World Asthma Day 2021: तेजी से फूलती है सांस? ये हैं अस्थमा के लक्षण, कारण, जानें बचाव का तरीका

अस्थमा (दमा) फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है

अस्थमा (दमा) फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है

World Asthma Day 2021 Symptoms, Causes and Tips to Prevent Asthma Attacks- अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति के फेफड़ों में ब्रोन्कियल ट्यूब में सूजन आ जाती है जिससे कि फेफड़े बुरी तरह से प्रभावित होते हैं.

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World Asthma Day 2021 Symptoms, Causes and Tips to Prevent Asthma Attacks- आज वर्ल्ड अस्थमा डे है. अस्थमा को दमा भी कहते हैं. अस्थमा (दमा) फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है. इस बीमारी में सांस की नालियां (airways) संकुचित हो जाती हैं और उनमें सूजन आ जाती है, इस वजह से रोगी को सांस लेने में भी दिक्कत महसूस होती है. अस्थमा के मरीजों में म्यूकस भी काफी अधिक बनता है. जो रोगी अस्थमा से अधिक पीड़ित होते हैं कई बार उन्हें बात करने या बहुत ज्यादा एक्टिव रहने में भी कठिनाई महसूस होती है.

अस्थमा के कुछ प्रमुख लक्षण हैं:

अस्थमा से पीड़ित व्यक्ति के फेफड़ों में ब्रोन्कियल ट्यूब में सूजन आ जाती है जिससे कि फेफड़े बुरी तरह से प्रभावित होते हैं. सामान्य रूप से सांस लेने के दौरान, सांस नली के आसपास के मांसपेशियों के बैंड शिथिल हो जाते हैं जिससे कि हवा की आवाजाही आसान हो जाती है यानी कि आसानी से सांस ली जा सकती है. हालांकि, अस्थमा के कारण, मांसपेशियां कठोर हो जाती हैं जिससे हवा मुश्किल से जा पाती है और सांस लेने में काफी दिक्कत आती है.

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अस्थमा से पीड़ित व्यक्तियों में सांस की नली काफी नाज़ुक होती है जोकि जरा से भी परिवर्तन या ट्रिगर होने पर ओवररेट और संकरी हो जाती है.

अस्थमा के लक्षण: 



अस्थमा से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति में एक जैसे ही लक्षण नहीं दिखाई पड़ते हैं. अस्थमा के एक अटैक से लेकर अगले अटैक तक लक्षण हलके से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं...

यदि अस्थमा से पीड़ित किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखें तो तल्काल उसे डॉक्टर्स की सलाह लेनी चाहिए:

- अगर चेहरा, होंठ और नाखून पीले या नीले रंग के लगें.

- बहुत तेजी से या असामान्य रूप से सांस लेना.

-जब आप सांस लेते हैं तो आपकी पसलियों के आसपास की त्वचा अंदर की ओर खिंचती महसूस होती है.

-बात करने, चलने या सांस लेने में परेशानी हो.

जब आप अस्थमा से पीड़ित होते हैं तो आपकी सांस की नली आपके आसपास की हर चीज से ट्रिगर होती है. चिकित्सा विशेषज्ञ इसे अस्थमा ट्रिगर कहते हैं, जो कि कि लक्षण पैदा कर सकता है या उन्हें अधिक गंभीर बना सकता है.

अस्थमा को ट्रिगर करने वाली चीजों में शामिल हैं:

- हवा में मौजूद प्रदूषण के कण.

- व्यायाम

- धूम्रपान करने वाला तंबाकू

- मोल्ड, परागकण, धूल के कण आदि से एलर्जी.

- फ्लू, सर्दी, साइनस जैसे संक्रमण

- सफाई करने से या मजबूत गंध वाले इत्र से भी.

-मौसम में बदलाव या ठंडी हवा

- एस्पिरिन जैसी कुछ दवाएं

- स्ट्रेस, चिंता या तनाव जैसे भावनाएं.

अस्थमा से पीड़ित कुछ लोगों में लंबे समय तक कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं वहीं कुछ लोगों को रोज़ाना ही अस्थमा से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. कुछ लोगों को संक्रमण जैसे सर्दी या व्यायाम के दौरान भी अस्थमा के लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है.

अस्थमा से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय:

- डॉक्टर द्वारा प्रिसक्राइब की गई दवाओं का नियमित रूप से सेवन करें.

- अपनी सांसो पर नज़र रखें. यदि कुछ असामान्य लगे तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें.

-अपने अस्थमा एक्शन प्लान को ट्रैक करते रहें.

- निमोनिया और इन्फ्लूएंजा के लिए एक टीका लगवा लें.

- जिन चीजों से आपको एलर्जी हो और प्रदूषकों से भी दूर रहें.
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