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  • HEALTH TAKE CARE OF THE ELDERLY VICTIMS OF ARTHRITIS THERE MAY BE A RISK OF CORONAVIRUS INFECTION MYUPCHAR PUR

गठिया के शिकार बुजुर्ग रखें अपना ख्याल, हो सकता है कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा

आर्थराइटिस में दर्द और सूजन व्यक्ति के शरीर को नुकसान पहुंचाकर इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है.

कोरोना वायरस (Coronavirus) का जोखिम दिल की बीमारियों या मेटाबॉलिटक डिसऑर्डर वाले लोगों में अधिक है. इसी तरह उन बुजुर्ग मरीजों में संक्रमण की अधिक आशंका हो सकती है जो आर्थराइटिस (Arthritis) से पीड़ित है.

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    कोराना वायरस की चपेट में आने की आशंका बुजुर्गों में ज्यादा है. इसका कारण पहले से मौजूद बीमारियां और उम्र के साथ उनके शरीर के रोगों से लड़ने की कमजोर क्षमता है. आर्थराइटिस (गठिया) सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है जो उम्र के साथ आती है. अब रुमेटाइड आर्थराइटिस हो या ऑस्टियोआर्थराइटिस, रोगियों को इस महामारी के दौरान संक्रमण के जोखिम को कम करने के लिए अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए. कोरोना वायरस का जोखिम दिल की बीमारियों या मेटाबॉलिटक डिसऑर्डर वाले लोगों में अधिक है. इसी तरह उन बुजुर्ग मरीजों में संक्रमण की अधिक आशंका हो सकती है जो आर्थराइटिस से पीड़ित है. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. केएम नाधीर का कहना है कि आर्थराइटिस या गठिया एक प्रकार की जोड़ों की सूजन होती है. इसके लक्षण समय के साथ विकसित होते हैं. आमतौर पर आर्थराइटिस 65 साल से अधिक की उम्र वालों में देखा जाता है, लेकिन यह बच्चों, किशोरों और युवाओं में भी विकसित हो सकता है. पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होता है, विशेषकर जिनका वजन ज्यादा हो. जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन इसके सबसे प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं और साथ ही प्रभावित अंग लाल भी पड़ सकते हैं.

    कोरोना वायरस और आर्थराइटिस

    आर्थराइटिस में दर्द और सूजन व्यक्ति के शरीर को नुकसान पहुंचाकर इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित कर सकता है. इम्यून सिस्टम भी रुमेटी आर्थराइटिस का कारण बन सकता है. आर्थराइटिस का आम रूप रुमेटी आर्थराइटिस है जो एक प्रकार का ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है. इसकी शुरुआत तब होती है जब शरीर का इम्यून सिस्टम शरीर के ऊतरों पर हमला करता है. इन हमलों से सिनोवियम पर प्रभाव पड़ता है. सिनोवियम जोड़ों में पाया जाने वाला एक टिश्यू है जो उस तरह के द्रव बनाता है जिससे कार्टिलेज (जोड़ों का एक नरम और लचीला ऊतक) को पोषण और जोड़ों को चिकनाई मिलती है. रुमेटी आर्थराइटिस सिनोवियम की एक बीमारी है जो जोड़ों पर हमला करके उन्हें नष्ट करती है. इस प्रकार गंभीर आर्थराइटिस शरीर को भीतर से नुकसान पहुंचा सकता है और कोरोना वायरस के लिए एक आसान रास्ता बना सकता है.

    खुद आर्थराइटिस का इलाज समय रहते बेहद जरूरी है. हालांकि, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के जरिए इस रोग को दूर रख सकते हैं. आर्थराइटिस की वजह से शरीर में जरूरत से ज्यादा यूरिक एसिड बनता है. आहार में कुछ उचित खाद्य पदार्थों को शामिल कर और नुकसान पहुंचाने वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर इस बीमारी और इससे होने वाले असहनीय दर्द से आराम मिल सकता है.

    myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि आर्थराइटिस से राहत और दर्द से निजात पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपना सकते हैं. इसमें अदरक, लहसुन, लाल मिर्च, सेब का सिरका, हल्दी, अश्वगंधा, तुलसी का सेवन फायदेमंद होगा. यही नहीं इसके दर्द और सूजन से छुटकारा पाने के लिए सरसों के तेल से मालिश करना अच्छा होता है. यह प्राकृतिक मरहम का काम करता है और रक्त संचार को बढ़ाता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, गठिया के प्रकार, लक्षण, कारण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

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