World Tuberculosis (TB) Day 2021: विश्व तपेदिक दिवस मनाने का मकसद है दुनिया से इस बीमारी का हो खात्मा

World Tuberculosis (TB) Day 2021ःटीबी अभी भी दुनिया की सबसे घातक संक्रामक किलर डिज़ीज़ में से एक है. सांकेतिक फोटो
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World Tuberculosis (TB) Day 2021: फेफड़ों से जुड़ी इस बीमारी को क्षय, तपेदिक और राजरोग के नाम से भी जाना जाता रहा है, हालांकि इससे शरीर के अन्य हिस्से भी प्रभावित होते हैं. एक वक्त में ये बीमारी लाइलाज थी, लेकिन इसके वैक्सीन बनने के बाद इसकी रोकथाम हुई है,लेकिन अभी भी यह दुनिया को परेशान किए हुए है.

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  • Last Updated: March 24, 2021, 9:20 AM IST
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World Tuberculosis (TB) Day 2021: विश्व टीबी या तपेदिक दिवस हर साल 24 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि 24 मार्च, 1882 को जर्मन फिजिशियन और माइक्रोबायोलॉजिस्ट रॉबर्ट कॉच ने टीबी के बैक्टीरियम यानी जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस (Mycobacterium Tuberculosis) की खोज की थी. उनकी यह खोज आगे चलकर टीबी के निदान और इलाज में बहुत मददगार साबित हुई. इस योगदान के लिए इस जर्मन माइक्रोबायोलॉजिस्ट को 1905 में नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया. यही वजह है कि हर साल विश्व स्वास्थ्य संगठन टीबी के सामाजिक, आर्थिक और सेहत के लिए हानिकारक नतीजों पर दुनिया में पब्लिक अवेयरनेस फैलाने और दुनिया से टीबी के खात्मे की कोशिशों में तेजी लाने के लिए यह दिन मनाता आ रहा है. इसका उद्देश्य दुनिया में टीबी की बीमारी के लिए लोगों को अवेयर करने के साथ ही इसकी रोकथाम करने से है. यही वजह है कि विश्व टीबी दिवस के मौके पर जागरूकता अभियान चलाने के साथ ही कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

इस साल की थीम है वक्त गुजर रहा हैः  

इस साल विश्व टीबी दिवस 2021 की थीम द क्लॉक इज टिकिंग (The clock is ticking) है. इसका शाब्दिक अर्थ कुछ करने के लिए वक्त के बेहद तेजी से गुजरने और इस काम में तेजी लाने की तरफ इशारा करने से है. टीबी के संदर्भ में इसे देखा जाए तो इसका मतलब है कि टीबी के खात्मे के लिए ग्लोबल लीडर्स द्वारा जताई गई प्रतिबद्धताओं पर काम करने के लिए दुनिया का वक्त बेहद तेजी से बीतता जा रहा है.कोविड-19 पैनडेमिक जैसे नाजुक दौर में खासतौर पर यह अहम है, जिसकी वजह से टीबी पर हो रही प्रोग्रेस खतरे में पड़ गई हो. इस महामारी की वजह से टीबी की रोकथाम और देखभाल के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करने की डब्ल्यूएचओ की यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज ड्राइव पर भी असर पड़ा है.

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अभी भी है किलर डिज़ीज़ की कैटेगरी मेंः 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक टीबी अभी भी दुनिया की सबसे घातक संक्रामक किलर डिज़ीज़ में से एक है. हर दिन, लगभग 4000 लोग टीबी से अपनी जान गंवाते हैं और 28,000 के करीब लोग इस रोकथाम और इलाज की जा सकने वाली बीमारी की चपेट में आ जाते हैं, टीबी से निपटने की वैश्विक कोशिशों की वजह से साल 2000 से लगभग 63 मिलियन लोगों की जान बचाई जा सकी है.

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विश्व टीबी दिवस 2021 पर, डब्ल्यूएचओ ने सभी से किया वादा:  

डब्ल्यूएचओ ने विश्व टीबी दिवस पर इस तरह कई वादे किए हैं. इनमें 2022 तक 40 मिलियन लोगों का निदान और इलाज करना जैसे वादे हैं, यह डब्ल्यूएचओ के यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज और ग्लोबल फंड और स्टॉप टीबी पार्टनरशिप के साथ संयुक्त रूप से डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक की फ्लैगशिप पहल “Find. Treat. All. #EndTB” के तहत किया जाना है. सतत विकास लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए, डब्ल्यूएचओ की एंड टीबी रणनीति (End TB Strategy), टीबी खत्म करने की मॉस्को घोषणा और टीबी पर संयुक्त राष्ट्र उच्च-स्तरीय बैठक की राजनीतिक घोषणा में निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए एंड टीबी रिस्पांस को तेजी लाना.
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