अच्छी सेहत के लिए जरूरी है अच्छी किताबें पढ़ना, क्या आपको पता है इसका राज

अच्छी सेहत के लिए जरूरी है अच्छी किताबें पढ़ना, क्या आपको पता है इसका राज
रात को सोने से पहले किताब पढ़ने से अच्छी और गहरी नींद आती है.

किताब पढ़ना (Book Reading) एक दवा (Medicine) की तरह है. हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे के लिए एक किताब जरूर पढ़नी चाहिए. किताब पढ़ने से ज्ञान तो बढ़ता ही है, इसके साथ ही शरीर को ढेर सारे लाभ मिलते हैं.

  • Last Updated: July 10, 2020, 3:42 PM IST
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कहते हैं पुस्तकें (Books) समाज का दर्पण होती हैं, जिसमें लोग समाज, देश और दुनिया के बारे में पढ़ते और समझते हैं. हर कोई किताब पढ़ना पसंद नहीं करता है. कई लोगों के लिए यह बोरियत है तो कई लोगों के लिए मनोरंज (Entertainment) . किताब पढ़ना एक दवा (Medicine) की तरह है. हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे के लिए एक किताब जरूर पढ़नी चाहिए. किताब पढ़ने से ज्ञान तो बढ़ता ही है, इसके साथ ही शरीर को ढेर सारे लाभ मिलते हैं.

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि सोशल मीडिया के इस दौर में किताबों से लगाव कम हो गया है लेकिन यह समझने की बात है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्स ऐप पर समय ज्यादा बिताने की बजाए अगर एक किताब पढ़ ली जाए तो कई बीमारियां पास नहीं फटकेंगी. ऐसा कहा जाता है कि किताबें इंसान की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं, चाहे आप किताब पढ़ें, मैग्जीन या अखबार, ये सब न केवल सोचने की शक्ति और जीवन के दृष्टिकोण बदलते हैं बल्कि स्वस्थ को भी प्रभावित करते हैं. यहां जानिए किताब पढ़ने के 7 बड़े फायदे :



तनाव से छुटकारा
तनाव दूर करने के लिए पढ़ना एक प्रभावी तरीका है. पढ़ते समय व्यक्ति अपनी सभी परेशानियों को भूल जाते हैं और किताबों की दुनिया में खो जाते हैं. किताबें पढ़ने से दिनभर की चिंताएं, निराशाएं दूर होती हैं. एक अच्छी किताब अंदर से खुशी महसूस कराती है और तनाव छूमंतर हो जाता है.

अच्छी नींद

जब किताब पढ़ते हैं तो शांति महसूस होती है, जिसके कारण एक अच्छी नींद ले पाते हैं. जब रात को सोने से पहले किताब पढ़ते हैं, तो मन शांत हो जाता है और अच्छी नींद लेने में मदद मिलती है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि सोने से पहले ई-बुक नहीं रिअल बुक पढ़ें, क्योंकि अच्छी नींद के लिए सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन टाइम खत्म करने की सलाह दी जाती है.

बचाता है अल्जाइमर और डिमेंशिया से

किताब पढ़ना एक तरह ब्रेन एक्सरसाइज यानी दिमाग की कसरत है. रोजाना किताब पढ़ने से अल्जाइमर और डिमेंशिया जैसे विकारों के बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है. यह मस्तिष्क की शक्ति खोने से रोकता है.

याद्दाश्त और एकाग्रता में सुधार

किताबें पढ़ने से याद्दाश्त बढ़ती है. यह शॉर्ट टर्म मेमोरी को बढ़ाने में भी मदद करता है. कोई किताब पढ़ने से मस्तिष्क में नई यादें बनती हैं. साथ ही जब कोई किताब पढ़ते हैं तो एकाग्रता चरम सीमा पर होती है.

नसों को मिलता है आराम

किताब पढ़ने से दिमाग शांत और तरोताजा हो जाता है. इससे पूरे शरीर की नसों को आराम मिलता है. ऑफिस में खूब तनाव में काम करने के बाद घर पहुंचकर किताब पढ़ने से दिमाग को आराम मिलता है, जिससे नसें भी तनाव मुक्त होती हैं.

आंखों को रखें स्वस्थ

घंटों कम्प्यूटर, लैपटॉप या स्मार्टफोन पर समय बिताने से आंखों पर बुरा असर पड़ता है, लेकिन किताबें पढ़ने की आदत होने से आंखें लंबे समय तक स्वस्थ रहेंगी. आंखों को आराम देने और स्वस्थ बनाए रखने के लिए दिन में कम से कम आधे घंटे का समय किताबों के साथ जरूर बिताएं.

मिलेगी भरपूर एनर्जी

इस बात का ख्याल रखें कि किताबें वही पढ़ें जो अच्छी लगती हैं. अच्छी किताबों को पढ़ने से दिलो दिमाग में कई सारे सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. इससे शरीर और दिमाग दोनों ही दिनभर एनर्जी से भरपूर रहता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, गर्भावस्था में क्या पढ़ना चाहिए पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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