50 की उम्र के बाद लें ज्‍यादा प्रोटीन, मांसपेशियां रहेंगी मजबूत

50 की उम्र के बाद लें ज्‍यादा प्रोटीन, मांसपेशियां रहेंगी मजबूत
बढ़ती उम्र के साथ आहार में ज्यादा प्रोटीन शामिल करने की जरूरत होती है.

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है मांसपेशियों (Muscles) की ताकत कम होती जाती है, इसलिए बढ़ती उम्र के साथ आहार (Diet) में ज्यादा प्रोटीन (Protein) शामिल करने की जरूरत होती है.

  • Last Updated: August 4, 2020, 6:39 AM IST
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उम्र बढ़ने से आपकी मांसपेशियों (Muscles) की ताकत कम हो जाती है, इसलिए बढ़ती उम्र के साथ आहार (Diet) में ज्यादा प्रोटीन (Protein) शामिल करने की आवश्यकता होती है. बढ़ती उम्र के साथ मांसपेशियों को मजबूत रखने के लिए प्रोटीन की जरूरत को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. एक वयस्क (Adult) यानी 18 से ज्यादा उम्र वाले व्यक्ति के लिए डाइटरी प्रोटीन शरीर के वजन का 0.8 ग्राम प्रति दिन होना चाहिए, लेकिन कुछ अध्ययनों (Studies) से पता चलता है कि 65 साल की आयु के वयस्कों के लिए भी इस पोषक तत्व के उच्च स्तर की आवश्यकता हो सकती है, क्योंकि मांसपेशियां उम्र के साथ अपनी ताकत खो देती हैं. इससे कार्यक्षमता पर असर पड़ता है. अगर सार्कोपेनिया से पीड़ित हैं, तो स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे मांसपेशियों में नुकसान होता है.

उम्र बढ़ने के साथ-साथ मांसपेशियां कमजोर होना शुरू हो जाती हैं. इस अवस्था को सार्कोपेनिया कहा जाता है. myUpchar के डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि शरीर के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है और शरीर में मौजूद हर जीवित कोशिका को प्रोटीन की जरूरत होती है. यह मुख्य रूप से एमिनो एसिड से बने होते हैं और कोशिकाओं को एनर्जी देते हैं. सुबह के नाश्ते और दोपहर के खाने में संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेना लाभदायक हो सकता है. इससे उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्ग लोगों की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद मिलती है.



यह पाया गया है कि बुजुर्गों का शरीर प्रोटीन में कम मात्रा में मौजूद अमीनो एसिड को बहुत कम रिस्पॉन्ड करता है. ये एसिड  मांसपेशियों के स्वास्थ्य को सुनिश्चित करते हैं. अरकंसास यूनिवर्सिटी में किए गए एक शोध में पता चला है कि इस चुनौती को बुजुर्गों में प्रोटीन का सेवन बढ़ाकर दूर किया जा सकता है. अध्ययन के अनुसार प्रोटीन उनके कुल कैलोरी सेवन का 30-35 प्रतिशत होना चाहिए. दूसरी ओर सार्कोपेनिया से पीड़ित एक वयस्क को प्रति दिन 25 से 30  ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है अगर उसके शरीर का वजन 81 किलोग्राम है.
जहां प्रोटीन की मात्रा महत्वपूर्ण है, वहीं इस पोषक तत्व का सही वर्जन चुनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. ल्यूसीन नाम के एमिनो एसिड को चुनें. इसके लिए सबसे अच्छा स्रोत मछली, अंडे, दूध और डेयरी उत्पाद हैं. इसे सोयाबीन, अन्य बीन्स, नट्स और बीजों से भी प्राप्त कर सकते हैं. ये हाई प्रोटीन फूड्स शामिल कर सकते हैं.

फलियां
ये सब्जियों का वह वर्ग है, जिसमें बीन्स, मटर और दाल शामिल हैं. वे सबसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से हैं और प्रोटीन का भी एक अच्छा स्रोत हैं. विशेष रूप से शाकाहारियों के लिए फलियां मीट का एक स्वस्थ विकल्प हो सकती हैं, जिसमें वसा और कोलेस्ट्रॉल अधिक होता है.

सैल्मन मछली
सैल्मन मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन का बेहतर स्त्रोत है. इसमें लो फैट होता है. यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. मछली में विभिन्न प्रकार के विटामिन, मिनरल्स और कई अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसलिए मछली का सेवन शरीर की कई जरूरतों को पूरा करता है.

अंडे
एक अंडे में औसतन लगभग 6-7 ग्राम प्रोटीन होता है. हालांकि बहुत से लोग सोचते हैं कि प्रोटीन केवल अंडे की सफेदी में पाया जाता है, लेकिन अंडे की जर्दी ऐसी होती है जहां लगभग सभी पोषक तत्व और वसा पाए जाते हैं. अंडा प्रोटीन के अलावा कैल्शियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड का भी स्त्रोत है.

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दही
दही प्रोटीन का एक बेहतरीन स्त्रोत है. प्रोटीन की हर कमी को पूरा करने में दही बहुत प्रभावशाली है. यह व्यक्ति की उम्र बढ़ाने में मददगार है.

कॉटेज चीज
कॉटेज चीज में फैट और कैलोरी कम होती है. प्रोटीन का एक बड़ा स्रोत होने के अलावा, इस प्रकार के चीज में कैल्शियम, फास्फोरस, सेलेनियम, विटामिन बी12 और अन्य आवश्यक पोषक तत्व होते हैं.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मासपेशियों में दर्द के प्रकार, कारण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें।

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