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पीरियड्स में देरी के हो सकते हैं ये कारण, जानें बचाव के खास तरीके

पीरियड्स में देरी के हो सकते हैं ये कारण, जानें बचाव के खास तरीके

महिलाओं में मासिक धर्म में देरी का कारण अधिक तनाव होना और नींद नहीं आना भी हो सकता है.

महिलाओं में मासिक धर्म में देरी का कारण अधिक तनाव होना और नींद नहीं आना भी हो सकता है.

मासिक धर्म (Menstruation) के चक्र में परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण है अनियमित दिनचर्या. सुस्त लाइफस्टाइल के कारण शरीर के हार्मोन्स (Hormones) भी प्रभावित होते हैं.

  • Myupchar
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    महिलाओं का मासिक धर्म (Menstruation) नियमित बने रहना बेहद जरूरी होता है. यदि यह नियमित नहीं होगा तो अन्य कई शारीरिक समस्याएं पैदा हो सकती हैं. हालांकि, 2-4 दिन आगे पीछे मासिक धर्म का आना तो सामान्य है. कुछ महिलाओं में मासिक धर्म का समय निश्चित नहीं होता है. उनका मासिक धर्म निश्चित समय के बहुत बाद आता है तो इसके क्या कारण हो सकते है, आइए जानते हैं.

    अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान

    myUpchar से जुड़ीं एम्स की डॉ. वीके राजलक्ष्मी के अनुसार, मासिक धर्म के चक्र में परिवर्तन का सबसे बड़ा कारण है अनियमित दिनचर्या. सुस्त लाइफस्टाइल के कारण शरीर के हार्मोन्स भी प्रभावित होते हैं. अनियमित दिनचर्या के अंतर्गत व्यायाम नहीं करना, समय पर नहीं सोना, समय पर नहीं खाना आदि सभी शामिल हैं.

    महिलाओं में मासिक धर्म में देरी का कारण अधिक तनाव होना और नींद नहीं आना भी हो सकता है.  इसके अलावा अधिक उम्र या कम उम्र का प्रभाव भी मासिक धर्म चक्र पर देखा जा सकता है. जिन महिलाओं की उम्र 40 से अधिक हो जाती है तो रजोधर्म के पहले माहवारी में अनियमितता हो सकती है. इसके अतिरिक्त कम उम्र की महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण भी मासिक धर्म में देरी हो सकती है.

    जिन महिलाओं में मोटापा अधिक होता है, उनमें भी मासिक धर्म अनियमित हो सकता है. कई महिलाओं में ज्यादा वजन के कारण थायरॉयड का लेवल असंतुलित होने लगता है, जिससे मासिक धर्म चक्र प्रभावित होता है.

    पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम

    पोलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम एक गर्भाशय की बीमारी है, जिसके कारण भी माहवारी में अनियमितता होती है. किसी बीमारी के कारण भी मासिक धर्म में देरी का कारण हो सकती है.

    गर्भनिरोधक गोलियां

    myUpchar के अनुसार,  जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का ज्यादातर इस्तेमाल करती हैं, उन्हें भी मासिक धर्म से संबंधित अनियमितता देखने को मिलती है. दरअसल गर्भनिरोधक गोलियां शरीर में हार्मोन्स को प्रभावित करती हैं.

    मासिक धर्म में देरी का ये है इलाज

    अनुशासित दिनचर्या अपनाएं : मासिक धर्म में देरी के सभी कारणों को देखते हुए दिनचर्या को व्यवस्थित, अनुशासित बनाना बेहद जरूरी होता है इसके अतिरिक्त तनाव रहित रहने की कोशिश करें. नियमित रूप से व्यायाम और प्राणायाम करें और सुबह की सैर पर घूमने जाएं, जिससे शरीर में भरपूर ऑक्सीजन प्रवाहित हो सके और अच्छा खान-पान रखें, जिसमें सभी प्रोटीन और विटामिंस शामिल हों. इसके साथ ही पर्याप्त नींद लें, जिससे स्वास्थ्य बेहतर बना रहेगा.

    वजन नियंत्रित रखने की कोशिश करें

    बढ़े हुए वजन के कारण शरीर को अधिक इंसुलिन बनाने की आवश्यकता पड़ती है, जिसके कारण मासिक धर्म में देरी होती है. वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करें, इसके लिए व्यायाम करने के साथ ही ऐसे आहार लें, जिससे वजन कम होने में मदद मिले.

    डॉक्टर की सलाह भी जरूरी

    अक्सर शरीर में हार्मोनल परिवर्तनों के कारण भी मासिक धर्म में देरी हो सकती है. इसके लिए डॉक्टर सही इलाज कर सकते हैं. इसलिए ऐसी कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है. डॉक्टर सही दवा के साथ ही सही उपचार से इस समस्या को ठीक कर सकते हैं. कई बार गर्भाशय संबंधित बीमारियों को महिलाएं समझ नहीं पाती है और माहवारी में देरी के लिए चिंतित होने लगती हैं. ऐसे में डॉक्टर ही इन समस्याओं को समझ पाते हैं. अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मासिक धर्म में देरी के कारण, लक्षण और इलाज पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

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    Tags: Health, Health tips, Lifestyle, News18-MyUpchar, Women, Women Health

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