जरूरी है कोविड -19 की दो वैक्सीन के बीच गैप, जानें वजह

कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरे शॉट के लिए 28 दिन का गैप जरूरी है. Image Credit: News18 Hindi

Know Why Gap Between Two Shots Of Covid-19 Is Important : कोविड वैक्सीन लगाया जाना बेशक राहत भरी खबर है,लेकिन इन सबके बीच इस वैक्सीन के दो शॉट्स (Shots) के बीच अंतर होना भी जरूरी है तभी इसका पूरा फायदा मिल पाएगा. जानिए ऐसा क्यों है.

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    Know Why Gap Between Two Shots Of Covid-19 Is Important : कोविड-19 पैनडेमिक के बीच इसकी वैक्सीन बन जाना और उसे लगाया जाना बेशक राहत भरी खबर हो, लेकिन COVID-19 वैक्सीन की दूसरी डोज यानी खुराक लेने के बाद भी आप इसके शिकार हो सकते हैं. हालांकि यह पहले जितना खतरनाक नहीं बेहद माइल्ड यानी हल्के तौर पर ही आप पर असर करेगा. जिसके लिए आपको अस्पताल जाने या वहां भर्ती होने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी. भारत के टीकाकरण (Vaccination) कार्यक्रम के मुताबिक कोविशिल्ड (Covishield) की दो खुराक के बीच 28 दिन का अंतर (Gap) होना जरूरी है. भारत में लोगों ने वैक्सीनेशन शुरू करने के साथ ही कईयों ने अपनी दूसरी खुराक के लिए भी रजिस्ट्रेशन करा लिया है. हालांकि इस सबके बीच एक सवाल लोगों के दिलो दिमाग में घूम रहा है कि आखिर कोविशिल्ड की खुराकों के बीच 28-दिन के अंतर की क्या अहमियत है तो हम आज आपको यही बताने जा रहे हैं कि आखिर ये गैप क्यों जरूरी है ?

    कोविशिल्ड शॉट्स के गैप से पहले जानें वैक्सीनेशन की अहमियतः  

    इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर में मुंबई के वाशी हीरानंदानी हॉस्पिटल में इंटरनल मेडिसिन की डायरेक्टर डॉ. फराह इंगले बताती हैं कि कोविड-19 वैक्सीनेशन इस महामारी के खिलाफ प्रोटेक्शन बढ़ाने में मदद करने का एक सुरक्षित तरीका है. यदि आप बीमार हो जाते हैं,तो आप अपने आसपास के दोस्तों, परिवार, सहकर्मियों और अन्य लोगों में बीमारी फैला सकते हैं. दूसरी तरफ वैक्सीन इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करने के साथ ही बीमारी फैलने की चेन को तोड़ने में भी सहायक बनती है. उनके मुताबिक भारत में उपलब्ध कोवाक्सिन और कोविशिल्ड दोनों वैक्सीन कठोर क्लीनिकल प्रक्रियाओं और परीक्षणों से गुजरे हैं,जिसके बाद उन्हें पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के लिए प्रमाणित किया गया है. हालांकि ये सुरक्षित हैं लेकिन आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इन्हें लगाना चाहिए.

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    वैक्सीनेशन की अवधिः 

    डॉक्टर बताते हैं कि पहली खुराक या शॉट लेने के बाद एंटीबॉडी के विकसित होने में लगभग 2-3 सप्ताह लगते हैं. पहली खुराक के साथ लोगों के शरीर में धीरे-धीरे एंटीबॉडी विकसित होते हैं, लेकिन दूसरी खुराक के साथ, यह प्रक्रिया तेज हो जाती है. इसलिए दोनों शॉट्स के बीच कम से कम 28 दिन का गैप सही और जरूरी है. कई देश लगभग तीन महीने के गैप को बनाए रख रहे हैं ताकि यह पक्का किया जा सके कि उनके देश में अधिकतम संख्या में लोग टीका लगवाएं. हालांकि भारत में हमारा दृष्टिकोण इससे अलग है. हमारे यहां टीकाकरण चरणबद्ध दृष्टिकोण में जनसंख्या के आकार को ध्यान में रखा गया है ताकि लोग समय पर अपना वैक्सीनेशन करवा सकें.

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    वैक्सीन की खुराक के बीच क्या करना चाहिएः  

    -डॉक्टर कहते हैं कि आपके वैक्सीन की पहली खुराक लेने का मतलब यह नहीं है कि आप संक्रमित नहीं होंगे.आपको दूसरी खुराक लेने के बाद भी COVID-19 हो सकता है, लेकिन यह बहुत ही हल्का होगा, और इसके लिए वैक्सीनेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
    -जब बाहर भीड़ में हो तो भीड़ से बचकर रहें और मास्क पहनें.
    -ऐसी जगहों का सफर न करें जहां यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि आपके आसपास के लोगों को वैक्सीन लगी है कि नहीं.
    -वैक्सीनेशन के बाद आपको दर्द, हल्का बुखार, थकान, बदन दर्द जैसे सामान्य साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए अधिक लिक्विड वाली चीजें अपनी डाइट में शामिल करें. बुखार या दर्द होने पर प्रभावित एरिया में साफ, ठंडे, गीले धुले कपड़े का इस्तेमाल करें.
    -इम्युनिटी बेहतर करने के लिए पौष्टिक आहार लें.
    -सुनिश्चित करें कि आपको अच्छी नींद आए.
    -सबसे अहम बात कि आप ख़ुद को खतरनाक वायरस से प्रतिरक्षित (Immune) न समझें.(Disclaimer:इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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