सेक्स एडिक्शन हो सकता है खतरनाक, बर्बाद कर सकता है आपकी जिंदगी, जानें एक्सपर्ट्स की राय

सेक्स एडिक्शन हो सकता है खतरनाक, बर्बाद कर सकता है आपकी जिंदगी, जानें एक्सपर्ट्स की राय
सेक्स समस्या (photo credit/pixabay)

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सेक्स की लत (Sex Addiction) को मनोरोग की श्रेणी में रखा है. सेक्स एडिक्शन दिमाग की सोचने की क्षमता को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है और शिकार व्यक्ति को दिन-रात और कुछ सूझता ही नहीं. यह मनोरोग है, जिसका इलाज कराना जरूरी है.

  • Last Updated: July 16, 2020, 12:53 PM IST
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सेक्स (Sex)  दरअसल एक ऐसा विषय है जिस पर हम सार्वजनिक मंचों पर या अनुभवी लोगों के साथ बातचीत करने में हिचकिचाते हैं. इसी हिचक के चलते आज दुनिया में सिगरेट, शराब, जुए की ही तरह सेक्स का व्यसन भी गंभीर रूप ले चुका है. हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे मनोरोग की श्रेणी में रख दिया है. दुनिया में बलात्कार (Rape) , यौन शोषण (Sexual Assault) के बढ़ते मामलों और कम उम्र के बच्चों के भी इसके शिकार होने के कारण वाकई स्थिति चिंताजनक ही कही जाएगी. सेक्स एडिक्शन  (Sex Addiction) दिमाग की सोचने की क्षमता को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है और शिकार व्यक्ति को दिन-रात और कुछ सूझता ही नहीं. यह मनोरोग है, जिसका इलाज कराना जरूरी है.

दिक्कत यह थी



हाल के वक्त तक डब्ल्यूएचओ का इंटरनेशनल स्टेटिस्टिकल क्लासिफिकेशन ऑफ डिसीज व रिलेटेड प्रॉब्लम्स (आईसीडी 10) और अमेरिकन मनोचिकित्सक एसोसिएशन (एपीए) बाध्यकारी यौन व्यवहार (कम्पल्सिव सेक्सुअल बिहेवियर) को पहचान के लायक विकार नहीं मानते थे. इसकी वजह यह थी कि अलग-अलग व्यक्ति की सेक्स ड्राइव अलग-अलग होती है.
स्थिति बदलने वाली है

2022 में जब आईसीडी का 11वां संस्करण अस्तित्व में आएगा तो उसमें सेक्स एडिक्शन को इस तरह से परिभाषित किया जाएगा, “बाध्यकारी यौन व्यवहार में व्यक्ति यौन संबंध स्थापित करने की इच्छा पर रोक नहीं लगा सकेगा और उसका यह व्यवहार लंबी अवधि (छह माह या ज्यादा) तक भी रह सकता है. यह उसके निजी, सामाजिक, पारिवारिक, शैक्षणिक, कार्यक्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण मामलों में नुकसानदेह साबित होगा.” आईसीडी 11, वर्ल्ड हेल्थ असेम्बली के सामने मई 2019 में पेश की गई थी. इसमें कहा गया कि इस स्थिति में व्यक्ति को सेक्स करने के बाद भी संतुष्टि नहीं मिलती.

सेक्स एडिक्शन जबकि गंभीर रूप ले चुका है, तो आइए जानें इसे पहचानने के लक्षण और इसके इलाज के बारे में -

सेक्स एडिक्शन के लक्षण

किसी भी अन्य व्यसन की तरह सेक्स एडिक्शन मरीज की सोच को प्रभावित करता है. वह परिणामों की चिंता किए बगैर यह सोचता है कि अगली बार और कैसे ज्यादा आनंद लिया जा सकता है. यह बात ध्यान रखिए कि सेक्स और हस्तमैथुन दोनों ही स्वस्थ होते हैं, लेकिन सेक्स एडिक्शन (Sex Addiction) के मरीज इसे चरम पर ले जाते हैं, जहां वह उसकी खुशी और स्वास्थ्य पर ही नकारात्मक असर डालने लगता है. कुछ प्रमुख लक्षण हैं-

  • सेक्स व्यक्ति के जीवन का केंद्र बिंदु हो जाता है और बाकी के सभी काम, विचार पीछे छूट जाते हैं.

  • व्यसन से पीछा छुड़ाने की नाकामयाब कोशिशें.

  • लगातार सेक्स गतिविधियों में लिप्त रहना. इसके दुष्परिणाम जानने और भोगने के बाद भी इसी में लिप्त रहना.

  • जोखिम मोल लेना, जो आपकी निजी और पेशेवर जिंदगी को तबाह कर सकता है. केवल और ज्यादा आनंद के लिए.


मनोरोग से जुड़े स्वास्थ्य सेवा अधिकारियों ने अभी तक बाध्यकारी यौन व्यवहार को किसी श्रेणी में नहीं डाला है, क्योंकि आईसीडी 11 का क्रियान्वयन फिलहाल दो वर्ष दूर है. हालांकि, जब यौन आकांक्षाएं किसी व्यक्ति के संबंधों, जीवन और परिवार को प्रभावित करने लगे तो उन्हें तुरंत चिकित्सक की मदद लेनी चाहिए.

सेक्स एडिक्शन के संकेत

व्यसनग्रस्त व्यक्ति हस्तमैथुन, पोर्नोग्राफी या साइबरसेक्स में किसी भी एक गतिविधि की लत का शिकार हो जाता है. वैसे संयमित स्थिति में इनमें से कोई भी नुकसानदेह नहीं है। सेक्स एडिक्शन के कुछ प्रमुख संकेत

  • एक से ज्यादा सेक्स पार्टनर या यौन संबंध और बिना किसी भावनात्मक लगाव के

  • नियमित और बाध्यकारी हस्तमैथुन

  • नियमित तौर पर सेक्स वर्कर्स के पास जाना

  • दोस्तों, काम को परे रखकर केवल साइबर सेक्स में ही लिप्त रहना

  • पोर्नोग्राफी देखना मजबूरी सा बन जाना

  • असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने का जोखिम


सेक्स एडिक्ट के लिए यौन उत्कंठा, आकांक्षा पर लगाम लगा पाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, उसे यौन संबंध के साथी के साथ भावनात्मक संबंध बनाना मुश्किल ही लगता है। इसकी वजह से कई बार सेक्स एडिक्ट यौन गतिविधियों के बाद आपराधिक या शर्मिंदा महसूस करता है।

सेक्स एडिक्शन की परेशानियां

कोई वैज्ञानिक वजह तो उपलब्ध नहीं है, लेकिन सेक्स एडिक्शन की वजह अनेकानेक मानसिक परिस्थितियां हो सकती हैं. अवसाद, एकाकीपन, दुख या खुशी भी आपको  बाध्यकारी यौन व्यवहार का शिकार बना सकती है. इसमें सबसे बड़ी दिक्कत है कि आप यौन संबंधों से होने वाली बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. सेक्स एडिक्शन के साथ जुड़ी अपराध या शर्म की भावना चिंता और अवसाद को बढ़ा सकती है. सेक्स एडिक्शन के कारण आपके अपनों के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं और कई बार तो टूट भी जाते हैं. इससे आपको भावनात्मक झटका लग सकता है.

पहचान और उपचार

अमेरिकी साइकियाट्रिक एसोसिशन ने फैसला लेने की क्षमता, सीखना, व्यवहार नियंत्रण और स्मृति में बदलाव करने वाली परिस्थितियों और दिमाग के स्कैन में दिखने वाली स्थितियों को व्यसन (एडिक्शन) की श्रेणी में रखा है.

सेक्स एडिक्शन को मानसिक बीमारी से जोड़ने को लेकर हालांकि, सबूतों के अभाव में इसे पहचानने के लिए व्यसन के मानसिक मापदंड नहीं लगाए जा सकते। आईसीडी 11 कहता है कि बाध्यकारी यौन व्यवहार छह माह से ज्यादा वक्त रहे तो उसे बीमारी माना जा सकता है। सेक्स एडिक्शन के इलाज के लिए वर्तमान प्रोटोकॉल यह है-

  • ग्रुप थैरेपी - सेक्स एडिक्ट्स एनॉनिमस का दिल्ली चैप्टर है और सेक्सोहोलिक्स एनोनिमस कई महानगरों और पूर्वोत्तर भारत में भी कार्यरत है. यहां समूह के सदस्य आपस में मिलकर समस्याओं को साझा करते हैं और एक-दूसरे को इस परिस्थिति से उबारने और ऐसे व्यवहार से रोकने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.

  • कॉग्निटिव बिहैवियरल थैरेपी में पेशेवर स्वास्थ्य थैरेपिस्ट एडिक्ट्स से एक-एक करके मिलते हैं और उनका उपचार करते हैं.

  • मेडिकेशन - एक डॉक्टर मेड्रोक्सिप्रोजेस्टेरोन जैसी और कुछ चुनिंदा सेरोटोनिन रिअपटेक इनहिबिटर्स देता है, ताकि एडिक्ट को अपने यौन संबंधों की इच्छा पर रोक लगाने में मदद मिले. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, सेक्स की समस्याओं पर सेक्सोलॉजिस्ट की सलाह वीडियो देखें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)


अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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