होम /न्यूज /जीवन शैली /

प्लाक सोरायसिस की चपेट में आते हैं सबसे ज्यादा लोग, इन टिप्स से करें कंट्रोल

प्लाक सोरायसिस की चपेट में आते हैं सबसे ज्यादा लोग, इन टिप्स से करें कंट्रोल

प्लाक सोरायसिस को कंट्रोल रखना जरूरी होता है.

प्लाक सोरायसिस को कंट्रोल रखना जरूरी होता है.

Plaque Psoriasis: यह सोरायसिस स्किन डिजीज का सबसे कॉमन टाइप है, जो अधिकतर लोगों को प्रभावित करता है. इसका कोई सटीक इलाज नहीं है, लेकिन कुछ तरीकों को अपनाकर इसे कंट्रोल किया जा सकता है.

हाइलाइट्स

लगभग 10% लोग ऐसे जीन के साथ पैदा होते हैं, जिन्हें सोरायसिस का खतरा होता है.
यह डिजीज घुटनों, कोहनी, खोपड़ी और पीठ के निचले हिस्से पर ज्यादा असर डालती है.

Plaque Psoriasis Causes: सोरायसिस स्किन डिजीज कई टाइप की होती है, जिसमें प्लाक सोरायसिस सबसे ज्यादा कॉमन होती है. अधिकतर लोग प्लाक सोरायसिस की चपेट में आ जाते हैं. इसकी वजह से त्वचा मोटी हो जाती है और लाल चकत्ते बनकर इस पर सफेद पपड़ी बनने लगती है. इन स्किन पैचेज को प्लाक (plaques) कहा जाता है. इनमें बहुत तेज खुजली होती है, जो दर्दनाक बन जाती है. यह डिजीज लोगों के घुटनों, कोहनी, खोपड़ी और पीठ के निचले हिस्से पर असर डालती है. त्वचा पर बनने वाले चकत्ते का रंग भी स्किन कलर के अनुसार अलग होता है. यह एक लॉन्ग टर्म क्रॉनिक डिजीज है, जिसका अब तक कोई कारगर इलाज नहीं मिला है. इसे सावधानियां बरतकर कंट्रोल करना ही एकमात्र उपाय है.

यह भी पढ़ेंः नॉर्मल से कम कोलेस्ट्रॉल भी खतरनाक, ब्रेन ब्लीडिंग का बन सकता है कारण

प्लाक सोरायसिस की क्या है वजह?
वेब एमडी की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक वैज्ञानिक इस बात का पता नहीं लगा सके हैं कि प्लाक सोरायसिस की वजह क्या है. इसे एक ऑटोइम्यून डिजीज माना जाता है. जब आपका इम्यून सिस्टम हेल्दी सेल्स पर अटैक करना शुरू कर देता है, तो कई बीमारियां हो जाती हैं. इनमें से सोरायसिस भी एक है. इसकी वजह से तेजी से सेल्स बनना शुरू हो जाती हैं और वह स्किन पर इकट्ठा होकर यह परेशानियां पैदा कर देती हैं. कई बार यह डिजीज आपकी जीन और मेडिकल हिस्ट्री की वजह से हो सकती है. यह ऐसी बीमारी है, जो एक बार होने के बाद लाइफटाइम रहती है. यह बीमारी हेरेडिटी यानी एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर हो सकती है. लगभग 10% लोग ऐसे जीन के साथ पैदा होते हैं, जिन्हें सोरायसिस का खतरा होता है. अगर माता-पिता दोनों को सोरायसिस है, तो बच्चे में बीमारी विकसित होने का खतरा करीब 50 प्रतिशत होता है.

इन टिप्स से करें कंट्रोल

  • स्ट्रेस और स्मोकिंग जैसी चीजें सोरायसिस का कारण नहीं बनती, लेकिन इससे डिजीज ट्रिगर हो सकती है. स्मोकिंग, एल्कोहल, एलर्जी से बचने की कोशिश करें. इससे आपको सोरायसिस कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.
  • खाने-पीने को लेकर सावधानी बरतें. मीट और डेयरी प्रोडक्ट्स का कम इस्तेमाल करें. रंगीन फलों और सब्जियों को अवॉइड करें. हेल्दी डाइट लें और जंक फूड अवॉइड करें.
  • एक अच्छा मॉइश्चराइजर प्लाक को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. इससे खुजली की समस्या कम हो सकती है. अपनी स्कैल्प पर मेडिकेटेड शैम्पू का इस्तेमाल करने की कोशिश करें.
  • सोराइसिस की दवा अचानक बंद न करें, नहीं तो परेशानी बढ़ जाएगी.दवा न खाने से कंडीशन गंभीर होने का खतरा रहता है. इसलिए समय-समय पर डॉक्टर से कंसल्ट करें.

यह भी पढ़ेंः डायबिटीज समेत कई बीमारियों की वजह बन सकता है इंसुलिन रेजिस्टेंस

Tags: Disease, Health, Lifestyle, Trending news

अगली ख़बर