ORS Day 2020: क्या होता है ओआरएस, डायरिया से बचने के लिए कैसे करते हैं इसका इस्तेमाल

ORS Day 2020: क्या होता है ओआरएस, डायरिया से बचने के लिए कैसे करते हैं इसका इस्तेमाल
लूज मोशन के समय शरीर में पानी की कमी को ओआरएस की मदद से पूरा किया जा सकता है.

ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ORS) के महत्व को चिन्हित करने के उद्देश्य से 29 जुलाई को हर साल ओआरएस डे (ORS day) मनाया जाता है. ओआरएस बेहद किफायती और फायदेमंद तरीका है जिसकी मदद से घातक बीमारियों से लड़ा जा सकता है.

  • Last Updated: July 29, 2020, 6:35 AM IST
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चिकित्सा के क्षेत्र में इतना विकास होने के बाद भी डायरिया (Diarrhea) अब भी दुनियाभर में 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का दूसरा सबसे प्रमुख कारण है. हर साल डायरिया के कारण लगभग 15 लाख बच्चों की मृत्यु हो जाती है. एड्स (AIDS), मलेरिया (Malaria) और खसरे को मिलाकर जितने छोटे बच्चों की मौत होती है, उससे कहीं ज्यादा बच्चों की मौतें डायरिया के कारण हो जाती है. विकासशील देशों में डायरिया अधिक प्रचलित है और इसका कारण है साफ और सुरक्षित पीने के पानी की कमी और साफ-सफाई का अभाव और साथ ही में आबादी के एक बड़े हिस्से में समग्र स्वास्थ्य और पोषण की कमी. डॉक्टरों का कहना है कि डायरिया से होने वाली करीब 70 प्रतिशत मौतों को मौखिक पुनर्जलीकरण नमक वाले सॉलूशन के साथ आसानी से रोका जा सकता है, जो एक बेहद आसान चीनी और नमक का सॉलूशन है.

ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट यानी ओआरएस के महत्व को चिन्हित करने के उद्देश्य से 29 जुलाई को हर साल ओआरएस डे मनाया जाता है. ओआरएस बेहद किफायती और फायदेमंद तरीका है जिसकी मदद से घातक बीमारियों से लड़ा जा सकता है.



शरीर को कैसे प्रभावित करता है डायरिया?
डायरिया, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल यानी जठरांत्र से जुड़ी बेहद कॉमन बीमारी है जो या तो कुछ घंटों तक जारी रह सकती है या फिर कई दिनों तक. इंसान के जीवित रहने के लिए शरीर में जितना भी पानी और नमक की जरूरत होती है, डायरिया होने पर यह पानी और नमक पूरी तरह से नष्ट हो जाता है. डायरिया या दस्त से मरने वाले ज्यादातर लोग वास्तव में गंभीर डिहाइड्रेशन और शरीर से तरल पदार्थों के नुकसान के कारण मर जाते हैं.

ओआरएस है क्या?
ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट जिसे सामान्य बोलचाल की भाषा में ओआरएस का घोल कहा जाता है, यह शक्ति को बढ़ाने वाला ऐसा मिश्रण है जो शरीर के खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को वापस हासिल करने में मदद करता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ओआरएस में 4 मूल घटक होते हैं जिन्हें 1 लीटर साफ पीने के पानी में घोलने की जरूरत होती है. वे घटक हैं-

  • सोडियम क्लोराइड जो सामान्य नमक है (3.5 ग्राम)

  • ट्राईसोडियम साइट्रेट, डीहाइड्रेट (2.9 ग्राम)

  • पोटैशियम क्लोराइड (1.5 ग्राम)

  • ग्लूकोज, यानी चीनी (20 ग्राम)


वैसे तो ओआरएस का घोल व्यावसायिक रूप से बाजार में आसानी से मिल जाता है लेकिन अगर आप मार्केट जाकर इन्हें खरीद नहीं सकते तो आप इसे घर पर भी बना सकते हैं.

डायरिया में कैसे मदद करता है ओआरएस?
डायरिया के दौरान मरीज के शरीर में मौजूद सभी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स की हानि हो जाती है क्योंकि ये सारी चीजें दस्त के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाती हैं और मरीज के शरीर में गंभीर रूप से पानी की कमी हो जाती है (डिहाइड्रेशन की समस्या). डायरिया की वजह से हुई डिहाइड्रेशन की इस गंभीर समस्या के इलाज के लिए मरीज को घर पर ही अतिरिक्त तरल पदार्थ दिए जाते हैं या फिर व्यक्ति को ग्लूकोज-इलेक्ट्रोलाइट सॉलूशन दिया जाता है जिसे ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट या ओआरएस का घोल कहते हैं.

घर में ही तरल पदार्थों की अतिरिक्त मात्रा और ओआरएस के घोल के इस्तेमाल के कॉम्बिनेशन को डायरिया से पीड़ित बच्चे के इलाज के लिए सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है. अगर किसी बच्चे को एक दिन में 3 या इससे ज्यादा बार पतले या ढीले मल की शिकायत हो तो उस बच्चे को ओआरएस का घोल पिलाने का सुझाव दिया जाता है.

घर पर कैसे बनाएं ओआरएस?
अगर आपके घर में मौजूदा समय में ओरआरएस के घोल का पैकेट मौजूद नहीं है और आपातकालीन स्थिति में आपको इसकी जरूरत पड़ जाती है तो आप घर में ही मौजूद चीजों का इस्तेमाल कर घर पर ही बड़ी आसानी से ओआरएस तैयार कर सकती हैं. इसके लिए आपको चाहिए-

  • 1 लीटर साफ पानी (आप चाहें तो पानी का इस्तेमाल करने से पहले उसे उबाल भी सकते हैं)

  • 6 चम्मच चीनी (1 चम्मच=5 ग्राम)

  • आधा चम्मच नमक


इन सभी चीजों को तब तक अच्छी तरह से मिक्स करते रहें जब तक नमक और चीनी पूरी तरह से पानी में घुल न जाए. आप शरीर में हुई पानी की कमी की पूर्ति करने के लिए इस होममेड घोल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

बच्चों को कितना ओआरएस देना चाहिए?
डायरिया से पीड़ित कोई बच्चा हो या फिर कोई वयस्क इस बात का सुझाव दिया जाता है कि वे जितना हो सके उतना ओआरएस के घोल का सेवन करें.

  • अगर बच्चे की उम्र 2 साल से कम है तो हर बार पतले मल का त्याग करने के बाद बच्चे को 250 मिलीलीटर वाले कप का एक चौथाई या आधा कप तक ओआरएस का घोल पिलाएं.

  • 2 साल से अधिक उम्र के बच्चे को हर बार पतले मल त्याग के बाद आधा कप या एक कप ओआरएस का घोल जरूर पिलाएं.


ओआरएस के घोल के साथ ही आप चाहें तो रोजाना जिंक की 20 मिलिग्राम (टैबलेट या सिरप) 6 महीने से अधिक उम्र वाले बच्चे को दे सकते हैं. लेकिन अगर बच्चे की उम्र 6 महीने से कम हो तो उसे दस्त होने पर ओआरएस के साथ ही जिंक की 10 मिलिग्राम की टैबलेट या सिरप रोजाना दें.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, ओआरएस का लाभ, उपयोग और बनाने की विधि के बारे में पढ़ें.न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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