होम /न्यूज /जीवन शैली /अगर आपके बच्चे में दिखें ये लक्षण, तो एंजाइटी का हो सकता है शिकार

अगर आपके बच्चे में दिखें ये लक्षण, तो एंजाइटी का हो सकता है शिकार

बच्चों में एंजाइटी के लक्षणों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए. (Image-canva)

बच्चों में एंजाइटी के लक्षणों को नजरंदाज नहीं करना चाहिए. (Image-canva)

परिवार या आसपास का माहौल ठीक न होने के कारण बच्चे एंजाइटी का शिकार हो सकते हैं. इसके कारण उनकी एकाग्रता खत्म हो सकती है ...अधिक पढ़ें

Anxiety in children : आजकल अधिकतर लोग अपने काम के चलते तनाव और डिप्रेशन का शिकार होते जा रहे हैं. स्ट्रेस केवल बड़ों में ही नहीं बल्कि छोटे बच्चों में भी डिप्रेशन का कारण बन सकता है. किसी बात के बारे में सोचना या उसका तनाव लेना सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर तनाव अधिक बढ़ जाए तो वह डिप्रेशन का रूप ले सकता है. ठीक इसी तरह बच्चे भी अपनी पढ़ाई और बाकी चीजों के बारे में सोचते हैं. ऐसा करना उनके लिए आवश्यक है, लेकिन अगर छोटी-छोटी बातों का तनाव उनके मन में बैठ जाता है, तो वह जल्द ही डिप्रेशन का बड़ा कारण बनकर एक गंभीर समस्या का रूप ले सकता है. बच्चों में एंजाइटी उनके बर्ताव और स्वभाव को पूरी तरह बदल कर रख सकती है.

आइए जानते हैं बच्चों में एंजाइटी के लक्षण –

एनएचएस डॉट यूके के मुताबिक बच्चों में एंजाइटी के कई लक्षण हो सकते हैं. इसमें कुछ इस  प्रकार हैं

  • पढ़ाई या अन्य किसी काम के प्रति एकाग्रता में कमी
  •  सही प्रकार से नींद न आना और सोते वक्त बुरे सपने दिखना
  • सही प्रकार भूख ना लगना
  • हर समय चिड़चिड़ा स्वभाव होना और छोटी-छोटी बातों पर बहुत गुस्सा आना
  • हर समय नकारात्मक विचारों से घिरे रहना
  • हर समय और परेशान और बेचैन रहना
  • हर छोटी बात पर रोना
  • हर समय बीमार महसूस होना
  • पेट में दर्द की शिकायत रहना

यहां  भी पढ़ें : मलेरिया और टाइफाइड जैसे होते हैं ‘मारबर्ग वायरस’ के लक्षण? यहां जानें सच्चाई

बच्चों में एंजाइटी के कारण 

  • कुछ बच्चे बचपन से ही शर्मीले स्वभाव के होते हैं और कुछ बच्चे बचपन से ही खुश मिजाज होते हैं. सभी का स्वभाव अलग होता है, ठीक इसी तरह कुछ बच्चे कमजोर होते हैं और तनाव का सामना करने में परेशानी महसूस करते हैं, जो बढ़कर उनके लिए डिप्रेशन बन सकती है.
  • बच्चे किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने के बाद या किसी दुर्घटना में घायल होने के बाद एंजाइटी की चपेट में आ सकते हैं.
  • अपने साथ बुरा बर्ताव सहने के बाद, बच्चे एंजाइटी का शिकार हो सकते हैं.
  • अपने किसी खास परिवार के लोगो या दोस्त की मौत से उनके मन पर गहरा असर हो सकता है.
  • परिवार का माहौल ठीक ना होना बच्चों में एंग्जायटी का बड़ा कारण होता है

यह भी पढ़ेंः नवजात को पीलिया होना क्या आम बात है? जानिए इसका उपचार कैसे करें

Tags: Child Care, Health, Lifestyle, Mental health

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें