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बढ़ती उम्र में बढ़ सकती हैं आंखों की समस्‍याएं, इस तरह रखें आंखों का ध्‍यान

उम्र बढ़ने के साथ आंखों से संबंधित समस्‍याएं भी घेरने लगती हैं. Image Credit/Pexels Edu Carvalho
उम्र बढ़ने के साथ आंखों से संबंधित समस्‍याएं भी घेरने लगती हैं. Image Credit/Pexels Edu Carvalho

बढ़ती उम्र के साथ सेहत (Health) में गिरावट आने लगती है. ऐसे में दृष्टि संबंधित बीमारियां (Vision Related Diseases) भी घेरने लगती हैं. साथ ही डायबिटीज (Diabetes), हाई बीपी (High BP) और हृदय से संबंधित बीमारियां भी बुजुर्गों में दृष्टि संबंधित समस्‍याओं का कारण बनती हैं.

  • Last Updated: October 5, 2020, 1:40 PM IST
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जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ने लगती है, वैसे-वैसे उसकी सेहत (Health) में गिरावट आने लगती है और कई तरह की बीमारियां व्यक्ति को घेर लेती हैं. इन्हीं में से एक दृष्टि संबंधित बीमारियां (Vision Related Diseases) भी हैं. मोतियाबिंद, एज-रिलेटेड मैक्यूलर डीजेनेरेशन (एएमडी) और ग्लॉकोमा- ये आंख से जुड़ी कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिनका संबंध बढ़ती उम्र से है और अगर समय रहते इनका सही इलाज न हो तो बुजुर्गों की न सिर्फ दृष्टि बाधित हो जाती है, बल्कि अंधेपन का खतरा भी हो सकता है. इसके अलावा डायबिटीज (Diabetes), हाई बीपी (High BP) और हृदय रोग जैसी बीमारियां भी बुजुर्गों में दृष्टि संबंधित बीमारियों का कारण बनती हैं.

65 साल की उम्र आते-आते ज्यादातर लोगों को चश्मा पहनने की जरूरत महसूस होने लगती है. लिहाजा नियमित रूप से आंखों की जांच करवाने के साथ ही हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना और पोषण से भरपूर हेल्दी चीजों का सेवन करना भी जरूरी है, ताकि लंबे समय तक आंखों की सेहत बनी रहे और दृष्टि संबंधित बीमारियों को होने से रोका जा सके. 60 साल की उम्र के बाद अपनी आंखों का ख्याल रखने के लिए आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस बारे में हम आपको यहां बता रहे हैं-



1. नियमित रूप से आई टेस्ट करवाएं
नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा साल में एक बार आंखों की जांच करवाना बेहद महत्वपूर्ण है. यह न केवल इसलिए जरूरी है क्योंकि ऐसा करने से मोतियाबिंद, एएमडी और ग्लॉकोमा जैसी बीमारियों के बारे में शुरुआती चरण में ही पता चल जाता है, बल्कि, डायबिटीज और हाई बीपी जैसी प्रणालीगत स्थितियों की पहचान करने में भी मदद मिल सकती है.

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2. डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब किए गए चश्मे को जरूर पहनें
अधिकांश वरिष्ठ नागरिकों को दूर और पास दोनों ही तरह के दृष्टि दोष होते हैं जिस कारण उन्हें चश्मा पहनने की आवश्यकता होती है. अगर नेत्र रोग विशेषज्ञ ने आपको कोई चश्मा प्रिस्क्राइब किया हो तो उसे नियमित रूप से जरूर पहनें. ऐसा करने से न सिर्फ बेहतर दृष्टि सुनिश्चित होती है, बल्कि आंखों से ठीक तरह से न दिखने के कारण गिरने या दुर्घटनाएं होने का खतरा भी कम हो जाता है.

3. आंखों के लिए सुरक्षात्मक चश्मे
सूर्य की हानिकारक यूवी (अल्ट्रावायलेट) किरणों से बुजुर्गों की आंखों को बचाना भी बेहद जरूरी है. इसके लिए आप चाहें तो धूप के चश्मे (सनग्लासेज) का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर यूवी प्रोटेक्ट कोटिंग वाले प्रिस्क्रिप्शन ग्लासेज पहन सकते हैं. साथ ही आप चाहें तो हैट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि आंखों को सुरक्षित रखा जा सके.

4. स्वस्थ खानपान और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
हेल्दी डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज और ढेर सारे फल और सब्जियां शामिल होती हैं जो न केवल आपकी आंखों को, बल्कि पूरे शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करने में मदद करते हैं. स्वस्थ आहार के साथ ही सामान्य शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखने और बीमारी को दूर करने के लिए एक्सरसाइज करना भी जरूरी है. शरीर के बाकी हिस्सों की ही तरह आंखों में भी ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना रहे इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए. इसके लिए अपनी हथेलियों को आपस में रगड़ें और फिर उसे कुछ मिनटों के लिए अपनी आंखों पर रखें लेकिन किसी तरह का प्रेशर न बनाएं, इसके अलावा आप चाहें तो कम से कम 10 से 15 बार अपनी पलकें झपकाएं, दूर और पास की चीजों पर फोकस करें- ये आंखों के लिए बेहतर एक्सरसाइज हैं.

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5. धूम्रपान न करें
धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है और बढ़ती उम्र में अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है तो इससे मोतियाबिंद और एएमडी जैसी बीमारियां होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. अगर कोई व्यक्ति धूम्रपान करता है तो उसे एज-रिलेटेड मैक्यूलर डीजेनेरेशन यानी एएमडी होने होने का जोखिम 2.5 से 3.5 गुना अधिक होता है. अगर आप 80 साल के हैं और धूम्रपान करते हैं, तो एएमडी का खतरा 5.5 गुना बढ़ जाता है.

6. गिरने और आंखों में चोट लगने से बचें
इसका मतलब है आपको नियमित रूप से डॉक्टर द्वारा बताया गया प्रिस्क्रिप्शन वाला चश्मा और सुरक्षात्मक आईवियर (धूप का चश्मा और फेस शील्ड) पहनना चाहिए. घर के अंदर भी गिरने और चोट लगने से बचने के लिए बुजुर्गों को हर तरह की सावधानी बरतनी चाहिए.

7. उचित रोशनी का इंतजाम करें
20 वर्ष के व्यक्ति की तुलना में 60 वर्ष के व्यक्ति को सभी चीजों को अच्छी तरह से देखने के लिए 3 गुना अधिक रोशनी की जरूरत होती है. इसलिए इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आपके घर में और बुजुर्गों के कमरों में रोशनी की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए. खिड़कियों को साफ रखें और पर्दे को खोलकर रखें ताकि कमरे में भरपूर रोशनी आए. सुनिश्चित करें कि उनके कमरे में कृत्रिम या इलेक्ट्रिक लाइटिंग की भी पूरी व्यवस्था हो खासकर सीढ़ियों के ऊपर और नीचे ताकि वे स्पष्ट रूप से अपने कदमों को देख सकें. पढ़ने-लिखने या इस तरह का कोई और काम करते वक्त टेबल लैंप की सीधी रोशनी का उपयोग करें.

8. अच्छी नींद लेना है जरूरी
जब आप सोते हैं, तो आपकी आंखों में लगातार चिकनाई बनी रहती है जिससे आंखों में सूखापन या ड्राई आईज की समस्या नहीं होती. इसके अलावा धूल-मिट्टी या धुएं जैसे उत्तेजक तत्व जो दिन के वक्त आंखों में जमा हो सकते हैं वे भी आंखों से बाहर निकल जाते हैं. इसलिए अच्छी नींद लेना भी जरूरी है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल आंखों की देखभाल के लिए इन बातों का रखें ध्यान पढ़ें

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