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सोने की जगह रहती है रोशनी तो हो जाएं सजग, ‘डायबिटिज और लाइट पॉल्यूशन का रिश्ता ...’ नए रिसर्च का खुलासा

एक रिसर्च में लाइट पॉल्यूशन का सीधा रिश्ता मधुमेह या डायबिटिज से पाया गया है. (News18)

एक रिसर्च में लाइट पॉल्यूशन का सीधा रिश्ता मधुमेह या डायबिटिज से पाया गया है. (News18)

Light pollution linked to Diabetes: एक नए रिसर्च में साफ कहा गया है कि लाइट पॉल्यूशन (Light pollution) में सोने वाले लो ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

रात में रोशनी के साथ सोने वाले लोगों में डायबिटिज का खतरा बहुत ज्यादा.
लगभग 100,000 चीनी एडल्ट्स पर की गई एक स्टजी के चौंकाने वाले नतीजे सामने आए.
लाइट पॉल्यूशन उन जगहों पर भी असर कर सकता है, जो रोशनी के स्रोत से मीलों दूर हैं.

नई दिल्ली. अगर आप भी रात में रोशनी में सोने के आदी हैं या आपके सोने की जगह पर रोशनी रहती है तो ये खबर आपके लिए खतरे की घंटी हो सकती है. एक मेडिकल रिसर्च स्टडी में सामने आया है कि रात में कृत्रिम रोशनी के साथ सोने वाले लोगों में मधुमेह या डायबिटिज (diabetes) का खतरा बहुत ज्यादा रहता है. लगभग 100,000 चीनी एडल्ट्स पर की गई एक स्टजी के चौंकाने वाले नतीजे में कहा गया है कि रात में बाहरी कृत्रिम प्रकाश (light pollution) के संपर्क में आने वाले कमरे में सोने से मधुमेह होने का खतरा बढ़ सकता है.

एक जर्नल डायबेटोलॉजिया (Journal Diabetologia) में छपी स्टडी के मुताबिक जो लोग रात में उच्च प्रकाश प्रदूषण (high light pollution) वाले क्षेत्रों में रहते थे, उनमें कम प्रदूषित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की तुलना में मधुमेह होने की संभावना लगभग 28% ज्यादा पाई गई थी. चीन में 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में मधुमेह के 90 लाख से अधिक मामले रात में बाहरी प्रकाश प्रदूषण के कारण हो सकते हैं. स्टडी के लेखकों ने कहा कि यह संख्या और भी बढ़ने की संभावना है क्योंकि ज्यादा लोग अब शहरों में रहने के लिए चले गए हैं. रिसर्च स्टडी के लेखकों का कहना है कि शहरी प्रकाश प्रदूषण (light pollution) इतना व्यापक है कि यह उन उपनगरों और फॉरेस्ट पार्कों पर भी असर कर सकता है, जो रोशनी के स्रोत से दसियों और यहां तक कि सैकड़ों मील दूर स्थित हो सकते हैं.

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ये शोध अध्ययन मानव शरीर के मेटाबोलिक फंक्शन और मधुमेह के जोखिम पर रात में रोशनी के संभावित हानिकारक प्रभावों के पहले किए गए रिसर्च की पुष्टि करता है. पहले के शोध में रात में कृत्रिम प्रकाश वाले इलाके में रहने से वजन और मोटापा बढ़ने, मेटाबोलिक फंक्शन में बाधा पड़ने, इंसुलिन स्राव और मधुमेह बढ़ने और दिल संबंधी जोखिम कारकों के बढ़ने के बीच संबंध दिखाया गया है. साइंटिस्टों ने हमेशा कहा है कि अच्छी नींद मधुमेह को बढ़ने से रोकने के लिए बेहद जरूरी है. रिसर्च में पाया गया कि रात में प्रकाश प्रदूषण के लंबे समय तक संपर्क में रहने से खून में सुगर का लेवल बढ़ जाता है और इससे इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है.

Tags: Diabetes, Health, Life style, Pollution

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