होम /न्यूज /जीवन शैली /घरों के अंदर की गंदगी और प्रदूषण से भी हो सकती है खुजली और सिरदर्द-रिसर्च

घरों के अंदर की गंदगी और प्रदूषण से भी हो सकती है खुजली और सिरदर्द-रिसर्च

अधिकांश महिलाओं को पता नहीं होता कि उनके घरों के अंदर भी प्रदूषण है.

अधिकांश महिलाओं को पता नहीं होता कि उनके घरों के अंदर भी प्रदूषण है.

headech, itchiness in home:घर के अंदर का प्रदूषण भी आपको बीमार बना सकता है. यह बात एक अध्ययन में सामने आई है. लखनऊ में ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

घरों से निकलने वाले प्रदूषण का स्तर WHO के मानक 2.5 पार्टिकुलैट मैटर से 6 गुना ज्यादा था.
60 प्रतिशत महिलाओं ने सिरदर्द की शिकायत की

Headaches itchy skin: सिरदर्द, स्किन में खुजली और बहती नाक केवल सर्दी के लक्षण नहीं हैं, यह आपके घरों के अंदर की गंदगी और उससे निकले प्रदूषण के कारण भी हो सकते हैं. लखनऊ में महिलाओं और बच्चों के बीच किए गए शोध से पता चला है कि घर के अंदर के प्रदूषण के कारण महिलाओं और बच्चों में 10 से अधिक बीमारियां हो रही हैं. इनमें खांसी, घरघराहट, गला सूखना, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में खुजली और कई अन्य बीमारियां शामिल हैं. यह अध्ययन लखनऊ यूनिवर्सिटी के इसाबेला थोबर्न कॉलेज में रसायन विज्ञान संकाय के अल्फ्रेड लॉरेंस के नेतृत्व में किया गया है. इसमें इनडोर वायु प्रदूषण के कारण महिलाओं और बच्चों के बीच स्वास्थ्य जोखिम का आकलन करने के लिए शोध किया गया था.

इसे भी पढ़ें-इन गलतियों की वजह से अंडरआर्म्स हो जाते हैं डार्क, इन आसान तरीका से चमकाएं

62 प्रतिशत बच्चों में नाक बहने की शिकायत
शोध के नतीजे को यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ स्टॉकहोम के इंटरनेशनल कांफ्रेंस में पेश किया गया. अध्ययन में दावा किया गया कि घर के अंदर के प्रदूषण के कारण 60 प्रतिशत महिलाओं ने सिरदर्द की शिकायत की जबकि 62 प्रतिशत बच्चों में नाक बहने की शिकायत सामने आई. इस अध्ययन में 560 महिलाओं को शामिल किया गया जिनमें 434 महिलाएं पॉश इलाके में रहती थीं जबकि 107 महिलाएं शहर के औद्योगिक क्षेत्र में रहती थीं. इसके अलावा 19 महिलाएं शहर के अन्य हिस्सों में रहती थीं. अध्ययन में इन महिलाओं के घरों के अंदर की गंदगी की पड़ताल की गई और इससे निकलने वाले प्रदूषण का आकलन किया गया. जिन घरों में ये महिलाएं रहती थीं, उसके आसपास के दो मीटर के दायरे का परीक्षण किया गया और इंडोर प्रदूषण को मापा गया.

इनडोर प्रदूषण डब्ल्यूएचओ के मानक से 6 गुना ज्यादा
अध्ययन के नतीजे चौंकाने वाले थे. अध्यय में पाया गया कि इन महिलाओं के घरों से निकलने वाले प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानक 2.5 पार्टिकुलैट मैटर से 6 गुना ज्यादा था. रिसर्च की स्कॉलर समृद्धि द्विवेदी ने बताया कि अध्ययन में यह भी पाया गया कि 51.1 प्रतिशत महिलाएं घर के अंदर के प्रदूषण से अनजान थीं. उन्हें पता ही नहीं कि उनके घर के अंदर भी प्रदूषण है. अध्ययन में पाया गया 61 प्रतिशत महिलाओं को सिर में दर्द की शिकायत थी जबकि 21 प्रतिशत महिलाओं को लंग्स से संबंधित दिक्कतें भी आईं. इस अध्ययन में 408 बच्चों की हेल्थ पर निगरानी रखी गई थी इनमें से 62 प्रतिशत बच्चों को नाक बहने की शिकायत मिली.

Tags: Health, Lifestyle

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें