‍स को भी खत्‍म करने लगती है जो एक डिसऑर्डर है.

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5.वायरल इनफैक्‍शन भी होती हैं वजह

बोनमैरो को प्रभावित करने वाले वायरल इन्‍फैक्‍शन भी अप्लास्टिक एनीमिया की वजह हो सकता है. इन वायरस में हेपेटाइटस बी, एचआईवी, एपस्टीन-बार, साइटोमेगालोवायरस, पैरोवायरस बी 19 भी शामिल हैं.

6.हार्मोन असंतुलन

महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण इम्‍यून सिस्‍टम बोनमैरो के क्षति‍ का कारण हो सकती है. इन तमाम वजहों से शरीर में नए ब्‍लड बनना बंद हो जाते हैं और इसके लिए इलाज की जरूरत पड़ती है.
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