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symptoms and risk factors of kleptomania disorder in hindi

छोटी-मोटी चोरी करने की आदत हो सकती है बीमारी, जानें इसके लक्षण और रिस्क फैक्टर

क्लेप्टोमेनिया सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति बार-बार चोरी करता है. (image-canva)

क्लेप्टोमेनिया सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति बार-बार चोरी करता है. (image-canva)

What is Kleptomania: छोटी-छोटी चोरी करने की आदत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि समय निकलने पर इस आदत को रोक पाना मुस्किल हो जाता है और क्लेप्टोमेनिया होने का खतरा रहता है.

हाइलाइट्स

क्लेप्टोमेनिया सिंड्रोम से पीड़ित व्यक्ति को चोरी करने का मन करता है.
क्लेप्टोमेनिया में व्यक्ति अपने आसपास के लोगों का सामान चुराने लगता है.

Kleptomania Syndrome: क्या आपने कभी सोचा है किसी व्यक्ति की चोरी करने की आदत उसकी ज़रूरत या लालच नहीं बल्कि एक मानसिक बीमारी हो सकती है. जी हां, चोरी करना भी एक बीमारी हो सकती है. क्लेप्टोमेनिया (Kleptomania) ऐसी ही एक लाइलाज बीमारी है, जो व्यक्ति को छोटी-छोटी चोरियां करने को उकसाती है. ये एक मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति का अपने इमोशंस और बर्ताव पर कंट्रोल नहीं रहता. इस इंपल्स कंट्रोल डिसऑर्डर में चोरी जैसे दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाले काम पीड़ित को खुशी देते हैं. क्लेप्टोमेनिया सिंड्रोम काफी कम लोगो में होता है और कई बार डर या शर्म की वजह से भी इसका पता नहीं चल पाता है. मायो क्लीनिक डॉट कॉम के मुताबिक इस बीमारी का कोई सही इलाज नहीं है, बस दवाइयों और टॉक थेरेपी से इसे कंट्रोल किया जा सकता है. इस बीमारी के कारण और रिस्क फैक्टर्स आइए जानते हैं.

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क्लेप्टोमेनिया के लक्षण
– अनावश्यक चीजें चुराने की आदत
– चोरी करने से पहले प्लान की चिंता या एक्साइटमेंट महसूस करना.
– चोरी करते समय खुशी या राहत मिलना.
– चोरी के बाद डर, शर्म या चिढ़ होना.
– बार बार चोरी करने का मन करना.
– स्टोर्स, दुकानों या अपने दोस्तों से सामान चोरी करना.
– चोरी का सामान लौटा देना, फेंक देना या किसी और को दे देना.

क्लेप्टोमेनिया के रिस्क फैक्टर
चोरी करने की आदत: चोरी करने से न्यूरोट्रांसमीटर डोपामाइन रिलीज़ होता है. ये डोपामाइन मन में किसी जीत या इनाम मिलने वाली खुशी पैदा करता है, जिसके कारण वक्त के साथ व्यक्ति क्लेप्टोमेनियक बन जाता है.
फैमिली हिस्ट्री: कई बार किसी फैमिली मेंबर को ऐसा डिसऑर्डर होना भी इसकी वजह बन सकता है.
न्यूरोट्रांसमिटर सेरोटोनिन की कमी: ब्रेन केमिकल सेरोटोनिन मूड और इमोशंस को कंट्रोल करने में मदद करता है. सेरोटोनिन की कमी क्लेप्टोमेनिया सिंड्रोम का कारण बन सकती है.
दूसरी बीमारियां: देखा जाता है कि बाइपोलर डिसऑर्डर, एंजाइटी डिसऑर्डर या पर्सनैलिटी डिसऑर्डर होने से भी व्यक्ति क्लेप्टोमेनियक बन जाता है.

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Tags: Health, Lifestyle, Mental health

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