रात में पसीना आना भी हो सकता है टीबी का लक्षण, बरतें ये सावधानियां

बुखार, खांसी की तरह रात में पसीना आना भी टीबी का लक्षण हो सकता है. Image Credit/Pixabay
बुखार, खांसी की तरह रात में पसीना आना भी टीबी का लक्षण हो सकता है. Image Credit/Pixabay

ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis) यानी टीबी एक संक्रामक रोग है. अगर तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक खांसी (Cough) और इसके साथ बलगम में खून आए तो ये इसके लक्षण हो सकते हैं. एक और लक्षण बहुत महत्वपूर्ण है, वह यह है कि टीबी के शिकार व्यक्ति को रात में पसीना (Sweat) आता है.

  • Last Updated: October 6, 2020, 6:42 AM IST
  • Share this:


ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis) यानी टीबी एक संक्रामक रोग है, जो आमतौर पर माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (एमटीबी) बैक्टीरिया (Bacteria) के कारण होता है. इसे तपेदिक या क्षय रोग भी कहते हैं. यह रोग आमतौर पर फेफड़ों (Lungs) को प्रभावित करता है, लेकिन शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता है. myUpchar के अनुसार यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में हवा द्वारा फैलता है.

टीबी दो तरह के होते हैं लेटेंट और एक्टिव टीबी. लेटेंट टीबी का मतलब है कि बैक्टीरिया शरीर में है, लेकिन शरीर का इम्यून सिस्टम (Immune System) उसे सक्रिय नहीं होने दे रहा है. इसलिए टीबी के लक्षणों का अनुभव नहीं होता है. लेकिन लेटेंट टीबी है तो वह एक्टिव टीबी बन सकता है. एक्टिव टीबी का मतलब है कि बैक्टीरिया शरीर में विकसित हो रहा है और इसके लक्षण महसूस होंगे. अगर फेफड़े एक्टिव टीबी से संक्रमित हैं तो यह बीमारी दूसरों में भी फैल सकती है.



एक्टिव टीबी में दिखते हैं ये लक्षण
यूं तो टीबी में शरीर का जो हिस्सा प्रभावित होता है, उसी आधार पर लक्षण विकसित होते हैं. एक्टिव टीबी से पीड़ित मरीज को श्वसन प्रणाली से जुड़े लक्षण महसूस होते हैं. अगर तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक खांसी और इसके साथ बलगम में खून आए तो डॉक्टर से जरूर मिलना चाहिए. इसके अलावा अन्य लक्षणों में बुखार, थकान, छाती में दर्द, सांस फूलना, वजन कम होना, मांसपेशियों में क्षति भी शामिल हैं. एक और लक्षण बहुत महत्वपूर्ण है और वह यह है कि टीबी के शिकार व्यक्ति को रात में पसीना आता है.

ये भी पढ़ें - कोरोना वायरस से पड़ रहा पुरुषों के सेक्स हॉर्मोन्स पर असर, जानिए कैसे

कुछ मामलों में टीबी फेफड़ों की बजाए अन्य जगहों पर हो सकता है, जैसे हड्डियों, जोड़ों, पाचन तंत्र, मूत्राशय, प्रजनन प्रणाली, मस्तिष्क, नसें आदि. इनके लक्षणों में पेट दर्द, दस्त, ग्रंथियों में सूजन, पीठ में अकड़न, दौरा पड़ना, प्रभावित हड्डी में दर्द और उसके काम करने की क्षमता में कमी होना आदि शामिल हैं.

ऐसे होती हैं जांच और इलाज
टीबी का पता लगाने के लिए छाती का एक्सरे और ट्यूबरकुलिन टेस्ट किया जाता है. उसके बाद कफ की जांच की जाती है. ब्लड टेस्ट यह पुष्टि करता है कि व्यक्ति को लेटेंट टीबी है या एक्टिव टीबी है. डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाओं से बैक्टीरिया को मारकर टीबी का इलाज करते हैं.

ये भी पढ़ें - कोरोना में क्‍यों की जाती है कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, जानिए क्‍या है ये

ये सावधानियां जरूरी
myUpchar की डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि एक्टिव टीबी होने पर कुछ सावधानियां बहुत जरूरी है. जब तक टीबी हो तब तक अकेले रहने की कोशिश करें, ताकि ये बीमारी किसी और में न फैले. वहीं खांसते, छींकते समय मुंह टिशू से ढंके और उसे कूड़ेदान में फेंक दे. विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व को जरूर खानपान में शामिल करें. घर की और अपनी साफ-सफाई का जरूर ध्यान रखें. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि डॉक्टर के बताए अनुसार ही दवा लें और तब तक सही तरीके से लें जब तक कि वे बंद करने के लिए न कहें.

एक्टिव टीबी से बचने के लिए भी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. जिस व्यक्ति को टीबी हो उसके साथ बंद कमरे में ज्यादा समय न रहें. मास्क पहनना, मुंह ढककर रखना और कमरे में वेंटीलेशन का इस्तेमाल करने से भी बैक्टीरिया फैलने से रोकथाम की जा सकती है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, टीबी के लिए क्या करना चाहिए पढ़ें।

न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज