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ब्लड प्लेटलेट्स कम होने से बढ़ सकता है कई बीमारियों का खतरा, जानिए लक्षण और बढ़ाने के उपाय

कई बीमारियों के संकेत हैं ब्लड प्लेटलेट्स कम होना. Image: Shutterstock

कई बीमारियों के संकेत हैं ब्लड प्लेटलेट्स कम होना. Image: Shutterstock

low blood platelets: खून में प्लेटलेट्स की बहुत जरूरी सेल्स हैं. जब भी शरीर में किसी कारणवश खून निकलने लगता है तो प्लेट ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

प्लेटलेट्स काउंट खून में 150,000 लाख से 450,000 प्रति माइक्रो-लीटर होना चाहिए
प्लेटलेट्स कम हो जाए तो ब्लीडिंग होने की आशंका बढ़ जाती है

Platelets count: डेंगू का सीजन आते ही ब्लड प्लेटलेट्स काउंट के बारे में चर्चा होनी शुरू हो जाती है. प्लेटलेट्स शरीर में मौजूद बहुत सूक्ष्म सेल है जो खून में इधर से उधर करते रहते हैं. अन्य ब्लड सेल्स की तरह प्लेटलेट्स भी बोन मैरो में बनते हैं. प्लेटलेट्स खून में थक्का जमाने के काम आते हैं. जब भी शरीर में कहीं चोट लगती है या किसी वजह से शरीर के अंग से खून निकलता है तो वहां सक्रिय होकर थक्का के रूप में बन जाते हैं. इस तरह प्लेटलेट्स के महत्व को समझा जा सकता है. प्लेटलेट्स कम हो जाए तो ब्लीडिंग होने की आशंका बढ़ जाती है और शरीर से खून निकलने लगता है. इसलिए प्लेटलेट्स काउंट जब कम हो जाए तो इसे गंभीरता से लेनी चाहिए. आइए जानते हैं प्लेटलेट्स काउंट कम होने के क्या-क्या लक्षण हैं और इससे किन-किन बीमारियों का खतरा है.

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प्लेटलेट्स की क्या है नॉर्मल रेंज
वेरीवेलहेल्थ के मुताबिक एक सामान्य व्यक्ति का प्लेटलेट्स काउंट खून में 150,000 लाख से 450,000 प्रति माइक्रो-लीटर होना चाहिए. खून में 150,000 प्लेटलेट्स प्रति माइक्रोलीटर से कम है तो यह माइल्ड ब्लीडिंग रिस्क है लेकिन प्लेटलेट्स अगर 20 हजार से नीचे हैं तो गंभीर खतरा है. इस स्थिति में ब्लीडिंग को रोकना मुश्किल हो जाता है.

लो प्लेटलेट्स के लक्षण
ब्रश करते समय मसूड़ो से खून निकलना.
स्किन पर रेड-रेड दिखना.
हल्की सी इंज्यूरी में भी ज्यादा खून निकलना.
ज्वाइंट में बहुत ज्यादा दर्द, खासकर घुटने और कूल्हों में.
नाक से अक्सर खून निकलना.
स्टूल और पेशाब से खून आना.
सिर दर्द.

किन बीमारियों की स्थिति में प्लेटलेट्स हो जाते हैं कम
कुछ आनुवांशिक कारणों से हो सकते है.
अगर ऑटोइम्युन की बीमारी हो तब हो सकते हैं.
बैक्टीरियल ब्लड इंफेक्शन की बीमारी बैक्टीरिमिया में.
हेपारटिन सोडियम जैसी दवाओं जिससे खून पतला होता है, उसके कारण भी ब्लड प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं.
प्रेग्नेंसी के दौरान यदि जेस्टेशनल थ्रोम्बोसाइटोपेनिया हो जाए तो भी प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं.
ब्लड कैंसर की बीमारी में भी प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं.
अगर स्प्लीन यानी प्लीहा बढ़ जाए तो इससे भी प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं.

प्लेटलेट्स को कैसे मैनेज करें
प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए अनार, चुकंदर का जूस पीना बेहतर रहेगा. पपीते के पत्तों का जूस प्लेटलेट बढ़ाने में असरदार होता है. वहीं कीवी, गिलोय, पालक, आदि खाने से प्लेटलेट्स काउंट बढ़ाते है.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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