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मेंटल हेल्थ के लिए कितना फायदेमंद है आपका 'चिल्लाना', कहीं खुद को तो नहीं पहुंचा रहे नुकसान?

चिल्लाने की क्रिया हमारे दिमाग पर कई करह से असर डालती है.

चिल्लाने की क्रिया हमारे दिमाग पर कई करह से असर डालती है.

Screaming Impact in Health, Mental Health Tips: ऑर्थर इस बात पर जोर दे रहे थे कि कई बार लोग ऐसी परेशानियों से पीड़ित हो ...अधिक पढ़ें

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Mental Health Tips:  सामान्यतौर पर हम सभी चिल्लाने यहां तक कि तेज आवाज में बात करने को गलत और भद्दा मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते है कि जिसे हम बुरा मानते हैं वह हमारे स्वास्थ्य के लिए मददगार हो सकता है. यह क्रिया हमें खुद को संतुलित रखने और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने में मदद कर सकता है. हालांकि विशेषज्ञों के पास अभी इस बात के बहुत कम तथ्य हैं कि चिल्लाने के हमारे मेंटल हेल्थ पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ते हैं.

द गार्डियन के अनुसार मनोवैज्ञानिक ऑर्थर जानोव ने 1960 के दशक में सबसे पहले चिल्लाने की क्रिया को स्वास्थ्य लाभ से जोड़कर देखा था. ऑर्थर इस बात पर जोर दे रहे थे कि कई बार लोग ऐसी परेशानियों से पीड़ित होते हैं जो उन्होंने बचपन में सहीं थी, ऐसे में चिल्लाने से उन्हें अपने दर्द को कम करने में मदद मिलती है. 1970 के दशक में यह खूब चर्चा में रही.

हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि इस थेरेपी के समर्थन में बहुत कम सबूत हैं और इसका असर कितने समय तक रहता है इसको लेकर भी मतभेद हैं. ज्यूरिख विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर साशा फ्रूहोल्ज़ ने कहा कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि चीख निकालने से इलाज में कोई सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

थेरेपी के नहीं हैं कोई ठोस प्रमाण
उन्होंने कहा कि वर्तमान में मनोचिकित्सा प्रमाण आधारित है जिसकी वजह से आज कोई भी इस पद्धति को इलाज के तौर पर सीरियस होकर उपयोग में नहीं लेता. उन्होंने कहा कि यह पद्धित आंशिक रूप से जिस धारणा पर टिकी है उसका भी कोई प्रमाण नहीं है कि चिल्लाने से अपने साथ पूर्व में हुई घटनाओं को भुलाने या फिर उन्हें सहने में मदद मिलती है.

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नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं
फ्रूहोल्ज ने कहा कि इस पद्धति में मुख्य रूप से क्रोध की चीख का उपयोग किया जाता है जो कि नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकती है. उन्होंने कहा कि यहां यह भी गौर करने वाली बात है कि हमें सकारात्मक चीख और नकारात्मक चीख के बीच में अंतर को समझना होगा. दोनों ही तरह की चीखों के बीच में एक बड़ा अंतर होता है.

लंबे समय तक प्रभाव रहने पर संशय
बर्मिंघम सिटी यूनिवर्सिटी में मनोविज्ञान डॉ रेबेका सेमेन्स-व्हीलर ने कहा कि वह मानसिक स्वास्थ्य के लिए चिल्लाने के दीर्घकालिक लाभों पर बहुत अधिक संशय है और इस पर शोध भी बहुत कम हुआ है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम इसके प्रभावशीलता के बारे में नहीं जानते.

चीखने से शरीर में लड़ाई और उत्तेजित करने वाले तंत्रिका तंत्र सक्रिय हो जाते हैं और शरीर में एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल का स्तर बढ़ने लगता है. सेमेन्स-व्हीलर ने कहा कि अगर चीखना एक आदत बन जाती है तो इसका हमारे जीवन के दूसरे कार्यों में भी असर पड़ता है.

Tags: Health, Lifestyle, Mental health

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