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दिमाग की नसों में कमजोरी का संकेत हो सकता है तेज सिर दर्द, जानें लक्षण और बचाव

दिमाग की नसों के कमजोर होने के कारण और लक्षण.

दिमाग की नसों के कमजोर होने के कारण और लक्षण.

दिमाग की नसों की कमजोरी होने से सिर में बहुत तेज़ दर्द रहने लगता है. साथ ही चीजों को याद रखने में परेशानी होती है. ऐसे म ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

दिमाग की नसें कमजोर होने पर आपकी मेमोरी वीक हो सकती है और आप चीजें भूल सकते हैं.
इस परेशानी से बचने के लिए हेल्दी और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेनी चाहिए.

Symptoms Of Brain Weakness: इंसान का दिमाग तमाम नसों से जुड़ा होता है और इसमें आने वाली थोड़ी सी गड़बड़ी पूरे शरीर के कामकाज को प्रभावित कर सकती है. अगर शरीर के अंदर कुछ नसों में कमजोरी आ जाती है और तो ये शरीर को परेशान करने लगती हैं. ऐसे ही दिमाग के नसों में कमजोरी भी होती है. यह नसों से जुड़ी ऐसी गड़बड़ी है, जिसकी वजह से तेज सिर दर्द की समस्या हो सकती है. दिमाग की नसों की कमजोरी के कई कारण हो सकते हैं. जैसे चोट लगना, शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी, इन्फेक्शन और नसों पर दबाव पड़ना. आज आपको नसों की कमजोरी के लक्षण और इनसे बचने के तरीके के बारे में बताएंगे.

क्या है नसों में कमजोरी आने की वजह?

एमएसडी मैन्युअल कंजूमर वर्जन के अनुसार अगर आपको लगातार सिर दर्द या अचानक से तेज सिर दर्द होने लगता है, तो दिमाग की नसों की कमजोरी के लक्षण हो सकते हैं. चूंकि दिमाग में कमजोरी होने पर तमाम कोशिकाओं में ऑक्सीजन सही से नहीं पहुंच पाती है. साथ ही दिमाग के किसी खास हिस्से में जाने वाली नसों में खून जम जाने के कारण भी अचानक से तेज सिर दर्द हो सकता है. अगर आपको शरीर में झुनझुनी होती है तो यह भी दिमागी नसों की कमजोरी के लक्षण हैं. कई बार जब आपके दिमाग की नसों में ब्लड सही से नहीं पहुंच पाता है जिसकी कारण से शरीर के अलग-अलग अंगों में झुनझुनी होने लगती है.

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ये होते हैं लक्षण

कई बार दिमाग की कोशिकाओं को प्रभावित होने से स्ट्रोक की समस्या हो सकती हैं. कई बार यह स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है और शरीर के फंक्शन को नुकसान पहुंचा सकती है. हमारे शरीर अंग दिमाग की नसों से जुड़े रहते हैं. इसलिए जब दिमाग की नसें कमजोरी होती हैं, तो इसका असर आपके चलने-फिरने पर भी पड़ सकता है. दिमाग नसों के कमजोर होने से कई बार आपकी सोचने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है. साथ ही कई बार ये याददाश्त को भी प्रभावित करता है, इससे व्यक्ति को चीजें याद करने और बोलने में मुश्किल हो सकती है. इससे शरीर का तालमेल नहीं बैठ पाता है. ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.

ऐसे करें बचाव

आप अपनी दिमाग की नसों को स्वस्थ रखने के लिए फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन से भरपूर आहार लें. अगर आप मासाहारी हैं तो मांस, मछली, अंडे, कम वसा वाले डेयरी खाद्य पदार्थ खाएं. इसके अलावा विटामिन बी-12 की कमी से बचें.  अगर आप शाकाहारी हैं, तो फाइबर वाले फूड्स का सेवन करें साथ ही नियमित रूप से व्यायाम करें. इसके अलावा दिमाग की नसों को स्वस्थ रखने धूम्रपान और शराब से दूरी बनानी चाहिए.

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Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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